काशीपुर। प्रदेश की राजनीति एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर तेज हो गई है और इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन का रुख अख्तियार कर लिया है। उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों में भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इसी कड़ी में काशीपुर में भाजपा नगर मंडल की ओर से कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अंकिता भंडारी के नाम पर राजनीति चमकाने का प्रयास कर रही है, जबकि यह मामला न्यायिक प्रक्रिया से गुजर चुका है। इसी आक्रोश के तहत काशीपुर में कांग्रेस पार्टी का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के नारेबाजी और नारों से माहौल पूरी तरह राजनीतिक गर्मी से भर गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह मुद्दा आने वाले समय में और अधिक तीखा रूप ले सकता है।
राज्य में यह राजनीतिक उबाल उस समय और तेज हो गया जब उर्मिला सनावर से जुड़ी एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई, जिसके बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लगातार हमले तेज कर दिए थे। कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के जवाब में अब भारतीय जनता पार्टी खुलकर सामने आ गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस इस संवेदनशील हत्याकांड को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जबकि सच्चाई इससे अलग है। भाजपा का दावा है कि सरकार और प्रशासन ने इस मामले में शुरू से ही गंभीरता दिखाई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। इसी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदेश भर में आंदोलन शुरू किया है, ताकि जनता के बीच यह संदेश जाए कि न्याय के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

काशीपुर महानगर में यह विरोध प्रदर्शन महाराणा प्रताप चौक पर आयोजित किया गया, जहां भाजपा नगर मंडल के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में एकत्र हुए। चौक पर एकत्र भीड़ ने “कांग्रेस पार्टी शर्म करो” जैसे नारों के साथ कांग्रेस के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस पार्टी का पुतला जलाकर प्रतीकात्मक रूप से विरोध जताया। उनका कहना था कि कांग्रेस बार-बार अंकिता भंडारी का नाम लेकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ चुकी है। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं का आक्रोश साफ दिखाई दे रहा था और पूरा क्षेत्र राजनीतिक नारों से गूंज उठा।
भाजपा नेताओं ने इस दौरान यह भी स्पष्ट किया कि राज्य के मुख्यमंत्री ने बीते दिनों एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक रूप से सामने रखा है। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री ने न केवल मामले की स्थिति स्पष्ट की, बल्कि यह भी बताया कि इस हत्याकांड के आरोपी आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। इसके बावजूद कांग्रेस इस विषय को लेकर बार-बार सरकार को घेरने का प्रयास कर रही है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का उद्देश्य न्याय नहीं, बल्कि राजनीतिक फायदा उठाना है। इसी मानसिकता के विरोध में काशीपुर में कांग्रेस पार्टी का पुतला दहन किया गया, ताकि जनता को सच्चाई से अवगत कराया जा सके।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड पूरे उत्तराखंड के लिए एक दर्दनाक घटना रही है और इस मामले में राजनीति करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भाजपा का कहना है कि सरकार ने पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाया है। इसके बावजूद कांग्रेस बार-बार इस मुद्दे को उछालकर प्रदेश में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस संवेदनशील मामले को लेकर भावनात्मक माहौल बनाकर राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहती है। इसी कारण भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए आंदोलन का रास्ता चुना है।
काशीपुर में हुए इस प्रदर्शन में भाजपा के कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे, जिन्होंने कांग्रेस पर तीखे शब्दों में हमला बोला। मौके पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गुरविंदर सिंह चंडोक ने कहा कि कांग्रेस को प्रदेश की जनता को गुमराह करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कानून ने अपना काम किया है और दोषियों को सजा मिल चुकी है। ऐसे में कांग्रेस द्वारा बार-बार इस मुद्दे को उठाना सिर्फ राजनीतिक दुर्भावना को दर्शाता है। उनके साथ वरिष्ठ भाजपा नेता आशीष गुप्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने कहा कि कांग्रेस की यह राजनीति जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है।
इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा महानगर मंडल अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह मानस ने भी कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को चाहिए कि वह संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाए। उनके अनुसार अंकिता भंडारी का नाम लेकर सियासत करना न केवल अनुचित है, बल्कि पीड़िता के परिवार के जख्मों को भी कुरेदने जैसा है। प्रदर्शन में महानगर मंडल उपाध्यक्ष श्याम मोहन, महामंत्री वैभव गुप्ता और कोषाध्यक्ष धीरज वर्मा भी शामिल रहे, जिन्होंने एक स्वर में कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला दहन कार्यक्रम में भाग लिया।
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद अन्य भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में महानगर मंडल मीडिया प्रभारी भागीरथ शर्मा, दीपक अग्रवाल बंटी, अनिल यादव, राजकुमार यादव, अभिनव राजपूत, रेखा सक्सेना, रजत सिद्धू, राजीव ठुकराल, नितिन गोले, आशीष अग्रवाल और करन भारद्वाज प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर कांग्रेस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि भाजपा अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी रहेगी, लेकिन इस मुद्दे पर किसी भी प्रकार की राजनीति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाजपा नेताओं का कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की तपिस से पूरा उत्तराखंड पहले ही सुलग चुका है और ऐसे में कांग्रेस द्वारा इस आग में घी डालने का काम किया जा रहा है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस का उद्देश्य सिर्फ सरकार को बदनाम करना है, जबकि जमीनी सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। इसी भावना के साथ भाजपा ने प्रदेश भर में कांग्रेस के खिलाफ आंदोलन शुरू किया है। काशीपुर में किया गया पुतला दहन इसी आंदोलन का हिस्सा है, जो आने वाले दिनों में अन्य स्थानों पर भी जारी रहेगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड अब केवल एक कानूनी मामला नहीं रह गया है, बल्कि प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। जहां एक ओर कांग्रेस इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर है, वहीं दूसरी ओर भाजपा कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतर आई है। काशीपुर में हुआ यह प्रदर्शन इसी राजनीतिक टकराव का एक उदाहरण है, जिसने प्रदेश की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।



