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विवेक राय की मौजूदगी में मालधनचौड़ में जन-जन की सरकार अभियान से ग्रामीण समस्याओं का त्वरित समाधान

रमनगर। मालधनचौड़ क्षेत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल से संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान ने ग्रामीण अंचल में शासन की सक्रिय मौजूदगी का सशक्त संदेश दिया। राज्यभर में न्याय पंचायत स्तर तक लगाए जा रहे इन शिविरों का उद्देश्य केवल योजनाओं की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि पात्र लाभार्थियों को तत्काल लाभ पहुंचाना भी है। पैंतालीस दिनों तक चलने वाले इस विशेष अभियान में 23 विभागों की सहभागिता तय की गई है, ताकि शासन की लगभग सभी प्रमुख सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा सकें। इसी क्रम में नैनीताल जनपद के दूरस्थ क्षेत्र मालधनचौड़ में आयोजित शिविर ने प्रशासन और जनता के बीच दूरी को कम करते हुए समस्याओं के त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया। अभियान के तहत लोगों को केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई और मौके पर ही आवेदन, सत्यापन व लाभ वितरण की प्रक्रिया पूरी की गई, जिससे ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।

अभियान के दूसरे दिन गुरुवार को राजकीय इंटर कॉलेज मालधनचौड़, रामनगर में आयोजित शिविर में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नैनीताल विवेक राय और विधायक रामनगर दीवान सिंह बिष्ट की उपस्थिति ने कार्यक्रम को प्रशासनिक मजबूती प्रदान की। शिविर के दौरान क्षेत्रीय जनता की समस्याओं को क्रमवार सुना गया और अधिकांश शिकायतों का समाधान मौके पर ही संबंधित विभागों के माध्यम से कराया गया। जिले के सुदूर ग्रामीण इलाके में इस पहल को लेकर लोगों में गहरी दिलचस्पी दिखाई दी और सैकड़ों ग्रामीणों ने शिविर में पहुंचकर अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। कुल 79 आवेदन विभिन्न विषयों से संबंधित पंजीकृत हुए, जिनमें से लगभग 70 समस्याओं का तत्काल निस्तारण कर दिया गया। जिन मामलों में मौके पर समाधान संभव नहीं हो पाया, उनके लिए समय सीमा निर्धारित कर विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि समाधान के बाद संबंधित शिकायतकर्ताओं को लिखित रूप से अवगत कराया जाए।

क्षेत्रीय ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रूप से उठाई गई जलभराव की समस्या शिविर का प्रमुख मुद्दा रही, जिसे मालधनचौड़ क्षेत्र के सात गांवों से आए लोगों ने एक स्वर में रखा। इस विषय पर सिंचाई विभाग से उपस्थित अधिशासी अभियंता ने जानकारी दी कि मालधनचौड़ के लिए 31 करोड़ 58 लाख रुपये की विस्तृत कार्ययोजना स्वीकृत हो चुकी है। योजना के तहत तीन चरणों में जल निकासी के कार्य किए जाएंगे, जिनमें प्रथम चरण के अंतर्गत लगभग 9 करोड़ रुपये से कार्य प्रस्तावित है और उस पर कार्रवाई गतिमान है। इसके अतिरिक्त गांधीनगर से आए जनप्रतिनिधियों ने सड़क किनारे झाड़ियों की कटान, पेयजल लाइन बिछाने के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, भूमि व आवास से जुड़ी समस्याएं भी रखीं। इन सभी मामलों पर अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने लोक निर्माण विभाग और पेयजल विभाग को समन्वय के साथ त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

कार्यक्रम के दौरान जंगली जानवरों, विशेषकर बंदरों से हो रहे नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने बताया कि फसलों और आबादी को लगातार नुकसान हो रहा है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। इस पर वन विभाग से आए अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि विशेष अभियान चलाकर पिंजरे लगाकर बंदरों को पकड़ा जाए। साथ ही गांधीनगर से देवीपुरा तक सड़क निर्माण की मांग पर लोक निर्माण विभाग को आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। आधार सीडिंग और केवाईसी न होने के कारण समाज कल्याण तथा किसान पेंशन का लाभ न मिलने की शिकायतें भी कई लोगों ने दर्ज कराईं। इस पर समाज कल्याण व कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे व्यक्तिगत रूप से लाभार्थियों के घर जाकर आवश्यक दस्तावेज जुटाएं और एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।

ग्रामीण क्षेत्रों में पैदल मार्ग और सुरक्षा दीवारों के निर्माण की मांग पर खंड विकास अधिकारी गिरीश पांडे को मनरेगा के तहत योजनाएं तैयार कर कार्य कराने के निर्देश दिए गए। शिविर में विभिन्न गांवों से आए ग्रामीणों ने व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याएं रखीं, जिनका निस्तारण मौके पर ही किया गया। कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि लगभग सभी विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए और जनता को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने न केवल योजनाओं की जानकारी दी, बल्कि पात्र लोगों को तत्काल प्रमाण पत्र, पंजीकरण और सहायता उपलब्ध कराई, जिससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। इस पहल से ग्रामीणों में सरकार के प्रति विश्वास और संतोष का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर शिविर में उल्लेखनीय गतिविधियां रहीं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 104 लोगों का उपचार कर निशुल्क दवाएं वितरित की गईं, साथ ही शुगर और बीपी की जांच भी की गई। आयुर्वेदिक विभाग ने 41 और होम्योपैथिक विभाग ने 66 लोगों का उपचार कर दवा दी। आधार कैंप में 30 लोगों का आधार अपडेट हुआ और 5 नए आधार बनाए गए। राजस्व विभाग द्वारा आय, स्थायी, जाति और चरित्र से संबंधित कुल 90 प्रमाण पत्र जारी किए गए। बाल विकास विभाग ने 20 धात्री महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरित की। समाज कल्याण विभाग को 7 वृद्धावस्था, 5 दिव्यांग और 3 विधवा पेंशन के आवेदन प्राप्त हुए, जबकि पंचायत विभाग ने 5 लोगों को परिवार रजिस्टर की नकल उपलब्ध कराई।

अन्य विभागों की सक्रियता भी शिविर में साफ नजर आई। खाद्य विभाग ने 3 राशन कार्ड संशोधित किए, सेवायोजन विभाग ने 4 पंजीकरण आवेदन स्वीकार किए, जबकि 8 आयुष्मान कार्ड और 5 आभा आईडी से संबंधित कार्यवाही की गई। पशुपालन विभाग ने 63 पशुपालकों को पशुओं के लिए निशुल्क दवा दी और दुग्ध विभाग ने 16 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया। सहकारिता विभाग ने 11 लोगों को लाभान्वित किया, वहीं एनआरएलएम की महिला समूहों ने स्थानीय उत्पादों की बिक्री कर आत्मनिर्भरता का संदेश दिया। शिविर में क्षेत्र प्रमुख मंजू नेगी, सदस्य जिला पंचायत अनीता आर्या, भाजपा जिला उपाध्यक्ष गणेश रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य बशंती आर्या, ग्राम प्रधान विमला देवी, दीप्ति आर्या, भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रेमचंद आर्य, राकेश नैनवाल, किशोरी लाल, उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार, तहसीलदार मनीषा मारकाना सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने शिविर को उपयोगी बताते हुए सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

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