काशीपुर। उत्तराखंड के विकासशील और औद्योगिक परिदृश्य में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है, जब सूबे के मुखिया ने जनभावनाओं के अनुरूप क्षेत्र को करोड़ों रुपये की सौगातें प्रदान कीं। राज्य सरकार के इस महत्वपूर्ण कदम से कुमाऊं मंडल के इस प्रमुख व्यापारिक केंद्र काशीपुर की सूरत बदलने वाली है, जिससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी भारी सहूलियत मिलेगी। इस विशेष वर्चुअल आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न केवल विभिन्न आधारभूत परियोजनाओं की नींव रखी, बल्कि पूर्व में स्वीकृत हो चुके कार्यों को जनता को समर्पित भी किया। सरकार का यह कदम साफ तौर पर यह दर्शाता है कि सीमांत राज्य के हर कोने तक आधुनिक सुख-सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार केवल कागजों पर योजनाएं बनाने में विश्वास नहीं रखती, बल्कि धरातल पर काम करके जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
इस बड़े आयोजन में केवल बुनियादी ढांचे को ही मजबूती नहीं दी गई, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को भी नया गौरव प्रदान किया गया। सरकार द्वारा उठाए गए कदमों में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने से जुड़े हुए हैं। मुख्यमंत्री ने कुल मिलाकर लगभग चौंतीस करोड़ रुपये की महायोजना का खाका पेश किया, जिसके तहत शहर के कुल आठ प्रमुख चौराहों का कायाकल्प किया जाना सुनिश्चित हुआ है। इस महायोजना के पहले चरण की शुरुआत करते हुए उन्होंने दो अत्यंत महत्वपूर्ण चौराहों के निर्माण की घोषणा की, जो न केवल यातायात को नियंत्रित करेंगे बल्कि शहर के सौंदर्य को भी बढ़ाएंगे। इसके तहत सिख समुदाय की आस्था के बड़े केंद्र की तरफ जाने वाले मार्ग पर स्थित स्टेडियम तिराहे का नामकरण अब ननकाना साहिब चौक किया गया है, जिसके विकास के लिए तीन करोड़ पैंतीस लाख रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है। इसके साथ ही देश के स्वाभिमान के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जी के नाम पर महाराणा प्रताप चौक का सुंदरीकरण और निर्माण कार्य चार करोड़ तीस लाख रुपये की लागत से शुरू किया जा रहा है।

क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देने के लिए सबसे बड़ा प्रहार यहां की खस्ताहाल सड़कों पर किया गया है, जो लंबे समय से स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई थीं। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर-रामनगर एनएच-309 मार्ग के जीर्णाेद्धार, निर्माण और मरम्मत कार्य की आधारशिला रखी, जिस पर करीब सोलह करोड़ इक्यासी लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यह मार्ग इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि यह देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, नैनीताल और रामनगर से सीधे जोड़ता है। वर्तमान समय में चल रहे व्यस्त पर्यटन सीजन को देखते हुए इस मार्ग का सुदृढ़ीकरण बेहद अनिवार्य हो गया था, क्योंकि पर्यटकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार इस मार्ग को सुधारने की मांग उठाई जा रही थी। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मंच से ही कड़ा रुख अपनाते हुए लोक निर्माण विभाग के सचिव और एनएच के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरसात के मौसम से ठीक पहले काशीपुर से मुरादाबाद जाने वाली सड़क का पैच वर्क और आवश्यक मरम्मत कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाए।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने और युवाओं के शारीरिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो अन्य बड़ी योजनाओं का भी लोकार्पण किया गया। इसके तहत जिला स्तरीय प्राधिकरण, ऊधम सिंह नगर के क्षेत्रीय कार्यालय, काशीपुर में उनचास लाख चौबीस हजार रुपये की लागत से तैयार प्रीफैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर का उद्घाटन किया गया, जिससे आम जनता को अपने प्रशासनिक कार्यों के लिए बेहतर माहौल मिल सकेगा। इसके साथ ही युवाओं और खेल प्रेमियों को प्रोत्साहित करने के लिए काशीपुर स्टेडियम में चौबीस लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक ओपन जिम को जनता को समर्पित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केंद्र की लोक-कल्याणकारी नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन में आज पूरे देश के साथ-साथ उत्तराखंड में भी स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, खेल और शहरी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व गति से कार्य चल रहे हैं। सरकार का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलें और व्यापारिक गतिविधियों को नई ऊंचाइयां प्रदान की जा सकें।

