रामनगर। शिक्षा और रचनात्मकता का अद्भुत संगम उस समय देखने को मिला, जब एम0 पी0 हिन्दू इण्टर कॉलेज के प्रांगण में नगरपालिका परिषद रामनगर की पहल पर स्वच्छता पर केंद्रित निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। आयोजन की विशेषता यह रही कि विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने न केवल उत्साहपूर्वक भाग लिया, बल्कि अपनी कल्पनाशक्ति और रचनात्मकता के माध्यम से स्वच्छता के प्रति गहरा संदेश भी दिया। विद्यालय के मीडिया प्रभारी हेम चन्द्र पाण्डे के अनुसार, इस कार्यक्रम में बच्चों का जोश देखते ही बनता था। आयोजन के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार शर्मा, न0 पा0 परिषद रामनगर के ई0ओ0 आलोक उनियाल तथा कला अध्यापक जफर अली के निर्देशन में प्रतिभागियों ने अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति को पूरे जोश और लगन के साथ प्रस्तुत किया। स्कूल परिसर में वातावरण पूरी तरह रचनात्मकता और सामाजिक जागरूकता से सराबोर था, मानो हर चित्र और हर शब्द स्वच्छता का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा हो।
प्रतियोगिता के दौरान बच्चों ने अपने ब्रश और कलम को हथियार बनाकर स्वच्छता के संदेश को जीवंत कर दिया। चित्रकला, नारे लेखन और निबंध के रूप में उकेरी गई इन कलाकृतियों में ‘सड़क पर कचरा न डालें’, ‘पॉलीथिन का इस्तेमाल बंद करें’, ‘शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाएं’ जैसे संदेश प्रमुख रूप से झलक रहे थे। हर छात्र ने अपनी सोच और कल्पनाओं को रंगों और शब्दों में ढालकर स्वच्छता की महत्ता को एक नए अंदाज़ में प्रस्तुत किया। विद्यालय के शिक्षकों में मेवा लाल, राजीव कुमार शर्मा, शिवेन्द्र विक्रम चंद्र, गौरव शर्मा, चेतन स्वरूप और सरला मर्ताेलिया के साथ-साथ नगरपालिका से उत्कर्ष कुमार भी इस कार्यक्रम के साक्षी बने। प्रतिभागियों की रचनाओं को देखकर उपस्थित जनों ने माना कि बच्चों के भीतर न केवल कला के प्रति गहरी रुचि है, बल्कि समाज को बेहतर बनाने की इच्छा भी उतनी ही प्रबल है।

कार्यक्रम का आकर्षण यह था कि निबंध प्रतियोगिता में 30, नारे लेखन में 10 और चित्रकला में 40 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों को “मैं स्वच्छता के लिए क्या करूंगा/करूंगी” और “मेरे सपनों का स्वच्छ रामनगर” जैसे विषय दिए गए, जिन पर उन्होंने अपनी रचनात्मकता का बेहतरीन प्रदर्शन किया। बच्चों ने अपने विचारों को इतनी प्रभावशाली ढंग से व्यक्त किया कि न केवल उनके साथियों, बल्कि उपस्थित शिक्षकों और अधिकारियों के मन में भी स्वच्छता के प्रति नई चेतना जागृत हुई। चित्रों में जहां रंग-बिरंगे ब्रश स्ट्रोक्स के जरिए गंदगी मुक्त और हरियाली से भरपूर रामनगर का सपना साकार किया गया, वहीं निबंधों में शब्दों की ताकत से साफ-सुथरे वातावरण के महत्व को रेखांकित किया गया। प्रत्येक प्रस्तुति मानो यह कह रही थी कि स्वच्छता केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवन शैली का अहम हिस्सा है।
विद्यालय के मीडिया प्रभारी हेम चन्द्र पाण्डे ने इस दौरान जानकारी साझा करते हुए कहा कि स्वच्छता पर आधारित इस विशेष प्रतियोगिता का उद्देश्य न केवल छात्रों में जागरूकता फैलाना है, बल्कि उनमें जिम्मेदारी और सक्रिय भागीदारी की भावना को भी प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि निबंध, चित्रकला और नारे लेखन जैसे विविध माध्यमों के जरिये विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता को एक नई दिशा दी है, जिससे वे अपने आस-पास के वातावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए प्रेरित हों। पाण्डे ने यह भी कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाते हैं, क्योंकि इनके माध्यम से वे अपने विचारों को सशक्त रूप से व्यक्त करना सीखते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रतिभागी विद्यार्थी भविष्य में भी स्वच्छता को लेकर इसी तरह सक्रिय रहेंगे और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम योगदान देंगे।

कला अध्यापक जफर अली ने इस दौरान बताया कि स्वच्छता विषय पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशक्ति और कलात्मक कौशल का अद्भुत प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि चित्रकला जैसे माध्यम बच्चों को अपनी सोच को रंगों और आकृतियों के जरिए अभिव्यक्त करने का अवसर देते हैं, जिससे उनकी रचनात्मकता के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता भी विकसित होती है। जफर अली ने जोर देकर कहा कि कला केवल सौंदर्य का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज में संदेश पहुंचाने का एक प्रभावी साधन भी है, और इस प्रतियोगिता के जरिये छात्रों ने यह सिद्ध कर दिया। उन्होंने खुशी जताई कि विद्यार्थियों ने स्वच्छता को लेकर अपनी समझ को इतनी सुंदर और सार्थक कलाकृतियों के रूप में प्रस्तुत किया। साथ ही उन्होंने आशा व्यक्त की कि आगे भी बच्चे कला के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।
ई0ओ0 आलोक उनियाल ने इस दौरान बच्चों से कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सीखने और अनुभव प्राप्त करने का नाम है। उन्होंने समझाया कि विद्यालय में मिलने वाला ज्ञान, अनुशासन, व्यवहार और संस्कार जीवन की मजबूत नींव तैयार करते हैं। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, रचनात्मक कार्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों में भी सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए, क्योंकि यही समग्र विकास की कुंजी है। आलोक उनियाल ने इस बात पर भी जोर दिया कि समय का सदुपयोग और नियमित अभ्यास से ही बड़ी सफलताएं हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया में जिन लोगों ने नाम कमाया है, उन्होंने अपने लक्ष्य के प्रति निष्ठा और कठिन परिश्रम को जीवन का हिस्सा बनाया। बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने सपनों को कभी छोटा न समझें, बल्कि बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करें। उन्होंने सभी से वादा लिया कि वे जीवन में ईमानदारी, मेहनत और सकारात्मक सोच को हमेशा अपनाएंगे।

इस आयोजन का समापन एक विशेष घोषणा के साथ हुआ, जिसमें यह बताया गया कि प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों को नगरपालिका परिषद रामनगर द्वारा आगामी 15 अगस्त के अवसर पर पुरस्कृत किया जाएगा। यह सम्मान न केवल बच्चों की प्रतिभा का मान बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें समाजहित के कार्यों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करेगा। आयोजन में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों और शिक्षकों ने बच्चों के प्रयासों की सराहना की और माना कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल छात्रों में रचनात्मकता और अभिव्यक्ति की क्षमता को बढ़ाती हैं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में भी अग्रसर करती हैं। इस प्रतियोगिता ने यह सिद्ध कर दिया कि जब युवा पीढ़ी समाज की भलाई के लिए संकल्प लेती है, तो बदलाव निश्चित रूप से संभव होता है, और रामनगर के इन बच्चों ने अपने शब्दों और रंगों से यही संदेश पूरे आत्मविश्वास के साथ दिया।



