काशीपुर। महानगरों की चकाचौंध और कॉरपोरेट जगत की बुलंदियों को छूने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए उत्तराखंड की पावन धरती से एक बेहद ही सनसनीखेज और उत्साहजनक खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे प्रदेश के शैक्षणिक गलियारे में एक नया रोमांच पैदा कर दिया है। औद्योगिक नगरी काशीपुर में स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के प्रांगण में आज सफलता का एक ऐसा जश्न मनाया गया, जिसकी गूंज पूरे क्षेत्र में सुनाई दे रही है। इस नामचीन संस्थान के कंप्यूटर एप्लीकेशन विभाग से जुड़े चार होनहार और अत्यंत ऊर्जावान छात्र-छात्राओं ने अपनी मेधा और अथक परिश्रम के दम पर देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपना डंका बजाने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, जिसे पूरी दुनिया टीसीएस के नाम से जानती है, में अपना शानदार चयन सुनिश्चित करवाकर एक नया इतिहास रच दिया है। संस्थान के प्रांगण से जैसे ही इस धमाकेदार प्लेसमेंट की खबर बाहर आई, वैसे ही पूरे कॉलेज परिसर में ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों का दौर शुरू हो गया और हर तरफ केवल इन होनहारों की कामयाबी के ही चर्चे होने लगे। इस ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण कामयाबी को हासिल करने वाले विद्यार्थियों के नाम शिवम, अंजलि, अनुज और सौरभ हैं, जिन्होंने अपनी इस अभूतपूर्व सफलता से न केवल अपने माता-पिता का सिर फख्र से ऊंचा किया है, बल्कि पूरे संस्थान को गौरवान्वित होने का एक सुनहरा अवसर प्रदान किया है।
इस बेहद ही आकर्षक और गौरवमयी सफलता के बाद पूरे श्रीराम संस्थान परिवार में एक अत्यंत ही उत्साहजनक और खुशियों से सराबोर माहौल देखा जा रहा है, जहां हर कोई इन युवा सितारों की तारीफों के पुल बांधते नहीं थक रहा है। सोशल वेलफेयर एंड एजुकेशन सोसाइटी की इस बेहद महत्वपूर्ण और अग्रणी इकाई के रूप में संचालित श्रीराम संस्थान ने हमेशा से ही क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने का बीड़ा उठाया है और आज जब इसके चार-चार होनहारों ने टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनी के कड़े चयन मानकों को पार किया है, तो संस्थान की साख में चार चांद लग गए हैं। संस्थान के सम्मानित अध्यक्ष श्री रवीन्द्र कुमार ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अपनी असीम प्रसन्नता व्यक्त करते हुए चयनित छात्र-छात्राओं को दिल की गहराइयों से बधाई दी और उनके आने वाले सुनहरे और चमकदार भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। अध्यक्ष महोदय ने इस मौके पर बेहद प्रेरणादायक शब्दों में कहा कि इन चारों होनहारों को मिली यह शानदार कामयाबी किसी चमत्कार का परिणाम नहीं है, बल्कि यह उनकी दिन-रात की गई कड़ी मेहनत, अटूट लगन और कुछ कर गुजरने के पक्के इरादों का सीधा नतीजा है। उन्होंने इस बात पर भी विशेष बल दिया कि श्रीराम संस्थान केवल किताबी ज्ञान देने में विश्वास नहीं रखता, बल्कि यहां आने वाले हर एक विद्यार्थी को उच्च स्तरीय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास पर भी सबसे ज्यादा ध्यान दिया जाता है, ताकि वे कॉरपोरेट जगत की हर चुनौती का सामना कर सकें।
कॉलेज के प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचे के शीर्ष पर बैठे संस्थान के कुशल निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) योगराज सिंह ने भी इस बेहद ही गौरवशाली क्षण पर चयनित विद्यार्थियों को अपनी विशेष बधाई और आशीर्वाद देते हुए उनके इस साहसिक सफर की सराहना की। उन्होंने आज के इस बेहद कठिन, गलाकाट और अत्यधिक प्रतिस्पर्धी युग की वास्तविकता को सामने रखते हुए कहा कि वर्तमान समय में टीसीएस जैसी वैश्विक स्तर की प्रतिष्ठित कंपनी में रोजगार पाना और उसके कठिन चयन दौर को सफलतापूर्वक पार करना कोई आसान काम नहीं है। उन्होंने संस्थान की शिक्षण पद्धति की पीठ थपथपाते हुए कहा कि श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी हमेशा से ही इस बात के लिए निरंतर और कड़े प्रयास करता रहता है कि यहां के छात्रों को आधुनिक उद्योगों की बदलती जरूरतों और तकनीकी मांग के अनुसार पूरी तरह से तैयार किया जाए। निदेशक महोदय ने बड़े ही गर्व के साथ साझा किया कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा लगातार किए जा रहे इन्हीं सकारात्मक और दूरदर्शी प्रयासों का परिणाम आज इस बड़ी और ऐतिहासिक सफलता के रूप में हम सभी के सामने मुस्कुरा रहा है, जिसने संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता को एक बार फिर से पूरे देश के सामने मजबूती से साबित कर दिया है।

