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राधा-कृष्ण की भक्ति में रंगेगा बचपन, 17 अगस्त को होगा अनुपम रूप सज्जा महोत्सव

भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के रूप में बच्चों की भावभंगिमाएं देख भक्तिमय माहौल में रंग जाएगा काशीपुर, संस्कृति संग मनोरंजन का अद्भुत संगम।

काशीपुर। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक रंगों से सजेगा काशीपुर का बाबा रिसोर्ट, जब शहर के नन्हे-मुन्ने भक्त श्रीकृष्ण और श्री राधा रानी के रूपों में अपनी अनूठी छवि लेकर मंच पर उतरेंगे। यह अनुपम आयोजन 17 अगस्त 2025, रविवार को प्रातः 10:00 बजे से बाबा रिसोर्ट, मानपुर रोड, निकट नागनाथ मंदिर, काशीपुर में आयोजित किया जा रहा है। इस खास कार्यक्रम को “श्री राधा रानी – श्री कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता” के नाम से पहचाना जा रहा है, जो इस बार काशीपुर के सांस्कृतिक कैलेंडर में विशेष स्थान बनाने जा रहा है। आयोजन को श्याम मॉडर्न जूनियर हाईस्कूल, लुहारो बाली गली, कानूनगोयान काशीपुर के सौजन्य से संचालित किया जा रहा है, जिसमें बच्चों को न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा, बल्कि भक्ति और संस्कृति से भी उनका जुड़ाव गहराएगा।

इस सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धा में भाग लेने वाले बच्चों की उम्र 6 महीने से लेकर 16 वर्ष तक निर्धारित की गई है। प्रतिभागियों को चार भिन्न वर्गों—शिशु वर्ग, कनिष्ठ वर्ग, वरिष्ठ वर्ग और समूह वर्ग—में बांटा गया है, ताकि प्रत्येक आयु समूह के बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने का समुचित अवसर मिल सके। आयोजकों का उद्देश्य यह नहीं है कि केवल मंच पर प्रदर्शन हो, बल्कि यह प्रयास है बच्चों के भीतर भारतीय परंपरा, लोककला और धर्म के प्रति समर्पण भाव विकसित करने का। कार्यक्रम में प्रतिभागी नन्हें कलाकार भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के अलग-अलग रूपों को साकार करते हुए अभिनय, संवाद, नृत्य या भजन जैसी कलाओं के माध्यम से अपनी प्रस्तुति देंगे, जिसकी अधिकतम समय सीमा दो मिनट निर्धारित की गई है।

आयोजन समिति की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बाल मन के भीतर छिपी कला को श्रद्धा और संस्कृति के रंगों में रंगने का प्रयास है। सभी वर्गों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं सांत्‍वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे, जिससे बच्चों में प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ आत्मविश्वास भी पनपेगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से आयोजक चाहते हैं कि आधुनिक समय के बच्चों को अपनी संस्कृति और धार्मिक विरासत से जोड़ा जाए, जो आज के तकनीकी युग में कहीं न कहीं छूटती जा रही है। बच्चों को जब मंच पर भगवान के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है, तो उनका व्यक्तित्व केवल प्रस्तुति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह उनके आचरण और सोच में भी परिलक्षित होने लगता है।

“श्री राधा रानी – श्री कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता” में भाग लेने के इच्छुक बच्चों के अभिभावक श्याम मॉडर्न जूनियर हाईस्कूल, लुहारो बाली गली, कानूनगोयान काशीपुर में जाकर आवेदन पत्र भर सकते हैं। इसके अतिरिक्त पंजीकरण की सुविधा व्हाट्सएप के माध्यम से भी उपलब्ध है, जिससे इच्छुक परिवार 9411195101, 8218419202 और 8077216969 नंबरों पर संपर्क कर नामांकन कर सकते हैं। आयोजन को व्यापक और समृद्ध बनाने के लिए मान्यता प्राप्त विद्यालय प्रबंधक संघ, काशीपुर का विशेष सहयोग सुनिश्चित किया गया है, जो इस कार्यक्रम की महत्ता और व्यापकता को और भी प्रभावी बनाएगा।

काशीपुर के धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल में यह आयोजन एक नई ऊर्जा का संचार करने वाला है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के अद्भुत स्वरूपों को नन्हें कलाकारों की मासूमियत और श्रद्धा के साथ साकार किया जाएगा। इस मंच पर जहां एक ओर बच्चों का आत्मविश्वास विकसित होगा, वहीं दूसरी ओर अभिभावक और समाज भी बाल-संस्कारों के महत्व को समझ सकेंगे। आयोजन समिति का यह प्रयास न केवल सराहनीय है बल्कि समाज में संस्कृति की जागरूकता को पुनर्जीवित करने का भी एक सशक्त माध्यम है। 17 अगस्त को काशीपुर के बाबा रिसोर्ट में जब बाल भक्ति की यह अनुपम झांकी सजेगी, तो वह दृश्य केवल एक कार्यक्रम न होकर भक्ति, कला और संस्कृति का जीवंत संगम बन जाएगा।

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शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

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