काशीपुर। राष्ट्रीय पटल पर काशीपुर की शान बढ़ाते हुए नगर के महापौर दीपक बाली ने एक और बड़ा मुकाम हासिल किया है। अखिल भारतीय महापौर परिषद की सत्र 2025 की नई कार्यकारिणी में उन्हें राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। यह पद न केवल दीपक बाली की सक्रिय नेतृत्व क्षमता की पहचान है, बल्कि उत्तराखंड की नगर राजनीति के लिए भी गौरव का क्षण बन गया है। इस नियुक्ति के साथ ही काशीपुर नगर का नाम अब राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान के साथ जुड़ गया है। दीपक बाली की यह उपलब्धि प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर खुशी और सम्मान का माहौल व्याप्त है।
दिल्ली स्थित परिषद कार्यालय में आयोजित विशेष बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजूदगी में किया गया। परिषद की नव निर्वाचित अध्यक्ष श्रीमती रेणु बाला गुप्ता ने आगामी सत्र की कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए देशभर से चुनिंदा महापौरों को संगठन में सम्मिलित किया। परिषद के कार्यालय सचिव मनोज गुप्ता ने बताया कि इस बार की टीम में काशीपुर के महापौर दीपक बाली को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस चयन को परिषद के भीतर अत्यंत प्रभावशाली निर्णय माना जा रहा है, क्योंकि यह न केवल उनकी योग्यता और सक्रिय भूमिका का परिणाम है, बल्कि उत्तराखंड के नगर निकायों की साख को भी मजबूत करता है।
अखिल भारतीय महापौर परिषद की इस नयी कार्यकारिणी में देशभर के अनेक प्रभावशाली महापौरों को प्रमुख जिम्मेदारियां दी गई हैं। अलीगढ़ के पूर्व महापौर आशुतोष वार्ष्णेय को राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बनाया गया है, जबकि गोरखपुर के महापौर मंगलेश श्रीवास्तव को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और सूरत के महापौर दक्षेश मवाणी को महामंत्री नियुक्त किया गया है। परिषद में उपाध्यक्ष पद पर असम के गुवाहाटी की श्रीमती मार्गन सरीना, इंदौर के पुष्यमित्र भार्गव, कालीकट की डॉ. बीना फिलिप और हुबली-धारवाड़ की श्रीमती ज्योति पाटिल को चुना गया है। चार सचिवों की सूची में भिलाई के नीरज पाल, भुवनेश्वर की श्रीमती सुलोचना दास, तिरुपति की श्रीमती बी.आर. श्रीशां यादव और होशियारपुर के सुरेंद्र कुमार शिंदा को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं। यह टीम देश के विभिन्न प्रांतों से चुने गए जनप्रतिनिधियों का एक सशक्त और विविध समूह मानी जा रही है।
कार्यकारिणी में इस बार कुल 45 महापौरों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इनमें दिल्ली, देहरादून, जयपुर, अहमदाबाद, कोलकाता, रायपुर, चेन्नई, अगरतला, अमृतसर, पंचकुला, रूड़की, सहारनपुर, कानपुर, वारंगल, रतलाम, गोवा और गैंगटोक जैसे प्रमुख नगरों के महापौरों को स्थान मिला है। इन सभी शहरों के प्रतिनिधियों के साथ दीपक बाली का चयन इस बात का प्रतीक है कि काशीपुर अब राष्ट्रीय चर्चा में शामिल शहरों की श्रेणी में आ चुका है। परिषद ने इस बार अनुभव और युवा नेतृत्व दोनों को समान महत्व देते हुए कार्यकारिणी का गठन किया है ताकि शहरी विकास की दिशा में अधिक परिणामकारी पहल की जा सके।
चार आजीवन सदस्यों को भी परिषद में स्थान दिया गया है जिनमें आगरा के पूर्व महापौर एवं राज्यसभा सदस्य नवीन जैन, ग्वालियर के पूर्व महापौर और पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर, दिल्ली के पूर्व महापौर डॉ. कुंवरसैन और हैदराबाद की पूर्व महापौर श्रीमती वृंदा रेड्डी का नाम प्रमुखता से शामिल है। परिषद के कार्यालय सचिव ने जानकारी दी कि नवनियुक्त पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह दीपावली के बाद आयोजित किया जाएगा। इस भव्य आयोजन के लिए सूरत, नैनीताल या हुबली-धारवाड़ में से किसी एक स्थान को अंतिम स्थल के रूप में चुना जा सकता है।
महापौर दीपक बाली के इस राष्ट्रीय चयन से काशीपुर नगर में उल्लास का माहौल है। नगर के जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों ने इसे नगर का सम्मान बताते हुए बधाइयों की झड़ी लगा दी है। काशीपुर नगर निगम के सभी पार्षदों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने दीपक बाली को शुभकामनाएं दीं और इसे नगर के उभरते नेतृत्व की स्वीकृति करार दिया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह उपलब्धि काशीपुर की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करेगी और नगर विकास की दिशा में नई संभावनाएं खोलेगी।
दीपक बाली का यह चयन उनकी निरंतर सक्रियता और संगठनात्मक क्षमता का प्रमाण माना जा रहा है। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में नगर निगम काशीपुर को विकास की कई नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनकी कार्यशैली, संवाद कुशलता और योजनाओं की दूरदृष्टि ने उन्हें प्रदेश स्तर से लेकर अब राष्ट्रीय स्तर तक प्रतिष्ठा दिलाई है। राजनीतिक और सामाजिक दोनों क्षेत्रों में उनकी यह नई जिम्मेदारी आने वाले समय में न केवल परिषद के लिए, बल्कि उत्तराखंड के समग्र नगर विकास के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
काशीपुर की जनता इसे अपने नगर के गौरव की पहचान के रूप में देख रही है। नगर में हर ओर दीपक बाली के इस चयन की चर्चा है और लोगों का कहना है कि काशीपुर का नाम अब राष्ट्रीय स्तर पर विकास और नेतृत्व की नई कहानी लिखने जा रहा है। यह क्षण न केवल एक व्यक्ति की सफलता का प्रतीक है, बल्कि उस समर्पण, विश्वास और कर्मशीलता का परिणाम है जो काशीपुर जैसे उभरते नगर को आज भारत की नगर राजनीति में एक नई जगह दिला चुका है।



