काशीपुर। विकास और पर्यावरण संरक्षण की एक नई इबारत लिखते हुए प्रथम नागरिक महापौर दीपक बाली ने आज भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए दो बड़े क्रांतिकारी कदमों की आधारशिला रखी है। काशीपुर के वार्ड संख्या 36 स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक परिसर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान महापौर ने न केवल करोड़ों की योजनाओं का खाका खींचा, बल्कि शहरवासियों को आत्मनिर्भरता का एक नया मंत्र भी दिया। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 85 लाख 68 हजार रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार होने वाला ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट’ रहा, जिसका विधिवत शिलान्यास करते हुए महापौर ने जल संकट के आसन्न खतरे के प्रति जनता को आगाह किया। इस दौरान राजकीय पॉलीटेक्निक में आयोजित इस विशेष आयोजन में शिक्षाविदों और राजनीति से जुड़े दिग्गजों की भारी मौजूदगी रही, जिन्होंने शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की इस पहल को मुक्त कंठ से सराहा। दीपक बाली ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में विकास वही है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए संसाधनों को सुरक्षित रखे, अन्यथा हम केवल विनाश की ओर कदम बढ़ा रहे होंगे।
शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए महापौर दीपक बाली ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से अपनी बात रखते हुए कहा कि जल ही जीवन है और यह केवल एक नारा नहीं बल्कि एक कड़वी हकीकत है जिसे हमें आज स्वीकार करना ही होगा। उन्होंने राजकीय पॉलीटेक्निक में बनने वाले इस विशालकाय रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रोजेक्ट को काशीपुर की प्यास बुझाने की दिशा में एक ‘मददगार संजीवनी’ करार दिया। महापौर ने जोर देकर कहा कि जिस तेजी से भूजल स्तर नीचे गिर रहा है, उसे देखते हुए पानी की एक-एक बूंद को बचाना अब हम सभी का व्यक्तिगत और सामूहिक दायित्व बन गया है। उन्होंने वहां उपस्थित युवाओं और छात्रों का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि एक जन-आंदोलन होना चाहिए। 85 लाख से अधिक की लागत वाला यह प्रोजेक्ट आधुनिक तकनीक से लैस होगा, जो वर्षा काल में व्यर्थ बह जाने वाले पानी को जमीन की गहराई तक पहुंचाकर जल स्तर को रिचार्ज करने का काम करेगा, जिससे भविष्य में इस क्षेत्र के निवासियों को जल संकट का सामना न करना पड़े।
जल संरक्षण की इस नींव को रखने के पश्चात महापौर दीपक बाली ने ऊर्जा के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक शुरुआत की, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आयोजित ‘सोलर उद्यमिता प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रम’ का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। नौ दिनों तक चलने वाले इस विशेष प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य युवाओं को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है। इस अवसर पर अपने ओजस्वी संबोधन में महापौर ने बड़े ही स्पष्ट शब्दों में कहा कि “सौर ऊर्जा आज के समय की सबसे अनिवार्य आवश्यकता है” और हमें अपनी पुरानी बिजली खपत की आदतों को बदलना होगा। उन्होंने बताया कि सूर्य की किरणों से प्राप्त होने वाली यह अक्षय ऊर्जा न केवल मध्यम वर्गीय परिवारों के बिजली बिल के भारी बोझ को शून्य कर देगी, बल्कि यह ग्लोबल वार्मिंग जैसी वैश्विक समस्या से निपटने में भी पर्यावरण की सबसे बड़ी हितैषी साबित होगी। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को आम नागरिक के लिए एक वरदान बताते हुए उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक सोलर पैनल अपनाने की अपील की।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की बारीकियों पर चर्चा करते हुए महापौर दीपक बाली ने कहा कि राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान, काशीपुर अब सौर ऊर्जा की नई क्रांति का केंद्र बनेगा, जहां से निकलने वाले कुशल उद्यमी पूरे क्षेत्र में उजाला फैलाएंगे। उनका मानना है कि जब एक आम आदमी अपने घर की छत पर सूर्य घर योजना के तहत सोलर सिस्टम स्थापित करता है, तो वह केवल बिजली नहीं बनाता बल्कि राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा में अपना अमूल्य योगदान देता है। महापौर ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सौर ऊर्जा का उपयोग बिजली के खर्च को न्यूनतम करने का सबसे सरल और प्रभावी साधन है। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में यह नौ दिवसीय कार्यक्रम स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास का एक बड़ा द्वार खोलेगा। उन्होंने उपस्थित लोगों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि तकनीक और प्रकृति का यह संगम ही काशीपुर को एक आदर्श ‘ग्रीन सिटी’ के रूप में स्थापित करेगा, जहां संसाधनों का दोहन नहीं बल्कि उनका संरक्षण सर्वोपरि होगा।
इस गरिमामयी और महत्वपूर्ण आयोजन के साक्षी के रूप में शहर की कई प्रमुख राजनीतिक और शैक्षणिक हस्तियां मंच पर मौजूद रहीं, जिन्होंने महापौर के विजन को मजबूती प्रदान की। कार्यक्रम में विशेष रूप से पवन बख्शी, पार्षद शाह आलम, पार्षद वैशाली गुप्ता, पार्षद अनीता कांबोज और पार्षद रवि प्रजापति ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और विकास कार्यों पर चर्चा की। इनके साथ ही संगठन की शक्ति को दर्शाते हुए युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष सचिन ठाकुर, शक्ति केंद्र संयोजक अमर सिंह रावत, बूथ अध्यक्ष रेखा सक्सेना और युवा मोर्चा महामंत्री करण भारद्वाज ने भी कार्यक्रम में भागीदारी कर स्थानीय कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन किया। महामंत्री नगर मंडल वैभव गुप्ता और आवास विकास मंडल अध्यक्ष जयदीप ढोंडियाल के साथ मंडल उपाध्यक्ष सतनाम सिंह ने भी महापौर द्वारा किए जा रहे इन जनोपयोगी कार्यों की सराहना की। इस मौके पर पूरी टीम ने यह संकल्प लिया कि वे घर-घर जाकर लोगों को जल संरक्षण और सौर ऊर्जा के लाभों के बारे में जागरूक करेंगे ताकि इन सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंच सके।
शैक्षणिक जगत की ओर से राजकीय पॉलीटेक्निक के प्रधानाचार्य विरेंद्र पाल ने इस परियोजना को संस्थान के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया और महापौर का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की तकनीकी गरिमा को बनाए रखने में सिविल डिपार्टमेंट के एचओडी एच डी भट्ट, आई टी विभाग के एचओडी जगदीश चन्द्र और फार्मेसी विभाग के एचओडी विपिन वर्मा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही सुपरवाइजर जयेदव और संस्थान के अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति ने यह सुनिश्चित किया कि यह शिलान्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन न रहकर एक सफल कार्यशाला के रूप में उभरे। कार्यक्रम के अंत में महापौर ने सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ परियोजना स्थल का निरीक्षण किया और कार्य की गुणवत्ता तथा समयबद्धता को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। आज के इस दोहरे धमाके ने काशीपुर की जनता के बीच यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि नगर निगम प्रशासन अब आधुनिक तकनीक और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलन के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए पूरी तरह तैयार है।





