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महाराणा प्रताप चौक का बदलेगा स्वरूप फरवरी से शुरू होगा काशीपुर का भव्य सौंदर्यकरण: बाली

महापौर दीपक बाली ने अधिकारियों संग स्थल निरीक्षण कर स्पष्ट किया कि बिना तोड़फोड़ हरियाली, लाइटिंग, पार्किंग और आधुनिक डिजाइन के साथ काशीपुर को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित शहर की नई पहचान दी जाएगी।

काशीपुर। नगर के हृदय स्थल माने जाने वाले महाराणा प्रताप चौंक को एक नई पहचान देने की दिशा में नगर निगम प्रशासन ने ठोस पहल शुरू कर दी है। शहर की आन-बान-शान कहे जाने वाले इस प्रमुख चौराहे के सौंदर्यकरण को लेकर महापौर दीपक बाली स्वयं मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के साथ गहन निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान महापौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होते ही फरवरी माह से इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। उनका उद्देश्य केवल चौराहे को सजाना नहीं, बल्कि इसे ऐसा स्वरूप देना है कि काशीपुर आने वाला हर व्यक्ति बदलाव को महसूस करे। महापौर ने कहा कि महाराणा प्रताप चौंक काशीपुर की पहचान है और इसे इस तरह विकसित किया जाएगा कि यह शहर की प्रगति, स्वच्छता और सुंदरता का प्रतीक बन सके। उन्होंने भरोसा जताया कि इस सौंदर्यकरण के बाद लोग कहेंगे कि काशीपुर अब पहले जैसा नहीं रहा, बल्कि एक नए युग में प्रवेश कर चुका है।

दिन में लगभग 11 बजे महापौर दीपक बाली महाराणा प्रताप चौंक पर पहुंचे, जहां उनके साथ पेयजल परियोजना प्रबंधक एवं अधिशासी अभियंता प्राधिकरण नरेंद्र नवानी तथा पेयजल निगम के आर्किटेक्ट हेम जोशी भी मौजूद रहे। इस दौरान पूरे चौराहे का बारीकी से निरीक्षण किया गया और यह तय किया गया कि किन स्थानों पर किस प्रकार का सौंदर्यकरण किया जाना है। महापौर ने अधिकारियों को समझाया कि किस तरह हरियाली, लाइटिंग, संरचनात्मक डिजाइन और यातायात व्यवस्था का संतुलन बनाया जाए, ताकि चौराहा सुंदर होने के साथ-साथ व्यवस्थित भी रहे। अधिकारियों ने महापौर को आश्वस्त किया कि उनके विजन के अनुरूप ही नहीं, बल्कि उससे भी बेहतर कार्य कर दिखाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना में तेजी लाई जा रही है और डिजाइन से लेकर क्रियान्वयन तक हर चरण को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान महापौर दीपक बाली ने स्पष्ट किया कि यह सौंदर्यकरण कार्य किसी निजी एजेंसी के हवाले नहीं, बल्कि सरकारी विभागों द्वारा किया जाएगा, जिसमें नगर निगम सहयोगी की भूमिका निभाएगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सौंदर्यकरण के नाम पर कहीं भी चौड़ीकरण के लिए तोड़फोड़ नहीं की जाएगी और न ही किसी की दुकान, भवन या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जाएगा। महापौर ने बताया कि इस क्षेत्र में पौधारोपण किया जाएगा, आकर्षक फैंसी लाइटें लगाई जाएंगी और गुरुद्वारे की निकटता को देखते हुए आरओबी के नीचे श्रद्धालुओं के लिए सीमित पार्किंग की व्यवस्था भी की जाएगी। उनका कहना था कि विकास कार्य का उद्देश्य लोगों को सुविधा देना है, न कि उन्हें परेशान करना। इसलिए हर कदम सोच-समझकर और जनता के हित को ध्यान में रखकर उठाया जाएगा।

