रामनगर। पीड़ित, शोषित और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के अधिकारों की रक्षा करने वाले एक बेहद ही प्रतिष्ठित और नामचीन संगठन मानव अधिकार मिशन का आज 15 वां स्थापना दिवस पूरे देश के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी बेहद ही अनूठे और ऐतिहासिक तरीके से मनाया गया। इस बेहद गौरवशाली और ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए संगठन के कार्यकर्ताओं ने किसी पांच सितारा होटल या बंद कमरों में जश्न मनाने की बजाय पीरूमदारा में संचालित जे.एस.आर. दिव्यांग स्कूल के प्रांगण को चुना, जहां समाज के सबसे विशेष और मासूम बच्चों के बीच खुशियां बांटी गईं। दिनांक 13 जून 2026 को आयोजित हुए इस बेहद भव्य, आकर्षक और सेवा भावना से ओत-प्रोत कार्यक्रम के दौरान उन मासूम दिव्यांग बच्चों और उनके साथ आए बेहद गरीब तथा जरूरतमंद परिवारों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरने के लिए बड़े पैमाने पर कच्चे राशन की सामग्रियों का वितरण किया गया, जिसे देखकर वहां मौजूद हर एक शख्स की आंखें खुशी से छलक उठीं।
इस बेहद ही गरिमामयी और सामाजिक रूप से अत्यंत आकर्षक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्र के विख्यात और चिकित्सा जगत के जाने-माने चेहरे डॉक्टर पुनीत बंसल जी उपस्थित रहे, जिनकी गरिमामयी मौजूदगी ने कार्यक्रम की रौनक में चार चांद लगा दिए। वहीं दूसरी ओर, इस विशेष आयोजन में विशिष्ट अतिथि के रूप में जे.एस.आर. दिव्यांग स्कूल की अत्यंत कर्मठ, जुझारू और समर्पित प्रधानाचार्य कमला तिवारी जी मौजूद रहीं, जिन्होंने अपनी पूरी टीम के साथ अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। स्थापना दिवस के इस पावन और ऐतिहासिक मौके पर मानव अधिकार मिशन के समर्पित जिला अध्यक्ष संजय रावत की अगुवाई में संगठन के तमाम उच्च पदाधिकारियों और कर्मठ कार्यकर्ताओं द्वारा विद्यालय के भीतर पढ़ रहे शारीरिक रूप से अक्षम यानी दिव्यांग बच्चों के साथ-साथ क्षेत्र के अत्यंत असहाय, निर्धन और जरूरतमंद परिवारों के लिए कच्चे राशन के विशाल पैकेटों का वितरण बड़ी ही शालीनता और आदर भाव के साथ किया गया। इस ऐतिहासिक राहत वितरण अभियान के तहत वितरित की गई राहत सामग्रियों में मुख्य रूप से उच्च गुणवत्ता वाली पौष्टिक दालें, चावल, चोकरयुक्त शुद्ध आटा, खाद्य तेल, नमक और दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली अन्य तमाम आवश्यक खाद्य सामग्रियां शामिल थीं, जिन्हें पाकर गरीब परिवारों के मुखियाओं ने संगठन का दिल से आभार जताया।
राशन वितरण के इस बेहद ही पुनीत और बड़े पैमाने पर आयोजित किए गए कार्यक्रम के दौरान वहां उपस्थित विशाल जनसमूह और मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए मानव अधिकार मिशन के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारियों और वक्ताओं ने संगठन की विचारधारा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बेहद गर्व के साथ बताया कि इस गैर-सरकारी और जन-हितैषी संस्था का मुख्य और एकमात्र उद्देश्य समाज के सबसे पिछड़े, कमजोर, शोषित और जरूरतमंद वर्गों की हर संभव सहायता करना तथा उनके बुनियादी जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अपना अमूल्य योगदान देना है। पीरूमदारा की धरती पर आयोजित हुए इस बेहद अनूठे और सेवाभावी आयोजन में जे.एस.आर. दिव्यांग विद्यालय का पूरा प्रबंधन तंत्र, समर्पित शिक्षकगण, बच्चों के अत्यंत भावुक अभिभावक और क्षेत्र के तमाम गणमान्य, संभ्रांत तथा प्रबुद्ध नागरिक भी बहुत बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस पूरे कार्यक्रम के सफल संचालन के माध्यम से वर्तमान समय के इस मशीनी समाज में खो रही मानवता, निस्वार्थ सेवा और आपसी सहयोग तथा भाईचारे की पवित्र भावना को एक बार फिर से पुनर्जीवित करने और उसे जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने का एक बहुत ही ईमानदार और सराहनीय प्रयास किया गया है।

