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श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चैत्र नवरात्र से पहले संवर गया उज्जैनी शक्ति पीठ

चैती मेले में मां बाल सुंदरी देवी के शीशे से सुगम दर्शन के साथ भक्तों को मिलेगा भव्य मुंडन हॉल और निशुल्क यात्री निवास का उपहार जहाँ पांडा विकास अग्निहोत्री के नेतृत्व में सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष कायाकल्प हुआ है।

काशीपुर। उज्जैनी शक्ति पीठ श्री मां भगवती बाल सुंदरी देवी मंदिर के मुख्य पांडा विकास अग्निहोत्री ने बात करते हुए कहा कि काशीपुर स्थित उज्जैनी शक्ति पीठ श्री मां भगवती बाल सुंदरी देवी मंदिर में आगामी चौत्र नवरात्र और चौत्र मेले को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। मंदिर परिसर में इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को दर्शन करने और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि इस बार मंदिर में दर्शन व्यवस्था को पहले से अधिक सुगम और स्पष्ट बनाने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं।

मुख्य पांडा विकास अग्निहोत्री पहले मंदिर में लगे दरवाजे और जाली के कारण कई बार श्रद्धालुओं को माता के दर्शन स्पष्ट रूप से नहीं हो पाते थे, जिससे भक्तों को असंतोष भी होता था। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए इस बार मंदिर में नया शीशा लगवाया गया है। इस नई व्यवस्था के बाद अब श्रद्धालु दूर से ही माता के स्पष्ट और सहज दर्शन कर सकेंगे। पहले जाली और रेलिंग के कारण कई बार माता की प्रतिमा पूरी तरह दिखाई नहीं देती थी, लेकिन अब पारदर्शी शीशे की व्यवस्था होने से दर्शन का अनुभव कहीं अधिक संतोषजनक हो गया है।

विकास अग्निहोत्री ने कहा कि मंदिर समिति का उद्देश्य केवल मंदिर की सामान्य व्यवस्थाओं को संचालित करना भर नहीं है, बल्कि उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण यह है कि यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की आस्था और भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाए। उन्होंने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन दूर-दराज से हजारों भक्त माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और हर व्यक्ति अपने मन में गहरी श्रद्धा, विश्वास और भक्ति लेकर यहां आता है। ऐसे में मंदिर समिति की जिम्मेदारी बनती है कि उन्हें ऐसा शांत, पवित्र और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाए जहां वे बिना किसी असुविधा या अव्यवस्था के मां भगवती बाल सुंदरी देवी के दर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को भीड़, धक्का-मुक्की या अन्य किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंदिर समिति का प्रयास है कि भक्त जब भी यहां आएं तो उन्हें आध्यात्मिक शांति, संतोष और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति हो।

मंदिर परिसर में धार्मिक संस्कारों की व्यवस्था को भी इस बार अधिक व्यवस्थित रूप देने का प्रयास किया गया है। विकास अग्निहोत्री ने बताया कि हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने बच्चों का मुंडन संस्कार कराने के लिए मंदिर पहुंचते हैं। पहले यह संस्कार खुले स्थानों पर या भीड़ के बीच संपन्न कराना पड़ता था, जिससे छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को कई बार असुविधा होती थी। खासतौर पर गर्मी के मौसम में भीड़ के कारण छोटे बच्चे परेशान हो जाते थे और परिवारों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था। इस स्थिति को देखते हुए इस बार मंदिर परिसर में मुंडन संस्कार के लिए अलग से एक हॉल तैयार किया जा रहा है।

उन्होने कहा कि इस हॉल में परिवारों को शांत और व्यवस्थित वातावरण में धार्मिक संस्कार कराने की सुविधा मिलेगी। यहां बैठने की व्यवस्था, साफ-सफाई और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि परिवारों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि अभी इस हॉल का कुछ कार्य प्रगति पर है और प्रयास किया जा रहा है कि चौत्र नवरात्र प्रारंभ होने से पहले यह पूरी तरह तैयार हो जाए। मंदिर समिति का मानना है कि जब श्रद्धालु अपने बच्चों के संस्कार कराने के लिए यहां आते हैं तो उन्हें भीड़भाड़ और अव्यवस्था का सामना नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें एक ऐसा वातावरण मिलना चाहिए जहां वे श्रद्धा और संतोष के साथ अपने धार्मिक संस्कार पूरे कर सकें।

मंदिर परिसर के विकास और विस्तार को लेकर भी इस बार कई कार्य किए गए हैं। विकास अग्निहोत्री ने बताया कि पिछले कुछ समय में मंदिर परिसर में कई सुधार कार्य किए गए हैं जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिल सके। पहले मंदिर परिसर अपेक्षाकृत छोटा होने के कारण भीड़ के समय भक्तों को काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब परिसर का विस्तार किया गया है और कई स्थानों को व्यवस्थित किया गया है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बैठने और विश्राम करने के लिए भी स्थान विकसित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के आवागमन को ध्यान में रखते हुए रास्तों को भी व्यवस्थित किया गया है ताकि भीड़ के समय किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।

विकास अग्निहोत्री ने कहा कि मंदिर समिति लगातार यह प्रयास कर रही है कि आने वाले वर्षों में भी मंदिर परिसर में सुविधाओं को और अधिक विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए यहां आने वाले हर भक्त को बेहतर अनुभव मिलना चाहिए। मंदिर समिति इन सभी कार्यों को श्रद्धालुओं के सहयोग और मां भगवती की कृपा से पूरा कर रही है और भविष्य में भी इसी प्रकार विकास कार्य जारी रहेंगे।

पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में लगाए गए पेड़ों की सुरक्षा के लिए भी विशेष कदम उठाए गए हैं। विकास अग्निहोत्री ने बताया कि मंदिर परिसर में कई पौधे और पेड़ मंदिर समिति द्वारा लगाए गए हैं और उनकी सुरक्षा के लिए उनके आसपास मिट्टी चढ़ाकर तथा सुरक्षा घेरा बनाकर व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि चौती मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु मंदिर परिसर में आते हैं और भीड़ अधिक होने के कारण कई बार पेड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इसी कारण इन पेड़ों के संरक्षण के लिए यह कदम उठाया गया है ताकि कोई पशु या व्यक्ति अनजाने में उन्हें नुकसान न पहुंचा सके।

उन्होंने कहा कि यदि हम पेड़ लगाते हैं तो उनकी सुरक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी है। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं होता बल्कि उनका संरक्षण करना भी उतना ही आवश्यक है। मंदिर परिसर को हराभरा और स्वच्छ बनाए रखने के लिए मंदिर समिति लगातार प्रयास कर रही है। विकास अग्निहोत्री ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर पर्यावरण संरक्षण का विशेष महत्व होता है क्योंकि यहां आने वाले श्रद्धालु प्रकृति और आस्था दोनों से जुड़े होते हैं। इसलिए मंदिर परिसर को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

आगामी चौत्र नवरात्र और चौती मेले को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां तेजी से चल रही हैं। विकास अग्निहोत्री ने बताया कि इस वर्ष चौत्र नवरात्र 19 मार्च से प्रारंभ होने जा रहे हैं और उसी के साथ मां भगवती का चौती मेला भी शुरू होगा। इस अवसर को लेकर मंदिर परिसर में साफ-सफाई, रंग-रोगन और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई नए निर्माण कार्य भी किए गए हैं जिनमें यात्री निवास, महिला निवास और भंडार गृह प्रमुख हैं। इन व्यवस्थाओं के तैयार होने से दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सुविधा मिलेगी।

विकास अग्निहोत्री ने बताया कि 25 मार्च की अर्धरात्रि में माता जी नगर मंदिर से चलकर चौती मेले के लिए यहां पधारेंगी और 31 मार्च तक मंदिर परिसर में विराजमान रहेंगी। इस अवधि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन करने के लिए यहां पहुंचेंगे और अपनी मनोकामनाएं लेकर माता के दरबार में नतमस्तक होंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान मां भगवती की शक्ति का विशेष महत्व माना जाता है और यहां की परंपरा के अनुसार सच्ची श्रद्धा और विश्वास से माता के दरबार में आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

श्रद्धालुओं के ठहरने और विश्राम की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में यात्री निवास का निर्माण भी किया गया है। विकास अग्निहोत्री ने बताया कि इन यात्री निवासों का उपयोग श्रद्धालु निशुल्क कर सकेंगे। इससे दूर-दराज से आने वाले भक्तों को रहने के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित स्थान मिलेगा। उन्होंने बताया कि चौती मेले के दौरान कई बार मौसम अचानक बदल जाता है और बारिश या गर्मी के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। ऐसे में ये यात्री निवास श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित आश्रय का काम करेंगे।

मुख्य पंडा ने बताया कि इन भवनों में पंखे और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि श्रद्धालु आराम से विश्राम कर सकें। खासकर छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को ध्यान में रखते हुए इन व्यवस्थाओं को तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर परिसर के दक्षिण द्वार के पास भी एक नया निर्माण कार्य किया जा रहा है जिससे मंदिर परिसर की व्यवस्थाएं और अधिक सुव्यवस्थित हो सकें।

मंदिर में होने वाले भंडारों और अन्य धार्मिक आयोजनों को देखते हुए भंडार गृह का निर्माण भी कराया जा रहा है। विकास अग्निहोत्री ने बताया कि चौती मेले के दौरान बड़ी संख्या में भंडारे आयोजित किए जाते हैं और इसके लिए भोजन सामग्री तथा अन्य वस्तुओं को सुरक्षित रखने के लिए उचित स्थान की आवश्यकता होती है। इसी उद्देश्य से भंडार गृह का निर्माण कराया जा रहा है ताकि भंडारे की व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित ढंग से की जा सके।

मुख्य पांडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि इसके साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में नए शौचालयों का निर्माण भी कराया गया है। उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना मंदिर समिति की प्राथमिकता है। स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए इन सुविधाओं को आधुनिक तरीके से तैयार किया जा रहा है ताकि आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

अंत में विकास अग्निहोत्री ने कहा कि मंदिर समिति का प्रयास है कि इस वर्ष का चौती मेला श्रद्धालुओं के लिए पहले से अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित हो। मंदिर परिसर में किए जा रहे सभी निर्माण और सुधार कार्य श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मां भगवती की कृपा और श्रद्धालुओं के सहयोग से यह पवित्र धाम लगातार विकसित हो रहा है। आने वाले समय में भी मंदिर समिति का प्रयास रहेगा कि यहां आने वाले भक्तों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएं और वे श्रद्धा, भक्ति और शांति के वातावरण में मां भगवती बाल सुंदरी देवी के दर्शन कर सकें तथा उनकी कृपा प्राप्त कर सकें।

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