रामनगर। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित की जाने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं को लेकर इस वर्ष अभूतपूर्व तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में राज्यभर से कुल दो लाख 16 हजार 121 परीक्षार्थी शामिल होने जा रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि शिक्षा व्यवस्था के प्रति विद्यार्थियों और अभिभावकों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। परिषद के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी ने परीक्षा संबंधी आंकड़ों और व्यवस्थाओं की जानकारी साझा करते हुए बताया कि हाईस्कूल स्तर पर इस बार एक लाख 12 हजार 679 छात्र-छात्राएं परीक्षा में बैठेंगे, जबकि इंटरमीडिएट परीक्षा में एक लाख तीन हजार 442 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। यह संख्या राज्य के शैक्षिक ढांचे की व्यापकता और बोर्ड परीक्षा के महत्व को स्पष्ट रूप से रेखांकित करती है, क्योंकि हर वर्ष लाखों विद्यार्थियों का भविष्य इन परीक्षाओं से जुड़ा होता है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो हाईस्कूल परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों में अधिकांश संख्या संस्थागत छात्रों की है। परिषद द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार हाईस्कूल स्तर पर एक लाख 10 हजार 573 छात्र-छात्राएं नियमित विद्यालयों से परीक्षा देंगे, जबकि दो हजार 106 परीक्षार्थी व्यक्तिगत श्रेणी में पंजीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार इंटरमीडिएट परीक्षा में 99 हजार 345 विद्यार्थी संस्थागत रूप से और चार हजार 97 विद्यार्थी व्यक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में सम्मिलित होंगे। इस तरह इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल एक लाख तीन हजार 442 छात्र-छात्राएं अपनी योग्यता और परिश्रम की परीक्षा देंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि औपचारिक शिक्षा से बाहर रह चुके विद्यार्थी भी अपने शैक्षिक सपनों को पूरा करने के लिए बोर्ड परीक्षा को माध्यम बना रहे हैं।

परीक्षाओं के सुव्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की है। इस वर्ष राज्यभर में कुल 1261 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 24 नए केंद्र शामिल किए गए हैं। नए परीक्षा केंद्रों के जुड़ने से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अब उन्हें परीक्षा देने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। परिषद द्वारा केंद्रों के चयन में भौगोलिक परिस्थितियों, विद्यार्थियों की संख्या और प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखा गया है। परीक्षा केंद्रों की यह संख्या यह भी दर्शाती है कि बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कितनी गंभीरता और व्यापक योजना बनाई गई है।
परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए संवेदनशीलता के आधार पर भी परीक्षा केंद्रों को वर्गीकृत किया गया है। परिषद के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी ने बताया कि कुल 156 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील और छह केंद्रों को अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। अति संवेदनशील केंद्रों में हरिद्वार जनपद के चार केंद्र, पिथौरागढ़ का एक और अल्मोड़ा का एक परीक्षा केंद्र शामिल है। इन केंद्रों पर विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या नकल की संभावना को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। प्रशासन का मानना है कि संवेदनशील केंद्रों की पहचान पहले से कर लेने से परीक्षा के दौरान किसी भी चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा।
नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस बार पहले से कहीं अधिक सख्त इंतजाम किए गए हैं। परिषद ने स्पष्ट किया है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन और किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक सामग्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में केवल निर्धारित सामग्री ही ले जाने की अनुमति होगी। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों पर तैनात निरीक्षकों और पर्यवेक्षकों को भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। दूरस्थ और संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर जिला प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा, जिससे सुरक्षा और अनुशासन दोनों सुनिश्चित किए जा सकें।
बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार इस वर्ष प्रयोगात्मक परीक्षाओं और आंतरिक मूल्यांकन की प्रक्रिया भी सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जाएगी। परिषद द्वारा जारी कार्यक्रम के तहत 16 जनवरी 2026 से 15 फरवरी 2026 तक इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं, हाईस्कूल की प्रयोगात्मक परीक्षाएं, आंतरिक मूल्यांकन और प्रोजेक्ट कार्य पूरे कराए जाएंगे। इस अवधि में विद्यालयों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी मूल्यांकन कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे हों। प्रयोगात्मक परीक्षाओं को छात्रों की वास्तविक क्षमता का आकलन करने का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है, इसलिए इस चरण पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।

मुख्य लिखित परीक्षाओं की बात करें तो उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 21 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 20 मार्च 2026 तक आयोजित की जाएंगी। इस लगभग एक महीने की अवधि में राज्यभर के लाखों विद्यार्थी विभिन्न विषयों की परीक्षाओं में भाग लेंगे। परिषद का कहना है कि प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, परीक्षा केंद्रों पर अनुशासन और उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित मूल्यांकन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले ही पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के बीच समन्वय स्थापित किया गया है। परिषद को विश्वास है कि इस वर्ष की बोर्ड परीक्षाएं अनुशासन, निष्पक्षता और पारदर्शिता का उदाहरण प्रस्तुत करेंगी।



