spot_img
दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, वह खुद बनिए. - महात्मा गांधी
Homeउत्तराखंडमनोज अग्रवाल के तीखे राजनीतिक प्रहारों से गरमाई सियासत कांग्रेस ने ठोकी...

मनोज अग्रवाल के तीखे राजनीतिक प्रहारों से गरमाई सियासत कांग्रेस ने ठोकी सत्ता की दावेदारी

नगर पंचायत चुनाव की जीत से उत्साहित कांग्रेस ने भाजपा पर साधा जोरदार निशाना, विकास, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर उठाए बड़े सवाल; आगामी विधानसभा चुनावों में बदलाव की मजबूत संभावना जताई।

काशीपुर। कांग्रेस के वरिष्ठ और कद्दावर नेता मनोज अग्रवाल ने मीडियाकर्मियों से रूबरू होते हुए समसामयिक राजनीतिक परिदृश्यों पर अत्यंत बेबाकी से अपने विचार साझा किए, जिससे प्रदेश की सियासत में गर्माहट आ गई है। उन्होंने स्थानीय और राष्ट्रीय दोनों ही स्तरों पर पार्टी की वर्तमान दशा, आगामी कार्ययोजना और प्रतिद्वंद्वी दलों की नीतियों पर तीखे प्रहार करते हुए दावा किया कि संगठन जमीनी स्तर पर बेहद मजबूत स्थिति में आ चुका है। हालिया संपन्न हुए चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता का भरपूर और अभूतपूर्व समर्थन मिला है, जिससे कार्यकर्ताओं के भीतर एक नए और सकारात्मक उत्साह का संचार साफ देखा जा सकता है। खास तौर पर गाड़ी नेगी नगर पंचायत चुनाव के नतीजों ने यह साबित कर दिया है कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के तमाम दावों और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के बावजूद जनता ने कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार के सिर पर ही जीत का सेहरा बांधा है। यह जीत कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि निचले स्तर पर मतदाताओं का भरोसा अब पूरी तरह से भाजपा से उठ चुका है और वे कांग्रेस के भीतर ही अपना सुरक्षित भविष्य तलाश रहे हैं।

इस महत्वपूर्ण चुनावी कामयाबी से कार्यकर्ताओं में फैले जोश और भविष्य की चुनावी रणनीतियों पर रोशनी डालते हुए वरिष्ठ नेता मनोज अग्रवाल ने साफ लफ्जों में कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में इसके बेहद दूरगामी और ऐतिहासिक परिणाम देखने को मिलेंगे। चुनाव के तुरंत बाद कुछ प्रत्याशियों की निष्क्रियता या उनके परिदृश्य से गायब होने के आरोपों पर अत्यंत सहजता से जवाब देते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि पराजय के बाद किसी भी व्यक्ति का विचलित होना या कुछ समय के लिए शांत हो जाना एक स्वाभाविक मानवीय प्रतिक्रिया है। मगर इसका यह अर्थ कतई नहीं निकाला जाना चाहिए कि वे मैदान छोड़कर भाग चुके हैं, बल्कि अब सभी नेता और निष्ठावान कार्यकर्ता अपनी पूरी ऊर्जा के साथ दोबारा जमीन पर सक्रिय हो चुके हैं। पिछले पच्चीस वर्षों से काशीपुर क्षेत्र में लगातार जीत दर्ज कर रहे सत्ताधारी दल के विधायक के कार्यकाल को उन्होंने पूरी तरह से विफल और विकासहीन करार दिया। उन्होंने जनता के सामने सीधे सवाल दागते हुए पूछा कि क्षेत्र के दो प्रमुख ओवरब्रिज जो जनता की सहूलियत के लिए बनने थे, उनमें से एक तो बनते ही टूटने की कगार पर पहुंच चुका है, जिससे भ्रष्टाचार की बू आ रही है।

