काशीपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग रामनगर रोड पर स्थित एलडी भट्ट राजकीय चिकित्सालय के बाहर आज काशीपुर के शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली, जब महापौर दीपक बाली ने मुख्य नगर आयुक्त रविन्द्र सिंह बिष्ट के साथ देवभूमि रजत जयंती पार्क का विधिवत शिलान्यास किया। यह पार्क लगभग एक करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा और इसे काशीपुर के सौंदर्यीकरण की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। शहर के प्रवेश द्वार जैसे इस व्यस्त मार्ग पर बनने वाला यह पार्क न केवल काशीपुर की पहचान को एक नई ऊंचाई देगा, बल्कि देश-विदेश से उत्तराखंड आने-जाने वाले पर्यटकों के मन में शहर की एक सकारात्मक और आकर्षक छवि भी स्थापित करेगा। चिकित्सालय के बाहर हरा-भरा, स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण मिलने से यहां इलाज के लिए आने वाले रोगियों और उनके तीमारदारों को भी मानसिक शांति और प्रदूषण से राहत मिलेगी, जिससे यह पार्क सामाजिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टियों से उपयोगी साबित होगा।
शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान आयोजन स्थल पर उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला, जहां महापौर दीपक बाली के पहुंचते ही पार्षदों, पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों और शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की बड़ी उपस्थिति इस बात का संकेत थी कि यह परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि काशीपुर के नागरिकों की सामूहिक अपेक्षाओं और आकांक्षाओं से जुड़ी पहल है। स्वागत समारोह के दौरान नगर विकास को लेकर चर्चा, योजनाओं की सराहना और भविष्य की संभावनाओं पर संवाद होता रहा। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने पार्क निर्माण को शहर के पर्यावरण संतुलन और सार्वजनिक जीवन की गुणवत्ता में सुधार की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया और इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी धरोहर के रूप में देखा।
अपने संबोधन में महापौर दीपक बाली ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निरंतर मार्गदर्शन, आशीर्वाद और सहयोग के कारण काशीपुर विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री का विशेष स्नेह और समर्थन काशीपुर को सुंदर, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में लगातार प्रेरणा दे रहा है। इसी क्रम में देवभूमि रजत जयंती पार्क का शिलान्यास संभव हो सका है। महापौर ने यह भी कहा कि इस पार्क के बन जाने से न केवल शहर की सुंदरता में इजाफा होगा, बल्कि यहां से गुजरने वाले पर्यटकों और आगंतुकों के मन में काशीपुर को लेकर एक सकारात्मक संदेश जाएगा। उन्होंने इस परियोजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार और नगर निगम मिलकर शहर के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
मीडिया से बातचीत के दौरान महापौर दीपक बाली ने बताया कि देवभूमि रजत जयंती पार्क का चयन सोच-समझकर किया गया है, क्योंकि यह स्थान शहर के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्ग पर स्थित है। उन्होंने कहा कि इसी मार्ग से होकर देश-विदेश से आने वाले पर्यटक जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, नैनीताल और कुमाऊं के पहाड़ी क्षेत्रों की ओर जाते हैं। ऐसे में इस पार्क का निर्माण काशीपुर को एक आकर्षक प्रवेश द्वार के रूप में प्रस्तुत करेगा। महापौर ने जानकारी दी कि पार्क के डिजाइन और ड्राइंग को बेहद सुंदर और आधुनिक स्वरूप में तैयार किया गया है, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि योजना को अंतिम रूप देने के बाद इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू की गई और आज शिलान्यास के साथ इसका औपचारिक शुभारंभ हो गया है।
