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मंगलसूत्र लूटने वाले काशीपुर के शातिर गिरोह को पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा

पीरूमदारा में महिला के गले से झपट्टा मारकर सोना उड़ाने वाले बाइक सवार लुटेरे दोबारा वारदात की नियत से पहुंचे तो खाकी ने धर दबोचा और सीसीटीवी की मदद से सलाखों के पीछे पहुँचाया।

रामनगर। नगर की शांत वादियों और पीरूमदारा के ग्रामीण अंचलों में खौफ का पर्याय बने शातिर झपटमार गिरोह का पुलिस ने अत्यंत नाटकीय ढंग से पर्दाफाश कर दिया है, जिससे समूचे क्षेत्र के निवासियों ने राहत की सांस ली है। यह सनसनीखेज मामला उस समय प्रकाश में आया जब पुलिस की सतर्कता और सटीक मुखबिरी के चलते उन लुटेरों को धर दबोचा गया, जो महिलाओं के आभूषणों पर गिद्ध जैसी दृष्टि गड़ाए बैठे थे। घटना का चक्र 16 अप्रैल 2026 को उस समय शुरू हुआ था, जब पीरूमदारा निवासी विशन सिंह बिष्ट अपनी धर्मपत्नी के साथ खेतों में सिंचाई के कार्यों हेतु जा रहे थे, तभी पीछे से घात लगाकर आए मोटरसाइकिल सवारों ने एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया जिसने कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दे डाली थी। इन बेखौफ अपराधियों ने न केवल एक महिला की अस्मिता और उसके सुहाग के प्रतीक मंगलसूत्र पर हाथ साफ किया, बल्कि क्षेत्र में दहशत का माहौल भी पैदा कर दिया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था क्योंकि ये अपराधी अपनी अगली साजिश को अंजाम देने के लिए जैसे ही दोबारा रामनगर की सीमा में दाखिल हुए, खाकी के फंदे में बुरी तरह फंस गए।

वारदात की उस खौफनाक दोपहर का मंजर कुछ ऐसा था कि विशन सिंह बिष्ट और उनकी पत्नी अपनी दिनचर्या के अनुसार कृषि कार्य की ओर बढ़ रहे थे, तभी एक मोटर साइकिल पर सवार तीन युवक साये की तरह उनका पीछा करने लगे। सुनसान जगह का फायदा उठाते हुए अपराधियों ने अपनी गाड़ी रोकी और उनमें से एक युवक बड़ी चालाकी से नीचे उतरा और बातचीत करने के बहाने महिला के करीब पहुंच गया ताकि वह शिकार को भांप सके। जैसे ही महिला ने उसकी बातों पर भरोसा किया, पलक झपकते ही उस झपटमार ने पूरी ताकत के साथ महिला के गले पर हमला बोलकर सोने का मंगलसूत्र झपट लिया, जिससे वहां चीख-पुकार मच गई। इस छीना-झपटी और संघर्ष के दौरान मंगलसूत्र टूट गया और उसके कुछ दाने जमीन पर ही बिखर गए, लेकिन अपराधी आधा-अधूरा मंगलसूत्र लेकर हवा की गति से मौके से फरार होने में कामयाब रहे। इस दुस्साहसिक लूट के बाद रामनगर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तत्काल प्रभाव से थाना रामनगर में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लुटेरों की तलाश के लिए जाल बिछाया गया।

इस पेचीदा और चुनौतीपूर्ण मामले को सुलझाने के लिए पुलिस टीम ने आधुनिक तकनीक और पारंपरिक तफ्तीश का सहारा लेते हुए इलाके के चप्पे-चप्पे पर लगे लगभग 70 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को बड़ी बारीकी से खंगाला, जिससे लुटेरों के भागने के मार्ग का स्पष्ट सुराग मिल सका। कैमरों की निगरानी और संदिग्धों के हुलिए के मिलान के बाद पुलिस को सफलता की पहली किरण दिखाई दी और 25 अप्रैल को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने चौधरी ढाबा के समीप घेराबंदी कर दी। जैसे ही संदिग्ध बाइक सवार वहां पहुंचे, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो आरोपियों को दबोच लिया, जबकि उनके साथ मौजूद एक किशोर को भी विधिक संरक्षण में लिया गया है। पकड़े गए इन शातिर अपराधियों की शिनाख्त सावेज उर्फ भूरा जो कि महेशपुर काशीपुर का निवासी है, और जुबैर जो किला बाजार काशीपुर का रहने वाला है, के रूप में हुई है, जिन्होंने पूछताछ में अपने जुर्म को कुबूल करते हुए पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारियां भी साझा की हैं।

पुलिस की गहन पूछताछ में यह बात सामने आई कि ये अपराधी इतने बेखौफ और लालची थे कि वे पकड़े जाने के डर से बेपरवाह होकर दोबारा रामनगर क्षेत्र में किसी नई महिला को अपना शिकार बनाने और बड़ी झपटमारी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में लौटे थे। अपराधियों के पास से पुलिस ने वारदात के दौरान लूटा गया टूटा हुआ मंगलसूत्र बरामद किया है, जिसमें छह पीली धातु के सुनहरे दाने और एक पेंडल शामिल है, साथ ही वह मोटरसाइकिल भी पुलिस के कब्जे में है जिसका इस्तेमाल अपराध को अंजाम देने और भागने के लिए किया गया था। सावेज उर्फ भूरा और जुबैर का काशीपुर से आकर रामनगर में वारदात करना यह दर्शाता है कि यह गिरोह अंतर-क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय था और महिलाओं के गहनों को निशाना बनाना इनका मुख्य पेशा बन चुका था। इस गिरोह के बेनकाब होने से न केवल पुरानी लूट का माल बरामद हुआ है, बल्कि भविष्य में होने वाली कई संभावित घटनाओं पर भी पुलिस ने समय रहते लगाम लगा दी है।

पुलिस महानिरीक्षक और स्थानीय अधिकारियों ने इस सफल ऑपरेशन की सराहना करते हुए बताया कि झपटमारी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अब और भी अधिक कड़ाई से पेश आएगी और संदिग्धों की धरपकड़ के लिए गश्त बढ़ाई जाएगी। पकड़े गए आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने अन्य किन-किन क्षेत्रों में इस प्रकार की लूटपाट को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई से स्थानीय जनता और विशेषकर महिलाओं के बीच सुरक्षा का भाव पुनः जागृत हुआ है, जिन्होंने पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्यवाही के लिए उनकी पीठ थपथपाई है। वर्तमान में पुलिस बरामद सामान को कानूनी प्रक्रिया के तहत सुरक्षित कर चुकी है और आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी पूरी कर ली गई है, जबकि संरक्षण में लिए गए किशोर के मामले में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के नियमों के अनुसार अग्रिम कार्यवाही अमल में लाई जा रही है।

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