देहरादून। मुख्यमंत्री आवास परिसर के मुख्य सेवक सदन में भारतीय मानक ब्यूरो के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम ने गुणवत्ता, मानकीकरण और औद्योगिक विश्वसनीयता के महत्व को एक बार फिर केंद्र में ला दिया। इस विशेष अवसर पर उत्तराखंड–उत्तर प्रदेश प्लाईवुड संगठन से जुड़े संदीप गुप्ता एवं आदित्य अग्रवाल, नॉर्दर्न प्लाईवुड, रामनगर को माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा “एक्सीलेंस इन क्वालिटी” सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान उन उद्योगों को प्रदान किया गया, जिन्होंने भारतीय मानकों का उत्कृष्ट अनुपालन करते हुए गुणवत्ता, भरोसे और उपभोक्ता संतुष्टि के क्षेत्र में मिसाल कायम की है। कार्यक्रम में मौजूद उद्योग जगत, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि का प्रतीक बना, बल्कि राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में प्रेरणास्रोत भी सिद्ध हुआ।
मुख्य सेवक सदन में आयोजित समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय मानक ब्यूरो की ऐतिहासिक भूमिका और उसके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बीते लगभग आठ दशकों में भारतीय मानक ब्यूरो ने गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए हैं। वर्ष 1947 में भारतीय मानक संस्था के रूप में प्रारंभ हुई इस संस्था की यात्रा आज देश की औद्योगिक, वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति की मजबूत आधारशिला बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि BIS केवल मानक तय करने वाली संस्था नहीं रही, बल्कि यह देश के विकास पथ को दिशा देने वाला एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुकी है, जिसकी वजह से भारतीय उत्पादों की वैश्विक स्तर पर पहचान और स्वीकार्यता बढ़ी है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मानकीकरण का दायरा समय के साथ लगातार विस्तृत हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले जहां BIS की भूमिका मुख्य रूप से औद्योगिक उत्पादों तक सीमित मानी जाती थी, वहीं आज यह कृषि, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, ऊर्जा, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन और डिजिटल सेवाओं जैसे अनेक क्षेत्रों में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल सुरक्षा, मेडिकल डिवाइस, ड्रोन तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहन, रिसाइकिल सामग्री और हरित ऊर्जा जैसे आधुनिक और भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में BIS समयानुकूल मानक तय कर देश को तकनीकी रूप से सशक्त बना रहा है।
समारोह में उपस्थित अतिथियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया अभियानों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन राष्ट्रीय अभियानों को मजबूती देने में भारतीय मानक ब्यूरो की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में गुणवत्ता का प्रतीक बनाने का जो सपना देखा गया है, उसे साकार करने में BIS की मानक प्रणाली निर्णायक भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार भी स्थानीय उद्योगों, हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पादों, औषधीय जड़ी-बूटियों और पारंपरिक खाद्य उत्पादों के लिए उच्च गुणवत्ता मानक स्थापित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।
राज्य सरकार की पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह ब्रांड उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गुणवत्ता और मानकीकरण के माध्यम से राज्य के उत्पादों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का यह प्रयास न केवल स्थानीय कारीगरों और किसानों को लाभ पहुंचाएगा, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि BIS के सहयोग से उत्तराखंड अपने उत्पादों को गुणवत्ता के वैश्विक मानकों के अनुरूप स्थापित करने में सफल रहेगा।
गुणवत्ता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गुणवत्ता केवल एक औपचारिक मानक नहीं, बल्कि इसे आदत के रूप में अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने आह्वान किया कि गुणवत्ता आधारित संस्कृति को जन-आंदोलन के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग इसमें अपनी भूमिका निभा सके। उन्होंने कहा कि “वन नेशन, वन स्टैंडर्ड” की नीति के अंतर्गत BIS भारत को वैश्विक मानकों की प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाने में सक्षम है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में यह संस्था महत्वपूर्ण योगदान देगी।

