रामनगर।आगामी 9 अगस्त से खटीमा से प्रारंभ होने वाले उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के जनसंवाद अभियान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मियां तेज होती दिखाई दीं। देवभूमि व्यापार मंडल सभागार में आयोजित व्यापक संवाद कार्यक्रम में क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं, जनहित से जुड़े मुद्दों और आगामी अभियान की रणनीति पर गंभीर मंथन किया गया। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के नगर संयोजक आसिफ की अध्यक्षता तथा केंद्रीय सचिव लालमणि के संचालन में आयोजित इस बैठक में सामाजिक संगठनों, जन आंदोलनों से जुड़े प्रतिनिधियों, व्यापारियों और विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बैठक के दौरान यह स्पष्ट संदेश देने का प्रयास किया गया कि प्रदेश की जनता जिन मूलभूत समस्याओं से वर्षों से जूझ रही है, उन्हें केवल चुनावी वादों तक सीमित नहीं रहने दिया जाएगा, बल्कि जनसंवाद के माध्यम से लोगों के बीच जाकर उनकी आवाज को संगठित किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड के गांवों से लेकर शहरों तक स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, महंगाई, नशे की बढ़ती प्रवृत्ति, वन क्षेत्रों की समस्याएं तथा मूलभूत सुविधाओं के अभाव जैसे अनेक विषय लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ऐसे में जनता से सीधा संवाद स्थापित कर व्यापक जनजागरण अभियान चलाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक आम नागरिक स्वयं इन मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज नहीं उठाएंगे, तब तक समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं होगा। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए 9 अगस्त से शुरू होने वाला जनसंवाद अभियान केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक चेतना जगाने का प्रयास बताया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी ने विस्तार से बताया कि 9 अगस्त का दिन भारतीय इतिहास में विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1942 में इसी दिन अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान “करो या मरो” का ऐतिहासिक आह्वान किया गया था, जिसने पूरे देश में आजादी की अलख जगाई थी। उसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को प्रेरणा मानते हुए उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी इस वर्ष 9 अगस्त 2026 से खटीमा से जनसंवाद अभियान का पहला चरण प्रारंभ करने जा रही है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल सभाएं करना नहीं है, बल्कि गांव-गांव, कस्बे-कस्बे और शहरों में पहुंचकर लोगों की वास्तविक समस्याओं को सुनना, उनके सुझावों को एकत्रित करना और जनहित के मुद्दों को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देना है। प्रभात ध्यानी ने उपस्थित सभी सामाजिक संगठनों, महिला समूहों, व्यापारिक संगठनों, युवा प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि यह अभियान किसी एक दल या संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के भविष्य और जनता के अधिकारों से जुड़ा जन अभियान है। उन्होंने कहा कि यदि समाज के विभिन्न वर्ग एक मंच पर आकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे तो सरकारों को भी जनता की वास्तविक समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना पड़ेगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर समाज और प्रदेश के व्यापक हित में इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी निभाएं।
संवाद कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जन संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रामनगर क्षेत्र की अनेक गंभीर समस्याओं को खुलकर बैठक के सामने रखा। वक्ताओं ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है, जिसके कारण आम लोगों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। कई लोगों ने अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, दवाओं की अनुपलब्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाते हुए इसे तत्काल दूर करने की मांग की। इसके साथ ही लगातार बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को भी समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल बताया गया। बैठक में युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि रोजगार के अवसर सीमित होते जा रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में युवा निराशा का सामना कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को सामाजिक ताने-बाने के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इस पर प्रभावी नियंत्रण की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने यह भी कहा कि जंगली जानवरों का आतंक ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा है, जिससे किसानों की फसलें नष्ट हो रही हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है। नहरों में पानी के साथ आ रही गंदगी को लेकर भी लोगों ने गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि इससे खेती के साथ-साथ जनस्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वन गांवों में रहने वाले लोगों को आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहने की पीड़ा झेलनी पड़ रही है तथा वर्षों से मालिकाना हक नहीं मिलने के कारण उनमें गहरा आक्रोश व्याप्त है। इन सभी मुद्दों पर उपस्थित लोगों ने एकमत होकर कहा कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए संगठित जनदबाव बनाना आवश्यक है।
बैठक में केवल समस्याओं पर चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि उनके समाधान के लिए आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा भी तय की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 24 जुलाई को रामनगर सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस दौरान अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, चिकित्सकों की संख्या, दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों को मिलने वाली आवश्यक सेवाओं को बेहतर बनाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया कि 5 अगस्त को महिला एकता मंच द्वारा मालधन सामुदायिक अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर आयोजित धरने में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी और अन्य जन संगठनों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। बैठक में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने इस आंदोलन को जनहित से जुड़ा बताते हुए इसे व्यापक समर्थन देने का भरोसा दिलाया। साथ ही सर्वसम्मति से यह भी तय किया गया कि 9 अगस्त को खटीमा से प्रारंभ होने वाले उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के जनसंवाद अभियान में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे और प्रदेशभर में जनता के मुद्दों को लेकर जागरूकता फैलाने का कार्य करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि यदि विभिन्न सामाजिक संगठन, महिला समूह, किसान, मजदूर, व्यापारी, युवा और आम नागरिक एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे तो प्रदेश की ज्वलंत समस्याओं के समाधान की दिशा में मजबूत पहल संभव हो सकेगी। बैठक के दौरान इस बात पर भी बल दिया गया कि आंदोलन केवल विरोध का माध्यम नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रभावी प्रयास भी बनना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय सचिव लालमणि ने कहा कि वर्तमान समय में अनेक ऐसे विषय हैं जिन पर व्यापक जनसंवाद की आवश्यकता महसूस की जा रही है। उनका मानना था कि जब तक जनता स्वयं अपनी समस्याओं पर खुलकर चर्चा नहीं करेगी और समाधान के लिए संगठित प्रयास नहीं करेगी, तब तक वास्तविक बदलाव की उम्मीद करना कठिन होगा। उन्होंने कहा कि जनसंवाद अभियान का उद्देश्य लोगों को जागरूक करना, विभिन्न सामाजिक वर्गों को एक मंच पर लाना और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक चिंतन की संस्कृति को मजबूत करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 9 अगस्त को खटीमा से प्रारंभ होने वाला अभियान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचेगा और आम लोगों की आवाज को नई दिशा देगा। इस अवसर पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी, इंकलाबी मज़दूर केंद्र के रोहित रुहेला, समाजवादी लोक मंच के गिरीश आर्या एवं जगमोहन रावत, महिला एकता मंच की सरस्वती देवी तथा कौशल्या, देवभूमि व्यापार मंडल के संरक्षक मनमोहन अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता पनी राम, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय सचिव लालमणि, आसिफ, किरन आर्या, सुनील, मेघा, प्रेम राम, उम्मेद सिंह नेगी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि प्रदेश की जनता की समस्याओं को केवल बैठकों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से उन्हें प्रभावी ढंग से उठाकर समाधान की दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे।





