- कांग्रेस की नई मुहिम से गांव-गांव पहुंचेगी विचारधारा और संविधान की ताकत
- ललित फर्स्वाण बोले अब कांग्रेस विचारधारा के साथ जनता के बीच उतरेगी
- राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने शुरू की लोकतंत्र बचाओ जनजागरण यात्रा
- भ्रष्टाचार और फर्जी खबरों के खिलाफ कांग्रेस का जनता से सीधा संवाद अभियान
- युवाओं और पंचायतों को जोड़ कांग्रेस फिर से जमीनी सियासत में उतरी
काशीपुर। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय पर्यवेक्षक व प्रदेश अध्यक्ष ललित फर्स्वाण काशीपुर पहुंचे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस की विचारधारा को ज़मीनी स्तर तक ले जाने और आम जनमानस के बीच उसकी सशक्त छवि प्रस्तुत करने के लिए संगठन लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य सिर्फ विचारधारा फैलाना नहीं, बल्कि गांव-गांव, पंचायत-पंचायत तक संवाद स्थापित कर कार्यशालाओं के माध्यम से कांग्रेस की जड़ों को मजबूत बनाना है। दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत आज और कल यहां विशेष बैठकों व जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्वच्छता पखवाड़ा के तहत श्रमदान के जरिए गांधीजी के संदेश को फिर से जीवित करने की पहल होगी। उन्होंने कहा कि देश में आज जिस तरह ‘डबल इंजन’ सरकार ने स्वच्छता अभियान को सिर्फ औपचारिकता बना दिया है, उसी के जवाब में कांग्रेस विचार से जुड़ी टीमें जनता के बीच जाकर वास्तविक सफाई और जागरूकता का संदेश दे रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान फर्स्वाण ने कहा कि चौथे संविधान संशोधन के मूल सिद्धांतों को आम लोगों तक पहुंचाना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब तक कांग्रेस के कार्यकर्ता संविधान की आत्मा और राजीव गांधी के विकेंद्रीकरण के विचार से परिचित नहीं होंगे, तब तक पार्टी की जड़ें मजबूत नहीं हो सकतीं। संगठन का मुख्य उद्देश्य है कि पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं को संविधान की शक्ति, उनके अधिकारों और उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया है कृ चाहे वह राहुल गांधी का नेतृत्व हो या 18 वर्ष की आयु में वोट देने का अधिकार देने का ऐतिहासिक निर्णय। राजीव गांधी का वह सपना आज भी कांग्रेस के कार्यक्रमों में जीवित है, जहां हर युवा को नेतृत्व की भूमिका में लाने का प्रयास हो रहा है।
ललित फर्स्वाण ने आगे कहा कि सोशल मीडिया के इस युग में सच्चाई और झूठ के बीच की लड़ाई और अधिक तीव्र हो चुकी है। उन्होंने ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ कहे जाने वाले दुष्प्रचार के नेटवर्क पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि आज फर्जी खबरों के ज़रिए जनता के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से सच्चाई को सामने लाएं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नेहरू जी के कपड़ों को लेकर झूठ फैलाया गया कि वे पेरिस में धुलने जाते थे, जबकि सच्चाई यह है कि इलाहाबाद में ‘पेरिस ड्राइ क्लिनिंग’ नामक स्थानीय स्थान पर उनके कपड़े धोए जाते थे। इस तरह की ग़लत बातों से जनता को गुमराह किया गया है, जिसे अब कांग्रेस अपनी सूचनाओं और जनसंवाद के ज़रिए खत्म करेगी।
ललित फर्स्वाण ने आगे कहा कि देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए युवाओं की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने हमेशा युवाओं को मंच दिया है और टिकट वितरण से लेकर नेतृत्व की जिम्मेदारियों तक युवाओं को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि आज जो माहौल बना है, उसमें युवाओं को राजनीति में ईमानदारी, पारदर्शिता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आना होगा। अगर देश को भ्रष्टाचार, सांप्रदायिकता और अराजकता से बचाना है, तो कांग्रेस विचारधारा ही वह रास्ता है जो लोकतंत्र को मजबूत बनाएगा।
उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अब आयोग निष्पक्ष नहीं रहा। बिहार से लेकर उत्तराखंड तक वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की शिकायतें आम हैं। कई जगह मृतकों के नाम अभी भी मतदाता सूची में दर्ज हैं, वहीं जो जीवित हैं, उनके नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह मताधिकार का सीधा हनन है और कांग्रेस इस पर आने वाले समय में व्यापक अभियान चलाएगी। उन्होंने चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही सत्ता के दबाव में काम करेंगे, तो लोकतंत्र कैसे बचेगा?
फर्स्वाण ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार की जड़ें अब गहरी हो चुकी हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर प्रशासनिक नियुक्तियों तक, हर स्तर पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की मिलीभगत सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि “पेपर चोर, गद्दी छोड़” का नारा अब सिर्फ जनता की आवाज़ नहीं बल्कि उत्तराखंड की सच्चाई बन चुका है। हर परीक्षा में घोटाले के निशान भाजपा की ओर इशारा करते हैं, चाहे वह मंडल अध्यक्ष हों या स्थानीय नेता – सभी का नाम किसी न किसी विवाद में शामिल है। उन्होंने कहा कि अब वक्त है कि जनता इस ‘डबल इंजन’ सरकार की सच्चाई समझे। उत्तराखंड के युवा बेरोज़गार हैं, किसान परेशान हैं और आम नागरिक भ्रष्टाचार की मार झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह आंदोलन सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प है। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन अब हर गांव, हर वार्ड तक पहुंचेगा और जनता को बताएगा कि संविधान ही देश की असली ताकत है।

कार्यक्रम में मौजूद उत्तराखंड प्रभारी ब्रज भूषण पांडे ने कहा कि आज देश के हालात बेहद चिंताजनक हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की दोहरी चिंता है -देश में बेरोज़गारी चरम पर है, परीक्षाएं समय पर नहीं हो रही हैं, युवा दिशाहीन हैं और इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। यह स्थिति देश को संवैधानिक संकट की ओर ले जा रही है। ब्रज भूषण पांडे ने कहा कि संगठन अब इन मुद्दों को लेकर जनजागरण करेगा और पंचायत स्तर से लेकर शहरों तक कांग्रेस विचारधारा की रीढ़ को मज़बूत करने की मुहिम चलाएगा, ताकि आने वाले चुनावों में कार्यकर्ताओं की रणनीतिक भूमिका सशक्त रूप से दिखाई दे।
इस मौके पर दोनों नेताओं ने एक स्वर में कहा कि आने वाले दिनों में संगठन प्रदेश के सभी जिलों में कार्यशालाएं आयोजित करेगा, जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। कांग्रेस का यह प्रयास सिर्फ सत्ता में लौटने का नहीं बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने का है। राजीव गांधी की सोच, राहुल गांधी का नेतृत्व और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की निष्ठा कृ यही वह तिकड़ी है जो आज के अंधेरे में देश को दिशा दे सकती है।