औद्योगिक मोर्चे पर भी इस क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है, जिससे आने वाले समय में स्थानीय स्तर पर ही युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। इसी कड़ी में सरकार द्वारा एक सौ तैंतीस करोड़ रुपये की भारी निवेश राशि से इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पार्क को विकसित किया जा रहा है, जिसमें अब तक सोलह प्रमुख औद्योगिक इकाइयों को भूमि का आवंटन भी किया जा चुका है। इसके साथ ही व्यापार और स्वरोजगार को नई दिशा देने के लिए एक हजार एक सौ करोड़ रुपये की वृहद औद्योगिक परियोजना तथा एक सौ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विशेष अरोमा पार्क पर भी युद्धस्तर पर काम चल रहा है। शहर के भीतर बेतरतीब ट्रैफिक और जलभराव की समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए सरकार एक मास्टर प्लान के तहत आगे बढ़ रही है, जिसमें लगभग एक हजार नौ सौ पचास करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से पेयजल, सीवरेज, सड़क सुधार और आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसे कार्यों को धरातल पर उतारा जा रहा है।
यातायात को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए काशीपुर-रामनगर राजमार्ग को फोर लेन में अपग्रेड करने के लिए चार सौ चौरानवे करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की जा चुकी है, जबकि शहर को जाम से बड़ी राहत देने वाला तीन किलोमीटर लंबा मिनी बाईपास भी शुरू हो चुका है। इसके साथ ही चालकों की सुविधा और पारदर्शिता के लिए सात करोड़ रुपये से अधिक की लागत से काशीपुर, हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक की आधुनिक सुविधा की शुरुआत की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों की कार्यशैली पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि पुराना दौर वह था जब योजनाएं केवल फाइलों में लटकी रहती थीं, लेकिन वर्तमान की डबल इंजन सरकार ‘नो पेंडेंसी’ के सिद्धांत पर काम कर रही है। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि जिस योजना का शिलान्यास किया जाएगा, उसका तय समय सीमा के भीतर लोकार्पण भी किया जाएगा ताकि विकास की यह निरंतर यात्रा कभी न रुके।

इस भव्य और गरिमामयी वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान धरातल पर कई वरिष्ठ नेता, प्रशासनिक अधिकारी और पार्टी कार्यकर्ता भारी संख्या में मौजूद रहे, जिन्होंने सरकार के इन फैसलों का स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से महापौर दीपक बाली उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने संबोधन में बताया कि नगर निगम और विकास प्राधिकरण के माध्यम से कुल आठ चौराहों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें से आज पहले चरण में दो प्रमुख चौराहों का कार्य शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग केवल झूठे वादे करते हैं, जबकि भाजपा सरकार सचमुच काम करके दिखाती है, जिसके लिए जनता का आभार व्यक्त करना चाहिए। इस ऐतिहासिक मौके पर जिलाध्यक्ष मनोज पाल, विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट, पीसीयू चेयरमैन राम मेहरोत्रा, राज्य मंत्री शायरा बानो, प्रदेश संयोजक चिकित्सा प्रकोष्ठ डॉ यशपाल रावत, वरिष्ठ भाजपा नेता आशीष गुप्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता खिलेन्द्र चौधरी और जिला उपाध्यक्ष मोहन बिष्ट प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इनके अलावा इस महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक समागम में स्थानीय पार्षदों और संगठन के पदाधिकारियों ने भी हिस्सा लिया, जो सरकार के विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।उपस्थित गणमान्य लोगों में पार्षद बीना नेगी, पार्षद वैशाली गुप्ता, पार्षद अनिता काम्बोज, पार्षद विजय बॉबी, पार्षद संजय शर्मा, पार्षद मयंक मेहता, पार्षद प्रिंस बाली, पार्षद मनोज जग्गा, पार्षद मोनिस आशी, पार्षद पुष्कर बिष्ट, जिला उपाध्यक्ष सृष्टि आहूजा, मंडल अध्यक्ष अर्जुन सिंह तथा वरिष्ठ भाजपा नेता ईश्वर गुप्ता समेत सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता और आम शहरी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया कि बाकी बचे छह चौराहों के विकास का खाका भी तैयार है और जैसे ही बजट की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, उनका निर्माण कार्य भी तेजी से शुरू कर दिया जाएगा, क्योंकि जहां प्रदेश की कमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जैसे विजनरी नेता के हाथ में हो, वहां विकास कार्यों के लिए धन की कमी कभी आ ही नहीं सकती।





