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बिहार में एनडीए की सुनामी से काशीपुर बीजेपी में जश्न और जोश की लहर

बिहार की ऐतिहासिक जीत से उत्साहित काशीपुर भाजपा कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी और उल्लास के बीच मोदी नेतृत्व पर भारी भरोसे का दमदार संदेश दिया

बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की अप्रत्याशित और व्यापक विजय का असर पूरे देश में उत्साह की लहर की तरह फैल गया है और उसी उत्साह की गूंज उत्तराखंड के काशीपुर में भी ज़ोरों से सुनाई दी। चुनावी नतीजे सामने आते ही भाजपा कार्यकर्ताओं में उमंग छा गई और जिला कार्यालय का वातावरण मानो किसी बड़े जश्न में बदल गया, जहां आतिशबाज़ी की चमक और मिष्ठान की मिठास एक साथ दिखाई दी। जिला अध्यक्ष मनोज पाल, प्रदेश प्रवक्ता गुरूविंदर सिंह चडोक, चीसीयू चेयरमैन राम महरोत्र, और निवर्तमान महामंत्री खिलेन्द्र चौधरी सहित जिले की पूरी कार्यकारिणी ने एकजुट होकर पार्टी की इस अभूतपूर्व जीत पर उल्लास व्यक्त किया। बिहार से आए जनादेश को उन्होंने केवल राजनीतिक विजय नहीं बल्कि जनता के गहरे विश्वास और नरेंद्र मोदी नेतृत्व की नीतियों के प्रति आम लोगों की दृढ़ आस्था का प्रतिफल बताया।

इस मौके पर मीडिया से बातचीत करते हुए मनोज पाल ने कहा कि बिहार का यह नतीजा साबित करता है कि एनडीए के प्रति जनता की आस्था लगातार मजबूत हुई है और संगठन ने जिस रणनीतिक तैयारी के साथ चुनावी मोर्चे को संभाला, उसका सीधा परिणाम आज स्पष्ट दिखाई देता है। उनका कहना था कि इस जीत ने उन सभी पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्साह को दुगुना कर दिया है, जिन्होंने एकजुट होकर बिहार चुनाव में एनडीए को दोहरे संकल्प और अटल विश्वास के साथ समर्थन दिया। मनोज पाल ने कहा कि जिस तरह गुजरात से लेकर बिहार तक मोदी सरकार की योजनाओं पर जनता का भरोसा मज़बूत हुआ है, उसी तरह उत्तराखंड में भी लोग इन नीतियों को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी के विकास से जोड़कर देख रहे हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि “मोदी है तो मुमकिन है” कोई साधारण नारा नहीं, बल्कि वह ज़मीनी भावना है जिसे भारत के कोने-कोने में लोगों ने अनुभूत किया है।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा वह संगठन है जिसे अंतिम पंक्ति के कार्यकर्ता को भी शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने का अवसर देने के लिए जाना जाता है। यही कारण है कि बिहार चुनाव अभियान में ऐसे अनेक नाम आगे आए जो स्थानीय समाज, जातीय समीकरण और संगठनात्मक धरातल के जानकार थे। उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस बार जो ऐतिहासिक जीत दर्ज हुई है, वह विरोधियों के उन व्यंग्यों का जवाब है जो एनडीए को कमज़ोर मानकर मज़ाक उड़ाते रहे। मनोज पाल ने दावा किया कि बिहार की यह विजय उत्तराखंड के राजनीतिक माहौल को भी नई दिशा देगी और यहां के कार्यकर्ताओं को यह भरोसा दिलाएगी कि भाजपा संगठन में मेहनत और समर्पण हमेशा सम्मान की ओर ले जाता है।

इसी उत्साह को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश प्रवक्ता गुरूविंदर सिंह चडोक ने कहा कि बिहार के परिणाम ने यह सिद्ध कर दिया है कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की नीतियां एक व्यापक लहर की तरह पूरे देश में स्वीकार की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस विजय को किसी साधारण जीत की तरह नहीं बल्कि एक राजनीतिक ‘सुनामी’ के रूप में देखा जा रहा है, जिसकी गूंज हर राज्य तक पहुंच रही है। जिला कार्यालय में चल रहे उत्सव में मौजूद सभी कार्यकर्ताओं का जोश इस बात का प्रमाण था कि वे इन परिणामों को केवल बिहार से जुड़ी घटना नहीं मानते, बल्कि उसे पूरे देश में भाजपा के बढ़ते जनसमर्थन का संकेत समझते हैं। गुरूविंदर सिंह चडोक ने यह भी कहा कि बिहार में भाजपा ने 101 सीटों में से 90 से 95 प्रतिशत तक सीटें जीतकर यह साबित कर दिया कि संगठन और सरकार के प्रति जनता का विश्वास कितनी तेज़ी से बढ़ा है।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र में चल रही 11 वर्ष की मोदी सरकार ने जो विकास कार्य किए हैं, उनका प्रभाव बिहार के परिणामों में साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि जल, कल्याणकारी योजनाएं, गरीब कल्याण की नीतियां, और डबल इंजन की सरकार का मॉडल लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहा है। बातचीत के दौरान उनका कहना था कि उत्तराखंड में भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिस शैली में नीति और प्रशासन को दिशा दे रहे हैं, उससे जनता का विश्वास दिन-प्रतिदिन मजबूत हुआ है। उन्होंने धामी को ‘धाकड़ धामी’ के रूप में मशहूर बताते हुए कहा कि उत्तराखंड में पहली बार लागू किए गए यूसीसी यानी समान नागरिक संहिता ने पूरे देश में एक नई नजीर पेश की है और सामाजिक संतुलन व सुरक्षा के मुद्दों पर जनता के मन में लंबे समय से बनी आशंकाओं को दूर किया है।