शहर की बुनियादी समस्याओं पर भी महापौर दीपक बाली ने इस दौरान खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि काशीपुर में कई स्थानों पर विद्युत पोल जर्जर अवस्था में हैं, जिन्हें बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विद्युत विभाग द्वारा लगभग एक हजार नए पोल खरीदने की व्यवस्था की गई है, ताकि बिजली व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। इसके साथ ही बार-बार सड़कों की खुदाई को लेकर महापौर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जनता को किसी भी हाल में अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी। यदि कोई भी सरकारी विभाग नगर निगम को विश्वास में लिए बिना सड़कों को तोड़ता है और उन्हें समय पर ठीक नहीं करता, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, आवश्यकता पड़ी तो मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो भी विभाग सड़क खोदेगा, उसे यह स्पष्ट करना होगा कि वह कितने समय में उसे पूरी तरह दुरुस्त करेगा।

प्रस्तावित सौंदर्यकरण कार्यों का निरीक्षण करने के बाद महापौर दीपक बाली मीडिया से रूबरू हुए और पूरे प्रोजेक्ट को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना किसी व्यक्ति या समूह को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि पूरे शहर की सुंदरता और सुव्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से तैयार की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि इस संबंध में पहले ही संबंधित विभागों को लिखित निर्देश दिए जा चुके हैं और फाइबर लाइन से जुड़े कार्यों को लेकर भी पत्राचार किया गया है। निरीक्षण के दौरान नगर निगम ऊधमसिंह नगर के अधिकारियों के साथ-साथ देहरादून से आए आर्किटेक्ट्स की टीम भी मौजूद रही, ताकि डिजाइन को अंतिम रूप दिया जा सके। महापौर ने कहा कि काशीपुर को एक आर्ट सिटी के रूप में पहचान दिलाना उनका सपना है और उसी सोच के साथ सौंदर्यकरण की पूरी योजना तैयार की जा रही है।

महापौर दीपक बाली ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य हर हाल में फरवरी माह समाप्त होने से पहले इस परियोजना पर काम शुरू कराना है। डिजाइन ड्राइंग और टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने दोहराया कि सौंदर्यकरण या चौड़ीकरण के नाम पर किसी भी निजी दुकान या भवन को एक इंच भी नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। नगर निगम इस पूरे कार्य में केवल सहयोगी की भूमिका निभाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कार्य के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। महापौर ने हाल ही में पूरे किए गए एक पुराने लंबित कार्य का उदाहरण देते हुए कहा कि जो काम दो महीने से अधिक समय से अटका था, उसे मात्र साढ़े तीन दिन में पूरा कर लिया गया और यातायात को एक मिनट के लिए भी बाधित नहीं होने दिया गया। इससे यह साफ होता है कि विकास कार्य अगर योजना और अनुशासन के साथ किए जाएं, तो जनता को असुविधा नहीं होती।

आगे की योजना पर विस्तार से बात करते हुए महापौर दीपक बाली ने बताया कि महाराणा प्रताप चौंक क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा दिया जाएगा और पिलर्स तथा अन्य ढांचों को आकर्षक स्वरूप दिया जाएगा, ताकि पूरा इलाका देखने में भव्य और सुंदर लगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां किसी प्रकार का प्लेग्राउंड विकसित नहीं किया जाएगा, लेकिन गुरुद्वारे के समीप आने वाले श्रद्धालुओं, विशेषकर सिख समुदाय की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सीमित पार्किंग स्पेस अवश्य विकसित किया जाएगा। इसके अलावा विद्युत व्यवस्था को सुधारने के लिए ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और अन्य तकनीकी सुधारों पर भी काम शुरू हो चुका है। महापौर ने भरोसा दिलाया कि शहर की हर बड़ी समस्या का समाधान चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और काशीपुर को एक सुव्यवस्थित, स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विकास साफ तौर पर दिखाई देगा और नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर मिलेगा।

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कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

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