काशीपुर। उत्तराखंड राज्य की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित “यश कीर्ति सेतु मिनी मैराथन” ने न केवल खेल भावना को एक नई दिशा दी बल्कि समाज में मानवता और अदम्य साहस की एक प्रेरणादायक मिसाल भी प्रस्तुत की। इस भव्य आयोजन ने खेल के प्रति युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया। मैराथन का उद्देश्य केवल दौड़ना नहीं था, बल्कि इसमें शामिल प्रत्येक कदम एक संदेश लेकर आगे बढ़ा कृ एकता, सहयोग और सकारात्मक बदलाव का। इस आयोजन में विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनकी उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि उत्तराखंड के लोग हर क्षेत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ देने का जज़्बा रखते हैं। रजत जयंती वर्ष में आयोजित इस दौड़ ने प्रदेश में खेल संस्कृति को और सशक्त किया तथा समाज को नई दिशा देने का कार्य किया।
इसी क्रम में, आज “यश कीर्ति सेतु” टीम नगर निगम पहुँची, जहाँ उनका स्वागत बड़े ही आत्मीय माहौल में किया गया। इस अवसर पर टीम ने मेयर दीपक बाली, पर्यावरण मित्रों और नगर निगम की पूरी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। यश कीर्ति सेतु के सदस्यों ने बताया कि इस मैराथन को सफल बनाने में नगर निगम का सहयोग अभूतपूर्व रहा। उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम के कर्मचारियों का सहयोग न मिलता, तो इस स्तर का आयोजन संभव नहीं हो पाता। मेयर दीपक बाली ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यश कीर्ति सेतु जैसी संस्थाएँ युवाओं को प्रेरणा देने का कार्य कर रही हैं और समाज को एकजुट करने में अहम भूमिका निभा रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान नगर निगम के कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर निगम के सुपरवाइज़र राजीव कुमार को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। राजीव कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस आयोजन ने साबित कर दिया कि जब समाज के सभी वर्ग एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि यश कीर्ति सेतु टीम ने जिस तरह से मेहनत और लगन के साथ इस कार्यक्रम को आयोजित किया, वह सराहनीय है। उन्होंने मेयर दीपक बाली और नगर निगम की पूरी टीम की ओर से धन्यवाद देते हुए कहा कि आने वाले समय में भी ऐसे आयोजनों में निगम पूरा सहयोग करेगा। राजीव कुमार ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल खेल को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्वच्छता, अनुशासन और टीम भावना जैसे मूल्यों को भी मजबूत करते हैं। उनके अनुसार, जब युवा खेल के माध्यम से सामाजिक योगदान देते हैं, तो यह राज्य की प्रगति का प्रतीक बन जाता है।
इस अवसर पर नगर निगम के सुपरवाइज़र बादल खत्री को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने सम्मान पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी कर्मचारियों का है जो प्रतिदिन निष्ठा और लगन से शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने में जुटे हैं। बादल खत्री ने कहा कि जब यश कीर्ति सेतु जैसी संस्थाएँ समाज के विकास और जनजागरूकता के कार्यों में आगे बढ़ती हैं, तो यह नगर निगम के लिए गर्व और प्रेरणा दोनों का विषय होता है। उन्होंने बताया कि मिनी मैराथन के सफल आयोजन के लिए उनकी पूरी टीम ने विशेष सफाई व्यवस्था की थी, ताकि प्रतिभागियों और दर्शकों को एक स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण मिल सके। बादल खत्री ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम न केवल खेल को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्वच्छता और सामाजिक सहयोग की भावना को भी सशक्त बनाते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि नगर निगम भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में पूरी तत्परता से सहयोग करता रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान सुपरवाइज़र राजेश कुमार को भी सम्मानित किया गया, जिनके समर्पण और कार्य के प्रति निष्ठा की सराहना सभी ने की। राजेश कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं बल्कि पूरे नगर निगम परिवार का है, जो दिन-रात मिलकर शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखने में जुटा है। उन्होंने कहा कि यश कीर्ति सेतु जैसी संस्थाएँ समाज में सकारात्मक सोच और एकजुटता का संदेश देती हैं। राजेश कुमार ने बताया कि इस तरह के आयोजन न केवल खेल को बढ़ावा देते हैं बल्कि पर्यावरण, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने मेयर दीपक बाली और यश कीर्ति सेतु टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का कार्य करेगा और आगे भी वे पूरे उत्साह के साथ समाजहित में योगदान देते रहेंगे।
वहीं, नगर निगम के सैनिटरी इंस्पेक्टर मनोज बिष्ट को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया। मनोज बिष्ट ने अपने संबोधन में कहा कि जिस तरह से यश कीर्ति सेतु टीम ने मिनी मैराथन का आयोजन किया, वह वास्तव में अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल खेलों को प्रोत्साहित करता है बल्कि स्वच्छता, पर्यावरण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता भी फैलाता है। मनोज बिष्ट ने कहा कि मेयर दीपक बाली के नेतृत्व में नगर निगम हर उस कार्य में भागीदारी निभाने को तैयार है जो समाज को नई दिशा देने का काम करे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब समाज के हर वर्ग का सहयोग मिलता है, तो परिवर्तन की लहरें खुद-ब-खुद फैल जाती हैं।

यश कीर्ति सेतु टीम ने इस अवसर पर कहा कि मैराथन का उद्देश्य केवल दौड़ तक सीमित नहीं था, बल्कि यह समाज में जागरूकता लाने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का माध्यम था। टीम ने बताया कि मेयर दीपक बाली की प्रेरणा से यह आयोजन और अधिक सशक्त रूप में संभव हो पाया। नगर निगम के पर्यावरण मित्रों ने भी इस मौके पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि वे ऐसे आयोजन का हिस्सा बने जो समाज के हर वर्ग को जोड़ने का कार्य कर रहा है।
इस पूरे कार्यक्रम के दौरान एकता, सहयोग और सम्मान की भावना स्पष्ट झलकती रही। हर चेहरे पर संतोष और गर्व का भाव था। यश कीर्ति सेतु टीम का यह प्रयास उत्तराखंड की खेल संस्कृति और सामाजिक समरसता के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हुआ। यह आयोजन आने वाले समय में समाज के हर वर्ग को प्रेरित करेगा कि यदि नीयत साफ हो और उद्देश्य समाजहित का, तो हर कदम सफलता की ओर बढ़ता है।



