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प्री-एसआईआर प्रक्रिया तेज बीएलओ कर रहे डोर टू डोर मैपिंग दस्तावेज नहीं मांगे जा रहे, एसडीएम अभय प्रताप सिंह

मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और भरोसेमंद बनाने के लिए काशीपुर प्रशासन सक्रिय, घर-घर सर्वे से हर मतदाता से संवाद, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ चल रही प्री-एसआईआर की अहम तैयारी प्रक्रिया।

काशीपुर। उत्तराखंड में चल रही प्री-एसआईआर प्रक्रिया को लेकर काशीपुर में प्रशासनिक स्तर पर गंभीर और सुव्यवस्थित प्रयास किए जा रहे हैं। इस संदर्भ में काशीपुर के एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने “हिंदी दैनिक सहर प्रजातंत्र” से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में विशेष गहन पुनरीक्षण से पूर्व की गतिविधियां पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस चरण में बीएलओ के माध्यम से डोर-टू-डोर सर्वे कर मतदाता सूची की मैपिंग का कार्य किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य हर मतदाता तक सीधी पहुंच बनाना, उनसे संवाद स्थापित करना और यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में दर्ज प्रत्येक नाम वास्तविक और सत्यापित हो। एसडीएम के अनुसार यह प्रक्रिया केवल आंकड़ों का मिलान नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे काशीपुर की चुनावी व्यवस्था को और अधिक विश्वसनीय बनाया जा सके।

लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती पर जोर देते हुए एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र की आत्मा उसकी मतदाता सूची में निहित होती है। यदि मतदाता सूची त्रुटिरहित, अद्यतन और विश्वसनीय नहीं होगी, तो निष्पक्ष चुनाव की कल्पना अधूरी रह जाएगी। इसी सोच के साथ विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी योजना तैयार की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर को केवल एक औपचारिक प्रशासनिक प्रक्रिया मानना गलत होगा, क्योंकि इसका सीधा संबंध नागरिकों के मौलिक अधिकारों से जुड़ा है। इस प्रक्रिया का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे और साथ ही मतदाता सूची में कोई भी अपात्र नाम शामिल न हो। अभय प्रताप सिंह ने भरोसा दिलाया कि प्रशासन इस कार्य को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ अंजाम देगा, ताकि आमजन का लोकतांत्रिक प्रणाली पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।

प्री-एसआईआर गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताते हुए एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने कहा कि यह एक पूर्व तैयारी चरण है, जिसमें भविष्य की एसआईआर प्रक्रिया की मजबूत नींव रखी जा रही है। इस चरण में मतदाता सूची से जुड़े मूलभूत आंकड़ों की जांच, मिलान और मैपिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि घर-घर सर्वेक्षण के दौरान बीएलओ मतदाताओं से सीधे संपर्क कर रहे हैं, उनके विवरण का सत्यापन कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सूची में दर्ज जानकारी जमीनी हकीकत से मेल खाती हो। एसडीएम ने कहा कि यह संवाद केवल प्रशासनिक औपचारिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य नागरिकों को इस प्रक्रिया से जोड़ना और उन्हें भरोसा दिलाना है कि उनकी भागीदारी लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है। इस संवाद के जरिए मतदाताओं को अपनी बात रखने का अवसर भी मिल रहा है।

वर्ष 2003 और वर्ष 2025 की मतदाता सूचियों की तुलना को लेकर एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि यह प्री-एसआईआर प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। दोनों सूचियों के बीच विस्तृत मैपिंग की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि समय के साथ किन-किन बदलावों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्षों पहले दर्ज नामों की वर्तमान स्थिति की जांच की जा रही है और यह देखा जा रहा है कि कौन से मतदाता अभी भी क्षेत्र में निवास कर रहे हैं, कौन स्थानांतरित हो चुके हैं और किनका नाम सूची में बना रहना चाहिए। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि नए योग्य मतदाताओं को सूची में सही ढंग से शामिल करना भी इस प्रक्रिया का अहम उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यह कार्य अत्यंत सूक्ष्मता और धैर्य के साथ किया जा रहा है, क्योंकि मतदाता सूची में की गई छोटी सी चूक भी लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित कर सकती है।

