रामनगर। एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है जिसने क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे कुमाऊँ मंडल को गर्व से भर दिया है। समाजसेवा और महिला उत्थान के क्षेत्र में लगातार सक्रिय रही मालवी दुआ को राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन भारत ने महिला मोर्चा, उत्तराखंड कुमाऊँ मंडल अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। यह नियुक्ति न केवल उनके अथक परिश्रम और समर्पण का परिणाम है, बल्कि संगठन की दूरदर्शिता का भी प्रमाण है जो महिलाओं की बेहतरी और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित नेतृत्व को महत्व देता है। इस सम्मानजनक जिम्मेदारी के मिलने से स्थानीय स्तर पर उत्साह और गर्व की लहर दौड़ गई है। संगठन के साथ-साथ समाज के सभी तबकों से उन्हें बधाई संदेशों और शुभकामनाओं की बौछार मिल रही है, जिससे यह साफ हो गया है कि उनकी लोकप्रियता और स्वीकार्यता कितनी गहरी है।
महिला अधिकारों के लिए वर्षों से सक्रिय रही मालवी दुआ का योगदान हमेशा सराहनीय माना गया है। समाज में महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिलाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उन्होंने कई अभियानों और कार्यक्रमों में अहम भूमिका निभाई है। राष्ट्रीय मानव अधिकार संगठन भारत ने इन्हीं प्रयासों को देखते हुए यह फैसला लिया कि कुमाऊँ मंडल में महिला मोर्चा का नेतृत्व उन्हें सौंपा जाए। संगठन के प्रांतीय पदाधिकारियों ने कहा कि मालवी दुआ के अनुभव और ईमानदार दृष्टिकोण से महिला मोर्चा नई ऊँचाइयों पर पहुंचेगा और उनकी अगुवाई में महिलाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान तेजी से और मजबूती के साथ होगा। उनकी नियुक्ति ने यह संदेश दिया है कि महिला नेतृत्व को उचित स्थान और अवसर देने के लिए संगठन पूरी तरह गंभीर और संवेदनशील है।
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए मालवी दुआ ने भावुक स्वर में कहा कि यह उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी का क्षण है। उन्होंने कहा कि संगठन ने जो विश्वास उन पर जताया है, उसे वह पूरी निष्ठा, परिश्रम और ईमानदारी से निभाएंगी। उनका स्पष्ट कहना था कि उनका संकल्प यही रहेगा कि समाज की हर महिला सुरक्षित, सशक्त और जागरूक बने। उनके अनुसार, महिला अधिकारों की रक्षा केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि इसके लिए जमीनी स्तर पर काम करना आवश्यक है और वह इसी दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके इस बयान ने क्षेत्र की महिलाओं को नया जोश और उम्मीद दी है कि आने वाले समय में उनकी आवाज और अधिक मजबूती से सुनी जाएगी।

क्षेत्र में इस नियुक्ति को लेकर गजब का उत्साह और खुशी का माहौल है। स्थानीय महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। लोगों का मानना है कि मालवी दुआ की मेहनत और निडर स्वभाव से महिला मोर्चा को नई पहचान मिलेगी। उनका सामाजिक कार्यों से जुड़ा अब तक का रिकॉर्ड इस बात का प्रमाण है कि वह न केवल नेतृत्व करने में सक्षम हैं बल्कि समाज के हर वर्ग से जुड़कर कार्य करने की क्षमता भी रखती हैं। यही कारण है कि उनकी इस उपलब्धि को देखकर युवा महिलाएं भी प्रेरित हो रही हैं और उन्हें अपना आदर्श मान रही हैं।
इस अवसर पर मालवी दुआ को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। पूजा पटवाल, इंदु ध्यानी, एडवोकेट पूरन पांडे, मनु अग्रवाल, विनोद रावत, शुभम नायक, विक्की नायक, बबीता, अंजू रावत, कांटा भंडारी, शबाना सैफी, आदिल और जोन समेत अनेक लोगों ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में महिला मोर्चा और अधिक सशक्त होगा। स्थानीय स्तर से लेकर संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों तक सभी ने यह आशा जताई है कि कुमाऊँ मंडल की महिलाएं अब और अधिक प्रभावी ढंग से अपनी समस्याओं को सामने रख पाएंगी और समाधान के रास्ते बनेंगे।
रामनगर और आस-पास के क्षेत्रों में मालवी दुआ की इस नियुक्ति से जो सकारात्मक ऊर्जा फैली है, उसने यह साबित कर दिया है कि समाज में बदलाव लाने के लिए सच्चे इरादे और मेहनत सबसे बड़ा हथियार हैं। उनकी यह उपलब्धि उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो अपनी पहचान बनाने और समाज में सम्मानजनक स्थान हासिल करने का सपना देखती हैं। कुमाऊँ मंडल की महिलाएं अब उम्मीद कर रही हैं कि उनके मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक गंभीरता से उठाया जाएगा और उन्हें वह हक और सम्मान मिलेगा जिसके लिए लंबे समय से संघर्ष किया जा रहा है। मालवी दुआ की यह यात्रा न केवल उनके लिए बल्कि पूरे समाज के लिए नई दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है।