सम्मान समारोह के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी BIS और राज्य सरकार की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करने वाले उद्योगों को इस प्रकार का सम्मान मिलना अन्य उद्यमियों के लिए प्रेरणा का कार्य करता है। नॉर्दर्न प्लाईवुड, रामनगर को मिला “एक्सीलेंस इन क्वालिटी” सम्मान इस बात का प्रमाण है कि यदि उद्योग गुणवत्ता और विश्वसनीयता को प्राथमिकता दें, तो वे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं। इस सम्मान से न केवल कंपनी की प्रतिष्ठा बढ़ी है, बल्कि पूरे प्लाईवुड उद्योग के लिए एक सकारात्मक संदेश भी गया है।
कार्यक्रम में मौजूद विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ और सविता कपूर ने भी भारतीय मानक ब्यूरो के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता मानकों के कारण उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ा है और भारतीय उत्पादों की साख मजबूत हुई है। BIS निदेशक सौरभ तिवारी ने अपने संबोधन में संस्था की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि BIS लगातार बदलती तकनीक और बाजार की जरूरतों के अनुरूप नए मानक विकसित कर रहा है, जिससे उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सके।
इस अवसर पर यू-कॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि अनुसंधान और मानकीकरण का समन्वय राज्य और देश दोनों के विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि BIS के साथ मिलकर उत्तराखंड में नवाचार आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित ब्रिगेडियर के.जी. बहल (सेनि) और उद्योग एवं व्यापार संघ के प्रतिनिधियों ने भी गुणवत्ता आधारित विकास को समय की मांग बताया और BIS की भूमिका को सराहा।
समारोह में नॉर्दर्न प्लाईवुड, रामनगर के संदीप गुप्ता ने सम्मान प्राप्त करने के बाद अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनकी कंपनी का नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड–उत्तर प्रदेश प्लाईवुड संगठन और उन सभी कर्मचारियों का है, जिन्होंने वर्षों से गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। संदीप गुप्ता ने कहा कि BIS के मानकों का पालन करना शुरू में चुनौतीपूर्ण अवश्य लगता है, लेकिन दीर्घकाल में यह उद्योग की विश्वसनीयता और बाजार में पहचान को मजबूत करता है। उन्होंने यह भी कहा कि गुणवत्ता आधारित उत्पादन से उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है, जो किसी भी उद्योग की सबसे बड़ी पूंजी होती है। भविष्य में भी नॉर्दर्न प्लाईवुड गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण और नवाचार के क्षेत्र में निरंतर कार्य करता रहेगा।
सम्मान समारोह में आदित्य अग्रवाल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “एक्सीलेंस इन क्वालिटी” सम्मान मिलना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों का विषय है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा निर्धारित मानकों ने उद्योगों को सही दिशा दी है और उपभोक्ताओं को सुरक्षित व विश्वसनीय उत्पाद उपलब्ध कराए हैं। आदित्य अग्रवाल ने कहा कि नॉर्दर्न प्लाईवुड, रामनगर ने हमेशा गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं करने की नीति अपनाई है और यही कारण है कि आज कंपनी को यह सम्मान प्राप्त हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए उद्योगों को गुणवत्ता को मूल मंत्र बनाना होगा और BIS के साथ मिलकर आगे बढ़ना होगा।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित अतिथियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने इस बात पर सहमति जताई कि गुणवत्ता और मानकीकरण ही भविष्य की अर्थव्यवस्था की कुंजी हैं। भारतीय मानक ब्यूरो के 79वें स्थापना दिवस पर आयोजित यह समारोह न केवल सम्मान वितरण का मंच बना, बल्कि गुणवत्ता आधारित विकास की दिशा में एक मजबूत संदेश भी देने में सफल रहा। राज्य सरकार, BIS और उद्योग जगत के बीच इस प्रकार का समन्वय उत्तराखंड को औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।