निगरानी व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि मैपिंग और सर्वे से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा के लिए सुपरवाइजर, तहसीलदार और स्वयं उनके स्तर पर लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों में फील्ड से प्राप्त सूचनाओं का विश्लेषण किया जाता है, सामने आ रही समस्याओं पर चर्चा होती है और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। एसडीएम ने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी स्तर बिना निगरानी के न रहे और प्रत्येक कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाए। उन्होंने यह भी कहा कि इन बैठकों का उद्देश्य केवल रिपोर्ट प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार लाना और किसी भी तरह की कमी को समय रहते दूर करना है।

राजनीतिक दलों की सहभागिता को लेकर एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया में सभी राजनीतिक पार्टियों को विश्वास में लिया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर उन्हें एसआईआर और प्री-एसआईआर की कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई है। एसडीएम ने बताया कि दलों से अनुरोध किया गया है कि वे प्रत्येक बूथ स्तर पर अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करें, ताकि प्रशासन द्वारा की जा रही गतिविधियों की जानकारी उन्हें समय-समय पर साझा की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी दल या उनके प्रतिनिधियों को किसी स्तर पर कोई त्रुटि या कमी नजर आती है, तो वे उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रशासन के संज्ञान में ला सकते हैं। अभय प्रताप सिंह ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया सहयोग और संवाद पर आधारित है, जिससे मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध व विश्वसनीय बनाया जा सके।

मतदाता सूची से जुड़े संवेदनशील पहलुओं पर चर्चा करते हुए एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि इस दौरान उन व्यक्तियों की पहचान भी की जा रही है, जिनका निधन हो चुका है, जो क्षेत्र से स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं या जो वर्तमान में यहां निवास नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नामों का समय रहते चिन्हांकन बेहद आवश्यक है, ताकि मतदाता सूची में अनावश्यक या गलत प्रविष्टियां न बनी रहें। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यह कार्य पूरी संवेदनशीलता और नियमों के अनुरूप किया जा रहा है, जिससे किसी भी परिवार या नागरिक को मानसिक या सामाजिक असुविधा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी का नाम मनमाने ढंग से हटाना नहीं है, बल्कि वास्तविक तथ्यों और सत्यापन के आधार पर सूची को शुद्ध करना है।

दस्तावेजों को लेकर फैली भ्रांतियों पर एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान समय में किसी भी नागरिक से किसी प्रकार के कागजात नहीं मांगे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह चरण केवल प्री-एसआईआर गतिविधियों का है, जिसमें घर-घर सर्वे और मैपिंग का कार्य किया जा रहा है। एसडीएम ने कहा कि लोग बिना किसी भय या संकोच के सर्वे टीम से संवाद करें और सही जानकारी साझा करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब दस्तावेजों की आवश्यकता होगी, तब नियमानुसार और विधिवत प्रक्रिया के तहत ही उनसे मांग की जाएगी। फिलहाल किसी से भी प्रमाण पत्र या अन्य कागजात प्रस्तुत करने की अपेक्षा नहीं है, इसलिए अफवाहों से बचें और प्रशासन पर भरोसा बनाए रखें।

टेबल टॉप एक्सरसाइज और फील्ड सर्वे को लेकर एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि वर्तमान में सबसे अहम कार्य मैपिंग को सटीक रूप से पूरा करना है। फील्ड से प्राप्त आंकड़ों को एकत्र कर उनका विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि वास्तविक स्थिति का स्पष्ट और सटीक आकलन हो सके। इसके आधार पर फील्ड सर्वे को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया चरणबद्ध है और हर कदम सोच-समझकर उठाया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि किसी भी स्तर पर जल्दबाजी न हो और प्रत्येक निर्णय ठोस तथ्यों पर आधारित हो, जिससे अंतिम परिणाम पूरी तरह भरोसेमंद हो।

अंत में एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने काशीपुर की जनता से विशेष गहन पुनरीक्षण की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि पूरे समाज और लोकतंत्र से जुड़ा हुआ है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे सर्वे टीम का सहयोग करें, सही जानकारी उपलब्ध कराएं और यदि किसी प्रकार की आपत्ति या सुझाव हो तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दर्ज कराएं। एसडीएम ने भरोसा दिलाया कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ संपन्न कराई जाएगी, जिससे काशीपुर में लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक सशक्त, भरोसेमंद और मजबूत बन सके।

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कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

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