काशीपुर। रक्षाबंधन के अवसर पर उत्तराखंड में महिलाओं के लिए यात्रा को पूरी तरह निःशुल्क करने का निर्णय इस बार भी बहनों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ा रहा है। प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने नौ अगस्त को होने वाले इस पावन पर्व पर बहनों को उपहार स्वरूप राज्यभर में रोडवेज बसों में मुफ्त सफर की सुविधा देने का ऐलान किया है। इस संबंध में उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से औपचारिक आदेश जारी हो चुके हैं और अब मैदान से लेकर पहाड़ तक निगम के सभी डिपो इस व्यवस्था को सफल बनाने की तैयारियों में जुट गए हैं। काशीपुर डिपो के कर्मचारी भी पूरे उत्साह और जिम्मेदारी के साथ इस विशेष दिन के लिए योजनाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं, ताकि कोई भी बहन अपने घर पहुंचकर राखी बांधने के इस पारंपरिक और भावनात्मक पर्व से वंचित न रह जाए। इसके लिए निगम का हर विभाग अपनी भूमिका के अनुरूप सक्रिय है।
उत्तराखंड परिवहन निगम के काशीपुर डिपो से जुड़े स्टेशन इंचार्ज अनवर कमाल ने जानकारी देते हुए बताया कि निगम के महाप्रबंधक संचालन पवन मेहरा की ओर से प्राप्त आदेश के अनुसार राज्य सरकार ने पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को निःशुल्क यात्रा की सौगात दी है। उन्होंने कहा कि यह सुविधा पूरे प्रदेश की बस सेवाओं में लागू होगी और यात्रा का पूरा खर्च शासन स्तर से वहन किया जाएगा, जिससे निगम के संचालन पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े। अनवर कमाल ने यह भी स्पष्ट किया कि निगम की ओर से हर संभव कोशिश होगी कि बहनों को सफर के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए अग्रिम रूप से विभिन्न मार्गों पर बसों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया है और सभी चालक-परिचालक को भी इस सेवा को सहजता से संचालित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं।
रक्षाबंधन जैसे त्यौहार पर परिवारों का मिलन और आपसी स्नेह का आदान-प्रदान बेहद अहम होता है, और इसी को ध्यान में रखते हुए काशीपुर डिपो से लेकर अन्य प्रमुख डिपो तक बस संचालन में अतिरिक्त संसाधन झोंके जा रहे हैं। अनवर कमाल ने बताया कि काशीपुर से टनकपुर, दिल्ली और देहरादून जैसे व्यस्त मार्गों पर विशेष तौर पर अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी, जिससे यात्रियों का दबाव कम हो और समय पर गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि बहनों को इस उपहार का पूरा लाभ देने के लिए निगम पूरी गंभीरता और सजगता के साथ तैयारियों में लगा है, ताकि पुष्कर सिंह धामी सरकार की इस पहल की गरिमा बनी रहे। निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी इस योजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि यह न केवल एक प्रशासनिक निर्णय है बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अत्यंत सार्थक कदम है।
यह सुविधा केवल आर्थिक राहत ही नहीं, बल्कि भावनात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि रक्षाबंधन के दिन बहनों का अपने भाइयों से मिलना एक लंबे इंतजार के बाद संभव होता है। ऐसे में निःशुल्क यात्रा का लाभ दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को भी आसानी से घर पहुंचने में मदद करेगा। पवन मेहरा द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि यात्रा का पूरा हिसाब-किताब तैयार करके शासन को भेजा जाएगा, जिससे खर्च की प्रतिपूर्ति समय पर हो सके। इसके साथ ही, सभी बस अड्डों पर व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने, टिकट जारी करने की औपचारिकताओं को सरल बनाने और यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी व्यापक योजना तैयार की गई है। निगम के कर्मचारियों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि किसी भी महिला यात्री को बस में चढ़ने से लेकर उतरने तक किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