गुरूविंदर सिंह चडोक ने उत्तराखंड में धामी सरकार के नकल विरोधी कानून, लैंड जिहाद रोकने के प्रयास, और पारदर्शिता को बढ़ावा देने वाली प्रणाली का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सब मिलकर दिखाता है कि भाजपा की सरकार केवल प्रशासन नहीं बल्कि जनभावनाओं को समझकर नीति निर्माण करती है। वह कहते हैं कि जिस प्रकार अटल बिहारी वाजपेयी ने एक समय दो सीटों से आगे बढ़कर देश में सम्मान स्थापित किया था, उसी तरह आज बिहार में कांग्रेस का हाल उस समय विपक्षी दलों जैसा हो गया है, और उत्तराखंड में भी कांग्रेस का अस्तित्व धीरे-धीरे क्षीण होता जा रहा है। गुरूविंदर सिंह चडोक के शब्दों में, आगामी चुनावों में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलना निश्चित प्रतीत होता है क्योंकि जनता ने देश में स्थिर, नीतिगत और विकास आधारित शासन मॉडल को पसंद किया है।

इसी कार्यक्रम में निवर्तमान महामंत्री खिलेन्द्र चौधरी ने कहा कि बिहार की जीत दरअसल देश की जनता की जीत है। उन्होंने कहा कि जनता ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली को पूरे मन से स्वीकार किया है। उनका कहना था कि चाहे अर्थव्यवस्था की मजबूती हो, गरीब, मज़दूर और किसान के हित में लिए गए निर्णायक कदम हों या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा—इन सभी कारणों ने भाजपा को एक अभूतपूर्व जनसमर्थन दिया है। खिलेन्द्र चौधरी ने मोदी जी को ‘देव पुरुष’ बताते हुए कहा कि वह जो कहते हैं उसे पूरे समर्पण के साथ पूरा करते हैं और यही कारण है कि उनसे जुड़ी उम्मीदें हर चुनाव में नए रिकॉर्ड बनाती हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गुरूविंदर सिंह चडोक ने यह भी कहा कि बिहार के नतीजों ने उस लहर को फिर से जीवित कर दिया है जिसे उन्होंने ‘मोदी सुनामी’ कहा। उनका कहना था कि यह सुनामी केवल एक राजनीतिक उछाल नहीं बल्कि ऐसा भावनात्मक जुड़ाव है जिसने कार्यकर्ता से लेकर आम जनता तक हर किसी को भाजपा के पक्ष में एकजुट किया है। उन्होंने मोदी की रैलियों की सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां भी प्रधानमंत्री की मौजूदगी रही, वहां भाजपा को लगभग 95 प्रतिशत सफलता मिली, जो किसी भी राजनीतिक दल के लिए असाधारण मानी जाती है।

उन्होंने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता संगठन को अपनी मां की तरह मानता है और देश को मां के रूप में पूजता है। यही कारण है कि वह न केवल चुनावों में बल्कि सामान्य दिनों में भी निरंतर मेहनत करता है। उन्होंने इस अवसर पर उन युवाओं का ज़िक्र किया जो बिहार के गांवों में अधिकारियों से सवाल पूछते हुए दिखाई देते हैं और बताते हैं कि बिहार पिछड़ा प्रदेश नहीं, बल्कि बौद्धिक क्षमता और प्रतिभा से भरपूर क्षेत्र है। गुरूविंदर सिंह चडोक ने कहा कि बिहार के संदेश ने पूरे देश में एक नई ऊर्जा पैदा की है और भाजपा कार्यकर्ताओं के विश्वास को मजबूत करने का काम किया है।

इसी क्रम में निवर्तमान महामंत्री खिलेन्द्र चौधरी ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता की निष्ठा और ईमानदारी ही दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी का वास्तविक आधार है। उन्होंने कहा कि भाजपा में किसी भी पृष्ठभूमि का कार्यकर्ता शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच सकता है क्योंकि यहां परिवारवाद नहीं बल्कि योग्यता और समर्पण को महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जैसे काशीपुर के मनोज पाल जैसे साधारण कार्यकर्ता जिला अध्यक्ष बन सकते हैं, वैसे ही देश में अनेक उदाहरण हैं जहां बेहद सामान्य परिवारों से आए लोग भाजपा में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में चीसीयू चेयरमैन राम महरोत्र ने कहा कि बिहार के मतदाताओं ने जिस पैमाने पर एनडीए को समर्थन दिया है, वह इस बात का संकेत है कि देश के लोग विकास और स्थिर शासन के पक्ष में खड़े हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता हर परिस्थिति में संगठन के लिए उपलब्ध रहता है और अपनी निष्ठा के कारण ही पार्टी आज तीसरी बार भी उत्तराखंड में सत्ता में लौटने की ओर अग्रसर दिख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भाजपा की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है और यह क्रम आगे भी जारी रहेगा।

इस प्रकार काशीपुर में मनाए गए जश्न ने यह स्पष्ट कर दिया कि बिहार की जीत केवल एक प्रदेश की राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। भाजपा नेताओं का मानना है कि यह जीत न केवल जनता के विश्वास का संकेत है बल्कि उस भरोसे का भी प्रमाण है जिसके बल पर पार्टी आने वाले वर्षों में देशव्यापी राजनीति में और बड़ी भूमिका निभाने में सक्षम होगी। काशीपुर में उमड़ा उत्साह यह संदेश देता दिखा कि उत्तराखंड में भी राजनीतिक हवा भाजपा के पक्ष में बह रही है और कार्यकर्ता इसे एक नई शुरुआत का रूप दे रहे हैं।

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कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

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