मानव अधिकार मिशन के इस ऐतिहासिक 15 वें स्थापना दिवस के पावन अवसर पर आयोजित किया गया यह निस्वार्थ सेवा कार्य समाज के प्रति संस्था की अटूट प्रतिबद्धता, उसकी गहरी सामाजिक चेतना और नैतिक उत्तरदायित्व का एक बहुत ही बेमिसाल, उत्कृष्ट और अनुकरणीय उदाहरण पूरे देश के सामने प्रस्तुत करता है। इस बेहद ही भावुक और ऊर्जा से भरे माहौल के दौरान अपने अध्यक्षीय संबोधन में जन-जन की आवाज उठाने वाले जिला अध्यक्ष संजय रावत ने अत्यंत कड़े और संकल्पित शब्दों में कहा कि हमारा यह संगठन और इसके पीछे खड़ी पूरी टीम समाज की निस्वार्थ सेवा के लिए हमेशा इसी प्रकार दिन-रात पूरी ताकत के साथ धरातल पर तत्पर रहेगी। उन्होंने भावुक होते हुए आगे कहा कि वे अपने पद और संगठन की साख को दरकिनार रखकर अपने हर एक छोटे-बड़े पदाधिकारी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हमेशा समाज के सबसे असहाय और जरूरतमंद लोगों के आंसू पोंछने के लिए चौबीसों घंटे पूरी मुस्तैदी से खड़े रहेंगे। इसी सेवा कार्य के दौरान मानव अधिकार मिशन की समस्त अनुशासित टीम द्वारा मुख्य अतिथि डॉक्टर पुनीत बंसल जी तथा विशिष्ट अतिथि प्रधानाचार्य कमला तिवारी जी को संगठन की ओर से एक बेहद ही सुंदर और आकर्षक स्मृति चिन्ह भेंट कर और शॉल ओढ़ाकर उन्हें मंच पर सम्मानित किया गया।
इस बेहद ही खास और गौरवशाली समारोह के दौरान काशीपुर क्षेत्र से से पहुंचे संगठन के सचिव जयदीप ने कहा कि मानव अधिकारों की रक्षा केवल कागजी कानूनों से नहीं बल्कि धरातल पर उतरकर जरूरतमंदों की मदद करने से ही संभव हो सकती है। इस बेहद ऐतिहासिक और बड़े पैमाने पर सफल हुए आयोजन के अवसर पर मानव अधिकार मिशन के शीर्ष पदाधिकारियों और रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले कार्यकर्ताओं के रूप में जिला अध्यक्ष संजय रावत के साथ-साथ महिला विंग की कद्दावर नेता रेखा रावत, वरिष्ठ पदाधिकारी राजीव शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार, काशीपुर सचिव जयदीप ढौंडियाल, युवा नेता गौरव कुमार, सक्रिय महिला सदस्य पूजा कुमारी और प्रियंका जैसी तमाम जानी-मानी हस्तियां पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी सेवाएं देती नजर आईं। इन सभी पदाधिकारियों ने अपने हाथों से एक-एक दिव्यांग बच्चे को राशन की किट सौंपी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की, जिसने पूरे माहौल को अत्यंत संवेदनशील और आकर्षक बना दिया।
सफलतापूर्वक संपन्न हुए इस सेवा समागम के अंत में विद्यालय प्रबंधन और स्थानीय नागरिकों ने मानव अधिकार मिशन की पूरी टीम का सामूहिक रूप से धन्यवाद ज्ञापित किया और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी यह संगठन इसी तरह के क्रांतिकारी और समाज सुधारक कार्य करता रहेगा। काशीपुर और रामनगर के सीमावर्ती इलाकों में इस राशन वितरण की खबर जैसे ही आग की तरह फैली, वैसे ही सोशल मीडिया पर भी इस मानवीय पहल की जमकर तारीफ होने लगी और लोग संगठन के इस १४ वर्षों के सफर के बाद १५ वें साल में प्रवेश करने पर बधाई देने लगे। इस पूरे कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया है कि यदि समाज की संस्थाएं अपनी पूरी ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ काम करें, तो जे.एस.आर. दिव्यांग स्कूल जैसे संस्थानों में पढ़ रहे विशेष बच्चों को कभी भी खुद के अकेले होने का अहसास नहीं होगा। आज का यह पूरा घटनाक्रम पीरूमदारा के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है, जो आने वाले समय में अन्य स्वयंसेवी संगठनों के लिए भी एक बहुत बड़ा मार्गदर्शक और प्रेरणा का स्रोत साबित होगा।





