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बेटियों के लिए आधुनिक जीआईसी का नया सपना साकार करने को तैयार

मेयर दीपक बाली की पहल से 70 साल पुराना कन्या इंटर कॉलेज अत्याधुनिक सुविधाओं, स्मार्ट कक्षाओं, सुरक्षित परिसर और आधुनिक लैब के साथ काशीपुर की बेटियों के लिए नए युग का द्वार खोलने जा रहा है।

काशीपुर। कई दशकों से बदहाली झेल रहे काशीपुर के राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के लिए सोमवार का दिन उम्मीद से भरा साबित हुआ। शहर की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में अब वह वह पल आ गया है जिसका वर्षों से इंतज़ार किया जा रहा था। दोपहर में मेयर दीपक बाली महाराणा प्रताप चौक के समीप स्थित पहुँचे और प्रधानाचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित टीम के साथ लंबी बैठक की। लगभग सत्तर वर्ष पुराने इस भवन की टूटी-फूटी संरचना, संकरे कक्ष और आधुनिक सुविधाओं की कमी अब तक अनदेखी होती रही, लेकिन इस बार हालात बदलने का मन बन चुका है। शहर की हजारों छात्राओं की शिक्षा एक जर्जर ढांचे में कहीं न कहीं बाधित हो रही थी। यह वही संस्थान है जिसने 1956 में बेटियों को पढ़ाने का सपना लेकर शुरुआत की थी, मगर इतने वर्षों में समय के साथ भवन और सुविधाओं की हालत बुरी तरह बिगड़ती चली गई। मेयर बाली ने इसे केवल भवन सुधार का मुद्दा नहीं, बल्कि काशीपुर की बेटियों की गरिमा और उनकी प्रगति से जुड़ा विषय बताया है।

बैठक के दौरान मेयर दीपक बाली ने स्पष्ट कहा कि किसी भी शहर की उन्नति सड़क, पानी और शिक्षा की मजबूती पर टिकी होती है, और यही वजह है कि वे अब शिक्षा के इस पुराने धरोहर को पूरी तरह बदलने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों और नालों के सुधार का कार्य पहले ही तेज़ी से चल रहा है और अब शिक्षा को नई शक्ति देने का समय है। लगभग अठारह सौ छात्राओं वाला यह संस्थान कभी काशीपुर के बड़े परिवारों से लेकर मध्यम और निम्नवर्ग की लड़कियों के लिए शिक्षा का सबसे विश्वसनीय केंद्र हुआ करता था। आज भी कई प्रसिद्ध महिलाएँ, जो देश के अलग-अलग पदों पर कार्यरत हैं, इसी विद्यालय की पूर्व छात्राएँ रही हैं। लेकिन वर्षों की उपेक्षा के कारण यहां की स्थिति चिंताजनक हो चुकी थी। चारों ओर जर्जर कमरों, अपर्याप्त जगह, सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी और तकनीकी शिक्षा के अभाव ने परिस्थितियों को और कठिन बना दिया था। मेयर बाली ने बताया कि इस कॉलेज की दशा देखकर उन्होंने तुरंत इसे मुख्यमंत्री के सामने उठाया और एक नए, आधुनिक, सुरक्षित और अत्याधुनिक कैंपस के निर्माण का प्रस्ताव रखा।

मेयर दीपक बाली ने यह भी जानकारी साझा की कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 मार्च को नगर निगम सभागार में पहली बार आगमन के दौरान इस कॉलेज के आधुनिकीकरण का प्रस्ताव गंभीरता से स्वीकार किया था। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा संख्या 121/2025 के अनुसार इस कॉलेज को देवभूमि के राज्य स्तरीय मॉडल कन्या इंटरमीडिएट विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। बैठक स्थल पर मौजूद शिक्षा अधिकारी डी के साहू, प्रधानाचार्य, और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर इस परियोजना का प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मेयर का कहना है कि नए भवन में ऐसी व्यवस्थाएँ होंगी जो किसी भी बड़े निजी स्कूल को चुनौती दे सकें जैसे रोबोटिक्स लैब, अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब, स्मार्ट कक्षाएँ, सुरक्षित परिसर, विशाल खेल मैदान, इनडोर गेम्स और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए उन्नत सुविधाएँ। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि हजारों बेटियों की प्रगति और आत्मनिर्भरता की नई आधारशिला बनने जा रहा है। उनकी प्राथमिकता है कि हर बेटी सुरक्षित वातावरण में आधुनिकतम शिक्षा प्राप्त कर सके और इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई किसी भी तरह की कमी के बिना पूरी कर सके।

मेयर दीपक बाली ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी द्वारा जिन योजनाओं का शिलान्यास होता है, उनका लोकार्पण भी समय पर निश्चित रूप से किया जाता है। उन्होंने कहा कि काशीपुर में अब तक जिन परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ है, वे धरातल पर भी नजर आ रही हैं और आने वाले दो से तीन महीनों में कई नई योजनाएँ भी साकार रूप लेने लगेंगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि काशीपुर के विकास की धारा को मुख्यमंत्री धामी ने निरंतर प्रवाह में बदल दिया है और यही कारण है कि शिक्षा के इस बड़े प्रोजेक्ट को भी पूरी प्राथमिकता दी जा रही है। अंत में मेयर दीपक बाली ने कहा कि यह परियोजना केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि काशीपुर की बेटियों के सम्मान, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक होने जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि नए मॉडल कन्या इंटर कॉलेज के पूरा होते ही काशीपुर शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखेगा और शहर की हर बेटी इस परिवर्तन की साक्षी बनेगी।

हिन्दी दैनीक सहर प्रजातंत्र से बात करते हुए महापौर दीपक बाली ने कहा कि काशीपुर की बेटियों के शिक्षा-भविष्य को नई दिशा देने के लिए आज हम राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के आधुनिकीकरण की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया की शुरुआत कर रहे हैं। 1956 में स्थापित यह संस्थान हजारों छात्राओं के सपनों का आधार रहा है, लेकिन अब समय आ गया है कि इसे आधुनिक तकनीक, सुरक्षित ढांचे और भविष्य की ज़रूरतों के अनुरूप राज्य का सर्वश्रेष्ठ मॉडल कन्या इंटर कॉलेज बनाया जाए। उन्होने बताया कि नौ मार्च को माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी जब काशीपुर पहुंचे थे, तभी मैंने इस कॉलेज के नवदृनिर्माण का विषय उनके सामने मजबूती से रखा था, और उसी क्षण उन्होंने इस महत्वपूर्ण परियोजना को मंज़ूरी देकर काशीपुर की बेटियों के प्रति अपनी संवेदना और प्रतिबद्धता दोनों स्पष्ट कर दी थीं।

उन्होने कहा कि आज उसी घोषणा को धरातल पर लाने के लिए विभागीय इंजीनियरों, शिक्षा अधिकारियों और कॉलेज प्रशासन के साथ विस्तृत समीक्षा की जा रही है। महापौर दीपक बाली ने कहा कि हमने आज कॉलेज के लिए नई ड्राइंग, डिज़ाइन, और डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है, जो शीघ्र ही निदेशालय को भेजी जाएगी। मेरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री जी की कार्यशैली ऐसी है कि वे केवल घोषणाएं नहीं करतेकृउनकी हर घोषणा का शिलान्यास भी होता है और समय पर लोकार्पण भी। इसी निरंतरता और पारदर्शिता के साथ यह परियोजना भी तेज़ी से आगे बढ़ेगी, ताकि काशीपुर की हर बेटी को बेहतर, सुरक्षित और अत्याधुनिक वातावरण में शिक्षा मिल सके।

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शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

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