पार्क के रखरखाव को लेकर पूछे गए सवालों पर महापौर दीपक बाली ने कहा कि नगर निगम ने जन सहभागिता को सर्वाेपरि मानते हुए एक नई व्यवस्था पर काम किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्क के संरक्षण और देखरेख की जिम्मेदारी केवल नगर निगम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसमें सामाजिक संस्थाओं और शहर के जागरूक नागरिकों को भी जोड़ा जाएगा। महापौर के अनुसार, जो लोग और संस्थाएं इस पहल में सहयोग के लिए आगे आएंगी, उन्हें नगर निगम के साथ मिलकर रखरखाव की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इससे न केवल पार्क की बेहतर देखभाल सुनिश्चित होगी, बल्कि लोगों में सार्वजनिक संपत्तियों के प्रति जिम्मेदारी और अपनापन भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की सहभागिता से शहर में अन्य विकास परियोजनाओं के संचालन और संरक्षण में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।
भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए महापौर दीपक बाली ने बताया कि नगर निगम द्वारा शहर में इस तरह के और भी पार्क विकसित करने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल छह अन्य पार्कों के डिजाइन तैयार कर भेजे जा चुके हैं, जिन पर जल्द ही काम शुरू होने की उम्मीद है। इसके साथ ही शहर में फ्लाईओवर के नीचे की खाली जगहों को उपयोगी और आकर्षक बनाने की योजना भी लगभग अंतिम चरण में है। महापौर ने जानकारी दी कि यह योजना एक लोकप्रिय और नए स्वरूप में लोगों के सामने आएगी और फरवरी के अंत तक इस पर काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने दोहराया कि नगर निगम का उद्देश्य काशीपुर को सुंदर, स्वस्थ और सुरक्षित शहर बनाना है, जिसके लिए लगातार नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
शिलान्यास कार्यक्रम में पी सी यू चेयरमैन राम मल्होत्रा, ईश्वर चंद्र गुप्ता, सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल शाह, पार्षद शाह आलम, बीना नेगी, दीपा पाठक, सीमा सागर, हनीफ गुड्डू, सतीश कुमार, वैशाली गुप्ता, अनीता कांबोज, प्रकाश नेगी, मुकेश चावला, मयंक मेहता, शरीफ अहमद, अब्दुल कादिर, मंडल अध्यक्ष अर्जुन सिंह चौधरी, समरपाल सिंह, प्रियंका अग्रवाल, विवेक शुक्ला, राहुल कश्यप, मनोज जग्गा, सी के शर्मा, मनदीप सिंह ढिल्लों, राजीव अरोड़ा, बच्चू, अवर अभियंता राजू, जे ई अभिषेक सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने इस परियोजना को शहर के लिए लाभकारी बताते हुए नगर निगम की पहल की सराहना की और इसके शीघ्र पूर्ण होने की कामना की।
कार्यक्रम के उपरांत शहर में निकल रहे नगर कीर्तन के दौरान भी नगर निगम परिसर के बाहर महापौर दीपक बाली ने पार्षदों के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का सम्मान और समर्थन नगर निगम की प्राथमिकताओं में शामिल है, क्योंकि ऐसे आयोजन समाज में एकता और सद्भाव का संदेश देते हैं। महापौर ने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी समान महत्व दिया जाना चाहिए, ताकि शहर का समग्र विकास संभव हो सके। नगर कीर्तन के स्वागत के दौरान भी शहरवासियों में उत्साह देखने को मिला और लोगों ने महापौर तथा नगर निगम की सक्रिय भूमिका की प्रशंसा की।
कुल मिलाकर देवभूमि रजत जयंती पार्क का शिलान्यास काशीपुर के शहरी परिदृश्य में एक नई उम्मीद के रूप में सामने आया है। यह परियोजना न केवल पर्यावरण संरक्षण और सौंदर्यीकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि यह शहर की सामाजिक चेतना और जन सहभागिता को भी मजबूती प्रदान करेगी। महापौर दीपक बाली के नेतृत्व में नगर निगम द्वारा उठाए जा रहे ऐसे प्रयास काशीपुर को एक आधुनिक, स्वच्छ और आकर्षक शहर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। आने वाले समय में जब यह पार्क अपने पूर्ण स्वरूप में सामने आएगा, तब यह निस्संदेह शहरवासियों और पर्यटकों दोनों के लिए एक पसंदीदा स्थान बनेगा और काशीपुर की पहचान को नई चमक प्रदान करेगा।