काशीपुर डिपो के अधिकारी और कर्मचारी इस विशेष सेवा को सफल बनाने के लिए न केवल व्यवस्थागत तैयारियां कर रहे हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी इस दिन को एक सेवा दिवस के रूप में देख रहे हैं। अनवर कमाल का कहना है कि इस योजना के पीछे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उद्देश्य केवल आर्थिक सुविधा प्रदान करना नहीं है, बल्कि बहनों को यह अहसास दिलाना है कि उनका सम्मान और सुविधा सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने बताया कि डिपो के पास उपलब्ध हर बस को सही स्थिति में लाने, तकनीकी जांच कराने और चालक-परिचालकों को यात्रा के दौरान पूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, प्रमुख रूटों पर निगरानी के लिए अतिरिक्त कर्मचारी भी तैनात किए जाएंगे, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इस तरह रक्षाबंधन के दिन राज्यभर में महिलाएं न केवल सुरक्षित, बल्कि सुखद यात्रा का अनुभव कर सकेंगी।
रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर इस बार भी उत्तराखंड की बहनों को यात्रा का विशेष तोहफ़ा मिलने जा रहा है, जिससे पर्व की खुशी कई गुना बढ़ गई है। पुष्कर सिंह धामी सरकार ने नौ अगस्त को राज्यभर में रोडवेज बसों में महिलाओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क सफ़र की घोषणा कर दी है, और इसके लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। मैदान से लेकर पहाड़ तक सभी डिपो इस योजना को सफल बनाने के लिए जुट गए हैं, जबकि काशीपुर डिपो में तैयारियां अपने चरम पर हैं। यहां के अधिकारी और कर्मचारी इस प्रयास में हैं कि रक्षाबंधन के दिन कोई भी बहन सफ़र में किसी दिक़्क़त का सामना न करे और अपने भाइयों तक समय पर पहुंचकर राखी बांधने का पारंपरिक और भावनात्मक अवसर पूरा कर सके। इस दिशा में निगम की हर शाखा सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रही है।
काशीपुर डिपो के स्टेशन इंचार्ज अनवर कमाल ने बताया कि निगम के महाप्रबंधक संचालन पवन मेहरा के निर्देशों के मुताबिक राज्य सरकार ने गत वर्ष की तरह इस बार भी रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है। इस योजना के तहत यात्रा का सारा खर्च शासन स्तर से वहन किया जाएगा, जिससे निगम की सेवाओं पर आर्थिक दबाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बहनों की सुविधा और सम्मान को देखते हुए निगम का संकल्प है कि सफ़र के दौरान उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। इसी कारण से इस बार अलग-अलग रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाने का फ़ैसला किया गया है। चालक और परिचालकों को भी साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रियों के साथ सहयोगपूर्ण व्यवहार करें और समयबद्ध सेवा सुनिश्चित करें।
त्यौहार के दिन यात्रियों की बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए काशीपुर डिपो से टनकपुर, दिल्ली और देहरादून जैसे प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा। अनवर कमाल ने स्पष्ट किया कि बहनों को दी गई इस सरकारी सौगात की गरिमा बनाए रखने के लिए निगम पूरी गंभीरता के साथ तैयारियां कर रहा है। इस पहल से न केवल दूर-दराज़ इलाकों में रहने वाली महिलाएं लाभान्वित होंगी, बल्कि शहरों में भी सफ़र को आसान बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल परिवहन की सुविधा नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते को और प्रगाढ़ करने का एक प्रतीकात्मक कदम है। कर्मचारियों में भी इस सेवा को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है, और इसे एक सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाया जा रहा है।
पवन मेहरा द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस दिन की सभी यात्रा निःशुल्क होंगी और इसका ब्योरा बाद में शासन को भेजा जाएगा ताकि खर्च की प्रतिपूर्ति की जा सके। सभी बस अड्डों पर भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी। टिकट जारी करने की औपचारिकताओं को आसान बनाया गया है, जबकि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। डिपो के तकनीकी स्टाफ़ ने बसों की जांच और मरम्मत का काम समय से पहले पूरा कर लिया है ताकि कोई भी वाहन बीच रास्ते में खराब न हो।
अनवर कमाल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उद्देश्य इस योजना से केवल आर्थिक राहत देना नहीं, बल्कि बहनों को यह अहसास कराना भी है कि उनकी सुरक्षा और सुविधा सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा कि इस दिन को सेवा दिवस की तरह मनाने के लिए सभी कर्मचारी मानसिक रूप से तैयार हैं। रक्षाबंधन के दिन निगम का प्रयास रहेगा कि हर बहन का सफ़र न केवल सुरक्षित बल्कि यादगार भी बने, ताकि यह योजना आने वाले वर्षों में भी इसी उत्साह और सफलता के साथ जारी रह सके।