स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे के इस बदतर हाल को लेकर सत्तारूढ़ दल को आड़े हाथों लेते हुए मनोज अग्रवाल ने कहा कि भाजपा विकास के खोखले वादे करने में तो माहिर है, लेकिन धरातल पर उसकी कोई भी योजना सही ढंग से आकार नहीं ले पाई है। दूसरी ओर, भाजपा के भीतर मची अंदरूनी कलह और नेताओं की आपसी गुटबाजी का सीधा फायदा आने वाले समय में कांग्रेस को मिलना तय है क्योंकि जनता अब विकल्प की तलाश में है। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल की घर वापसी और उनके राजनीतिक कद का आकलन करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि उनके आने से न केवल काशीपुर बल्कि पूरे उत्तराखंड राज्य में कांग्रेस संगठन को एक नई ताकत और अचूक मजबूती मिलेगी। उनके प्रभावशाली और जुझारू व्यक्तित्व का लाभ पार्टी को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मिलेगा, जिससे आगामी चुनावी समर में विरोधियों को शिकस्त देना और भी आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक बड़े परिवार की तरह है, जहां हर कार्यकर्ता की अपनी महत्ता है और यही वजह है कि कभी-कभी टिकट वितरण या बड़े फैसले लेने में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत थोड़ा अधिक समय लग जाता है, जिसे लोग देरी समझने की भूल कर बैठते हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर देश की दशा और दिशा पर बात करते हुए कांग्रेस के इस वरिष्ठ रणनीतिकार ने वर्तमान प्रधानमंत्री के बारह वर्षों के शासनकाल पर सबसे गंभीर और तल्ख टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का मूल चरित्र ही केवल और केवल प्रचार तक सीमित रह गया है, जहां विकास कार्यों की जगह सिर्फ कागजी दावों और इवेंट मैनेजमेंट को तरजीह दी जाती है। वर्तमान प्रधानमंत्री की तुलना देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी से किए जाने के प्रयासों को उन्होंने पूरी तरह से बेतुका, हास्यास्पद और अनुचित करार दिया। उन्होंने याद दिलाया कि जब पंडित जवाहरलाल नेहरू जी ने देश की कमान संभाली थी, तब भारत साढ़े तीन सौ वर्षों की दमनकारी गुलामी की बेड़ियों से आजाद हुआ था, जिसके पास न तो कोई बड़ा उद्योग था, न मजबूत बुनियादी ढांचा था और ऊपर से विभाजन का गहरा और दर्दनाक जख्म भी सीने पर था। उस चुनौतीपूर्ण दौर में भी उन्होंने रेलवे, मजबूत सड़क परिवहन, कृषि सशक्तिकरण और भारी उद्योगों की स्थापना कर आधुनिक भारत की एक ऐसी मजबूत बुनियाद रखी, जिस पर आज पूरा देश गर्व से खड़ा है।

मौजूदा केंद्र सरकार की आर्थिक और विदेश नीतियों की तीखी आलोचना करते हुए मनोज अग्रवाल ने कहा कि पिछले बारह वर्षों में वर्तमान सरकार ने देश की संपत्तियों और सार्वजनिक उपक्रमों को बेचने के अलावा कोई दूसरा उल्लेखनीय काम नहीं किया है। उन्होंने वर्ष 2016 में लागू की गई विनाशकारी नोटबंदी और उसके बाद व्यापारियों की कमर तोड़ने वाले श्गब्बर सिंह टैक्सश् यानी जटिल कर प्रणाली का हवाला देते हुए कहा कि इन फैसलों ने छोटे और मध्यम उद्योगों को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश की साख का जिक्र करते हुए उन्होंने भावुकता से कहा कि एक समय था जब पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी जी दुनिया की महाशक्तियों जैसे अमेरिका की आंखों में आंखें डालकर देश के स्वाभिमान की रक्षा करती थीं और अपनी बात मनवाती थीं। परंतु आज देश के मौजूदा प्रधानमंत्री की यह स्थिति हो चुकी है कि वे देश के भीतर एक भी लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं, जो हमारे लोकतांत्रिक ताने-बाने के लिए बेहद चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंडित नेहरू जी का दौर देश का स्वर्णिम काल था, जिसकी तुलना आज के प्रचारवादी दौर से कभी नहीं की जा सकती।

संगठनात्मक स्तर पर उठ रहे सवालों और प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा की कार्यप्रणाली का बचाव करते हुए मनोज अग्रवाल ने मीडिया के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया कि अध्यक्ष के पास अपनी कोई टीम या सिपाही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि करन माहरा एक अत्यंत ईमानदार, निष्ठावान, जुझारू और संगठन के प्रति पूरी तरह समर्पित रहने वाले जमीन से जुड़े नेता हैं, जिनके भीतर लोभ या लालच का दूर-दूर तक कोई नामोनिशान नहीं है। कार्यकारिणी के गठन में हो रहे विलंभ को उन्होंने सांगठनिक संतुलन बनाने की एक सामान्य प्रक्रिया बताया और कहा कि वे बहुत जल्द एक ऐसी अजेय और मजबूत टीम तैयार कर लेंगे जो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगी। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के केवल पहाड़ी क्षेत्रों में ध्यान केंद्रित करने और मैदानी इलाकों जैसे काशीपुर और रामनगर की उपेक्षा करने के आरोपों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि पहाड़ और मैदान के बीच संतुलन साधना बेहद जरूरी है। हाल ही में उन्होंने रूद्रपुर सहित कई मैदानी इलाकों का सघन दौरा किया है और आने वाले दिनों में उनके दौरों की गति मैदानी क्षेत्रों में और तेज होगी, जिससे विरोधियों के सारे झूठे दुष्प्रचार स्वतः ही समाप्त हो जाएंगे।

संबंधित ख़बरें
स्वच्छ, सुंदर और विकसित काशीपुर के संकल्प संग गणतंत्र दिवस

लेटेस्ट

ख़ास ख़बरें

error: Content is protected !!