सफलता की इस नई और बेहद आकर्षक गाथा में संस्थान के समर्पित प्राचार्य डॉ. एस. एस. कुशवाहा ने भी अपने विचार साझा करते हुए चारों होनहार छात्र-छात्राओं की इस शानदार और बेमिसाल कामयाबी को पूरे कॉलेज के लिए एक महान प्रेरणा का स्रोत बताया। उन्होंने कहा कि शिवम, अंजलि, अनुज और सौरभ की यह धमाकेदार सफलता न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी, बल्कि कॉलेज में पढ़ रहे अन्य तमाम जूनियर छात्र-छात्राओं के भीतर भी आगे बढ़ने और कुछ बड़ा हासिल करने का एक नया जोश और जज्बा पैदा करेगी। प्राचार्य महोदय ने संस्थान की आंतरिक गतिविधियों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि कॉलेज के भीतर नियमित अंतराल पर बड़े पैमाने पर प्लेसमेंट ड्राइव, छात्रों के आंतरिक और बाह्य व्यक्तित्व विकास के विशेष सत्र और अत्याधुनिक कौशल विकास से जुड़ी तमाम महत्वपूर्ण गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन सभी विशेष प्रोग्रामों का मुख्य उद्देश्य यही होता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों से आने वाले इन प्रतिभावान विद्यार्थियों को रोजगार के सबसे बेहतरीन और आकर्षक अवसर आसानी से प्राप्त हो सकें और वे सीधे बहुराष्ट्रीय कंपनियों का हिस्सा बन सकें।
इस पूरे प्लेसमेंट अभियान को धरातल पर उतारने और छात्रों को तकनीकी रूप से पूरी तरह से निखारने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले बीसीए विभाग के विभागाध्यक्ष श्री बलविन्द्र सिंह ने भी इस स्वर्णिम अवसर पर अपनी खुशी को जाहिर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अत्यंत ही गर्व और आत्मविश्वास से भरे शब्दों में कहा कि बीसीए पाठ्यक्रम के इन होनहार विद्यार्थियों की यह अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धि संस्थान के अन्य सभी छात्रों को अपने जीवन के बड़े लक्ष्यों को निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए पूरी ताकत से जुट जाने के लिए प्रेरित करेगी। विभागाध्यक्ष ने इस दौरान चयनित चारों छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल, सुरक्षित और बेहद चमकदार भविष्य की दिल से कामना की और कहा कि इन छात्रों ने कॉलेज के कंप्यूटर लैब से लेकर कक्षाओं तक जो अनुशासन और सीखने की ललक दिखाई थी, आज उसी का मीठा फल इन्हें टीसीएस जैसी बड़ी कंपनी के ऑफर लेटर के रूप में मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये छात्र आने वाले समय में आईटी जगत में संस्थान का नाम और ज्यादा रोशन करेंगे और सफलता के नए-नए कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

इस शानदार और बड़े पैमाने पर हुए प्लेसमेंट को पूरी तरह से सफल बनाने और छात्रों को कॉरपोरेट इंटरव्यू के लिए पूरी तरह तैयार करने के पीछे कॉलेज की ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल का एक बहुत बड़ा और अथक योगदान रहा है, जिसके संचालक और कर्मठ सदस्यों ने दिन-रात एक करके इस सपने को सच कर दिखाया है। इस ऐतिहासिक चयन के बाद ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के अधिकारियों ने न केवल चयनित होनहारों को उनकी इस बड़ी कामयाबी पर बधाई दी, बल्कि उन्हें एक बेहद ही महत्वपूर्ण और भावुक कर देने वाली नसीहत भी दी। उन्होंने सभी चयनित छात्र-छात्राओं को इस बात के लिए विशेष रूप से प्रोत्साहित और प्रेरित किया कि वे जीवन में चाहे कितनी भी बड़ी बुलंदियों पर क्यों न पहुंच जाएं, उन्हें हमेशा अपने इस मातृ संस्थान यानी श्रीराम इंस्टीट्यूट से भावनात्मक रूप से जुड़े रहना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने इन छात्रों से यह भी अपील की कि वे आने वाले समय में कॉलेज के अपने जूनियर भाई-बहनों और साथियों की करियर के मामले में हर संभव मदद करें, उन्हें सही मार्गदर्शन दें और कॉरपोरेट जगत के अपने अनुभवों को उनके साथ साझा करें ताकि कॉलेज से लगातार ऐसे ही प्रतिभावान पेशेवर निकलते रहें।
सफलता की इस बेहद ही अनूठी, आकर्षक और ऐतिहासिक घड़ी में संस्थान के कोने-कोने से बधाइयों का तांता लगा हुआ है और कॉलेज के सभी विभागों के सम्मानित शिक्षकों, प्राध्यापकों और गैर-शिक्षण स्टाफ के सदस्यों ने एक सुर में चयनित विद्यार्थियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। पूरे श्रीराम संस्थान में चारों तरफ इन होनहारों की तस्वीरों के साथ खुशियां मनाई जा रही हैं और हर कोई इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। काशीपुर के रामनगर रोड पर स्थित 7 किलोमीटर स्टोन पर बने इस भव्य श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी ने एक बार फिर से ऊधम सिंह नगर जिले के साथ-साथ पूरे उत्तराखंड राज्य का नाम तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बहुत ऊंचा कर दिया है। कॉलेज प्रशासन ने इस बात की भी पुष्टि की है कि आने वाले दिनों में और भी कई बड़ी नामी कंपनियां संस्थान में प्लेसमेंट के लिए आने वाली हैं, जिसके लिए छात्र पूरी तैयारी के साथ जुटे हुए हैं, और टीसीएस में हुए इस धमाकेदार चयन ने बाकी बचे हुए छात्रों के आत्मविश्वास को भी सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है, जिससे आने वाले समय में ऐसी ही और भी कई सनसनीखेज खबरें देखने को मिलेंगी।





