काशीपुर। बार एसोसिएशन के वर्ष 2025दृ26 सत्र के चुनाव ने एक बार फिर कचहरी परिसर को लोकतांत्रिक उत्सव का केंद्र बना दिया है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस चुनाव को लेकर अधिवक्ताओं में जिस तरह का उत्साह और सक्रियता देखने को मिल रही है, उसने पूरे माहौल को जीवंत कर दिया है। सुबह से ही काशीपुर न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं की चहल-पहल, चर्चा और राजनीतिक सरगर्मी साफ झलकने लगी थी। हर चेहरे पर मतदान को लेकर गंभीरता के साथ-साथ उत्सुकता भी दिखाई दी। अध्यक्ष और सचिव जैसे सबसे अहम पदों पर मुकाबला बेहद कड़ा होने के कारण चुनावी तापमान लगातार चढ़ता नजर आया। यह चुनाव केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बार एसोसिएशन के भविष्य की दिशा तय करने वाला अवसर बनकर उभरा है, जिसके चलते अधिवक्ता वर्ग पूरे मनोयोग से इसमें भाग लेता दिखा।
निर्धारित समय के अनुसार जैसे ही मतदान की प्रक्रिया शुरू हुई, मतदान केंद्रों पर अधिवक्ताओं की लंबी कतारें लग गईं। युवा अधिवक्ता हों या फिर दशकों का अनुभव रखने वाले वरिष्ठ वकील, सभी ने अनुशासन और धैर्य के साथ अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान केंद्रों पर मौजूद माहौल इस बात का संकेत दे रहा था कि इस बार वोटिंग प्रतिशत को लेकर रिकॉर्ड बन सकता है। बार एसोसिएशन से जुड़े सूत्रों के अनुसार खबर लिखे जाने तक लगभग 43 प्रतिशत मतदान हो चुका था, जो बीते कुछ वर्षों की तुलना में बेहतर स्थिति मानी जा रही है। अधिवक्ताओं की निरंतर भागीदारी से यह उम्मीद जताई जा रही है कि शाम तक मतदान का आंकड़ा और भी ऊपर जा सकता है, जिससे चुनाव की वैधता और मजबूती दोनों को बल मिलेगा।
चर्चा के केंद्र में इस बार खास तौर पर अध्यक्ष और सचिव पद रहे, जहां मुकाबला बेहद दिलचस्प और रोमांच से भरा हुआ दिखाई दे रहा है। दोनों ही पदों पर ऐसे प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनका बार की राजनीति और संगठनात्मक कार्यों में लंबा अनुभव रहा है। इसी कारण समर्थकों की सक्रियता भी असाधारण रूप से देखने को मिली। कचहरी परिसर के अलग-अलग हिस्सों में अधिवक्ताओं के छोटे-छोटे समूह चुनावी गणित, संभावित परिणाम और रणनीतियों पर चर्चा करते नजर आए। प्रत्याशियों के समर्थक अपने-अपने उम्मीदवार की मजबूती गिनाते हुए माहौल बनाने में जुटे रहे। इस पूरी प्रक्रिया ने चुनाव को केवल मतदान तक सीमित न रखकर एक जीवंत लोकतांत्रिक संवाद में बदल दिया।
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के उद्देश्य से चुनाव अधिकारियों द्वारा व्यापक तैयारियां की गई थीं। मतदान केंद्रों पर अनुशासन बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों के साथ-साथ बार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्यों की तैनाती की गई। मतदाता सूची की गहन जांच, पहचान सत्यापन और मतदान प्रक्रिया की निगरानी पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है। चुनाव प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या विवाद की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, ताकि चुनाव परिणामों पर किसी प्रकार का सवाल न उठे और बार एसोसिएशन की गरिमा बनी रहे।
मतदान में हिस्सा ले रहे अधिवक्ताओं का मानना है कि यह चुनाव केवल पदों के चयन का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे बार एसोसिएशन की आने वाले वर्षों की कार्यशैली तय होगी। नई कार्यकारिणी से अधिवक्ताओं को कई उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। इनमें कचहरी परिसर में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, अधिवक्ता पुस्तकालय का आधुनिकीकरण, चौंबर व्यवस्था में सुधार और न्यायिक कार्यों के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समाधान प्रमुख रूप से शामिल है। विशेषकर युवा अधिवक्ताओं की यह अपेक्षा है कि नई नेतृत्व टीम उनके हितों को प्राथमिकता देगी और उन्हें पेशेवर रूप से आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी। इसी भावना के चलते मतदाता अपने मत को लेकर बेहद सजग और गंभीर दिखाई दिए।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने इस अवसर पर काशीपुर बार एसोसिएशन की परंपरा और प्रतिष्ठा पर भी प्रकाश डाला। उनका कहना है कि यह बार हमेशा से अनुशासन, सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक रही है। वर्षों से यहां चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होते आए हैं और इस बार भी उसी परंपरा को बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। वरिष्ठों ने युवा अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या में भागीदारी को सकारात्मक संकेत बताया और कहा कि इससे संगठन को नई ऊर्जा और नए विचार मिलते हैं। उनके अनुसार अनुभव और युवाओं की ऊर्जा का समन्वय ही बार एसोसिएशन को मजबूत बनाता है और यही इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता के रूप में सामने आ रही है।
दोपहर के समय भी मतदान की गति में कोई कमी नहीं आई, बल्कि समय के साथ इसमें और तेजी देखने को मिली। कई अधिवक्ता अपने न्यायिक कार्य निपटाने के बाद सीधे मतदान केंद्रों की ओर रुख करते नजर आए। कचहरी परिसर में हर ओर चुनावी माहौल बना रहा और मतगणना को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ती चली गई। अधिवक्ताओं के बीच यह जानने की उत्सुकता साफ दिखाई दे रही थी कि आखिरकार किस प्रत्याशी को बार एसोसिएशन की कमान सौंपी जाएगी। अध्यक्ष और सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा, इस सवाल ने पूरे परिसर में चर्चा को और तेज कर दिया है।
समग्र रूप से देखा जाए तो काशीपुर बार एसोसिएशन का यह चुनाव संगठनात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। यह न केवल अधिवक्ताओं की एकता और जागरूकता को दर्शाता है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी गहरी आस्था को भी उजागर करता है। मतदान समाप्त होने के बाद होने वाली मतगणना पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि यही प्रक्रिया तय करेगी कि आगामी सत्र में बार एसोसिएशन की जिम्मेदारी किन हाथों में जाएगी। इस चुनाव ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि काशीपुर बार एसोसिएशन अपने मूल्यों, परंपराओं और लोकतांत्रिक सोच के साथ मजबूती से आगे बढ़ रही है।



