रामनगर। बढ़ती ठंड के बीच बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के लिए बनाए गए रैन बसेरे की बदहाल स्थिति उस वक्त प्रशासन के सामने आ गई, जब उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने बिना पूर्व सूचना के वहां औचक निरीक्षण किया। गैस गोदाम रोड पर स्थित नगर पालिका प्रशासन द्वारा संचालित इस रैन बसेरे में जैसे ही एसडीएम पहुंचे, वहां फैली अव्यवस्था और गंदगी ने उन्हें खासा नाराज कर दिया। निरीक्षण के दौरान जगह-जगह कूड़ा, गंदे फर्श, अस्त-व्यस्त सामान और साफ-सफाई के अभाव ने यह साफ कर दिया कि जिन लोगों को ठंड से राहत देने के उद्देश्य से यह व्यवस्था बनाई गई थी, उनके स्वास्थ्य और गरिमा का समुचित ध्यान नहीं रखा जा रहा। एसडीएम प्रमोद कुमार ने मौके पर ही कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया और तुरंत नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल को तलब कर हालात सुधारने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रैन बसेरे जैसी संवेदनशील व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि यहां ठहरने वाले लोग पहले से ही कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रहे हैं।
कुछ दिनों से रामनगर और आसपास के इलाकों में कड़ाके की ठंड लगातार बढ़ती जा रही है। रात के समय तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे खुले में रहने वाले लोगों के लिए हालात और भी मुश्किल हो गए हैं। इसी पृष्ठभूमि में प्रशासन द्वारा रैन बसेरे संचालित किए जा रहे हैं, ताकि ठंड से बचाव हो सके। एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि बढ़ती ठंड को देखते हुए ही उन्होंने स्वयं रैन बसेरे का निरीक्षण करने का निर्णय लिया था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां रहने वाले लोगों को पर्याप्त सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, वह बेहद चिंताजनक थी। उन्होंने कहा कि भारी गंदगी न सिर्फ प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि वहां ठहरे लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है। ठंड के मौसम में गंदगी और नमी से संक्रमण फैलने की आशंका कई गुना बढ़ जाती है, ऐसे में साफ-सफाई में लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
औचक निरीक्षण के समय एसडीएम ने रैन बसेरे के भीतर मौजूद व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने पाया कि सफाई व्यवस्था लंबे समय से उपेक्षित है और नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं की जा रही। फर्श पर गंदगी, बिस्तरों के आसपास कूड़ा और शौचालयों की हालत देखकर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। मौके पर मौजूद कर्मचारियों को भी फटकार लगाई गई और उनसे सवाल किया गया कि जब यह रैन बसेरा नगर पालिका के अधीन है, तो फिर इसकी निगरानी ठीक से क्यों नहीं की जा रही। इसके तुरंत बाद एसडीएम प्रमोद कुमार ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल को निर्देश दिए कि तत्काल प्रभाव से यहां व्यापक सफाई अभियान चलाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी कहा कि रैन बसेरे की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की ड्यूटी तय की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
बढ़ती ठंड को ध्यान में रखते हुए एसडीएम प्रमोद कुमार ने केवल सफाई ही नहीं, बल्कि यहां रहने वाले लोगों की सुविधाओं पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि रैन बसेरे में ठंड से बचाव के लिए हीटर की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। इस पर उन्होंने नगर पालिका प्रशासन को निर्देश दिए कि यहां तत्काल हीटर लगाए जाएं, ताकि रात के समय लोगों को ठंड से राहत मिल सके। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कि हीटर का उपयोग सावधानी से किया जाना चाहिए और कमरों में कुछ समय के लिए ही हीटर चलाकर तापमान को गर्म किया जाए, इसके बाद उन्हें बंद कर दिया जाए। इसका उद्देश्य यह है कि आग या दम घुटने जैसी किसी भी दुर्घटना की आशंका न रहे और रैन बसेरे में ठहरे लोग पूरी तरह सुरक्षित रहें।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम प्रमोद कुमार ने यह भी जानकारी दी कि रैन बसेरे में पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग रहने की व्यवस्था की गई है। यहां आठ पुरुष और चार महिलाओं को ठहराने की अलग व्यवस्था मौजूद है, ताकि सभी को सम्मानजनक और सुरक्षित माहौल मिल सके। उन्होंने बताया कि बिस्तर, रजाई और गद्दों की संख्या निरीक्षण के समय पर्याप्त पाई गई, जो एक सकारात्मक पहलू है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल बिस्तर और रजाई उपलब्ध करा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे परिसर की स्वच्छता और सुविधाओं की निरंतर देखरेख भी उतनी ही जरूरी है। एसडीएम ने निर्देश दिए कि रजाइयों और गद्दों की भी नियमित सफाई कराई जाए और समय-समय पर धूप में सुखाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार के कीटाणु या दुर्गंध से बचा जा सके।
प्रशासनिक सख्ती के बीच एसडीएम ने नगर पालिका प्रशासन को यह भी चेताया कि रैन बसेरे जैसी व्यवस्थाओं में मानवीय संवेदनाओं को सर्वाेपरि रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यहां रहने वाले लोग समाज के सबसे कमजोर वर्ग से आते हैं और ठंड के मौसम में उनके लिए यह रैन बसेरा किसी सहारे से कम नहीं है। यदि यहां अव्यवस्था और गंदगी होगी, तो इसका सीधा असर उनके स्वास्थ्य और मनोबल पर पड़ेगा। उन्होंने अधिशासी अधिकारी आलोक उनियाल को स्पष्ट निर्देश दिए कि सफाई व्यवस्था के लिए अलग से कर्मचारी तैनात किए जाएं और रोजाना सुबह-शाम निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, यह भी कहा गया कि यदि भविष्य में इस प्रकार की शिकायत सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के बाद एसडीएम प्रमोद कुमार ने मौके पर मौजूद लोगों से भी बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। रैन बसेरे में ठहरे कुछ लोगों ने ठंड और सफाई को लेकर अपनी परेशानियां साझा कीं, जिस पर एसडीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने कहा कि ठंड के इस दौर में किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को परेशानी न हो, यह प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। उन्होंने नगर पालिका को निर्देश दिए कि रैन बसेरे की व्यवस्थाओं को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की जाए और उसे नियमित रूप से अपडेट किया जाए, ताकि उच्च स्तर पर भी इसकी निगरानी हो सके।
समूचे घटनाक्रम के बाद यह स्पष्ट हो गया कि प्रशासन अब रैन बसेरों की स्थिति को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही सहने के मूड में नहीं है। एसडीएम प्रमोद कुमार का यह औचक निरीक्षण न सिर्फ नगर पालिका के लिए चेतावनी साबित हुआ, बल्कि यह संदेश भी गया कि ठंड के मौसम में जरूरतमंदों की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन की सख्ती के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि रामनगर के रैन बसेरे में सफाई व्यवस्था दुरुस्त होगी, ठंड से बचाव के पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे और वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित व सम्मानजनक माहौल मिल सकेगा।



