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बाबरखेड़ा गांव में दो साल की मासूम रहस्यमय हालात में लापता पुलिस की बड़ी खोजबीन

कुंडा क्षेत्र के बाबरखेड़ा गांव में गायब हुई दो साल की लायबा की तलाश में पुलिस, डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम जुटी, 24 घंटे बाद भी नहीं मिला मासूम का कोई सुराग

काशीपुर।उधम सिंह नगर जिले में एक बार फिर मासूम की गुमशुदगी ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। कुंडा कोतवाली क्षेत्र के बाबरखेड़ा गांव में दो साल की बच्ची लायबा रहस्यमय हालातों में अचानक लापता हो गई, जिससे पूरे गांव में सनसनी फैल गई है। बच्ची के गायब होने की जानकारी मिलते ही पुलिस, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंचकर उसकी तलाश में जुट गई हैं। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक मासूम का कोई सुराग नहीं लग सका है। हर बीतता पल परिवार के लिए एक भारी चिंता और डर का कारण बनता जा रहा है। उधर, जिले के आला अधिकारी खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और पुलिस टीम लगातार अलग-अलग कोणों से जांच कर रही है।

बाबरखेड़ा गांव के रहने वाले अशफाक मेहनत-मजदूरी और खेतीबाड़ी के सहारे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी सबसे छोटी बेटी लायबा पांच भाई-बहनों में सबसे दुलारी बताई जा रही है। अशफाक के अनुसार बीती रात करीब दो बजे वे ट्रैक्टर-ट्रॉली से रामनगर के बैलपडाव इलाके में सोयाबीन का भूसा लेने गए थे। अगले दिन दोपहर करीब तीन बजे जब वे घर लौटे, तो लायबा उनसे मिली और उनसे कुछ चीज मांगने लगी। उन्होंने घर के पास अपने साढ़ू के जरिए उसे केले दिलवाए और खुद खेत जोतने के लिए निकल गए। कुछ ही देर बाद उनका बेटा आहिल खेत पर पहुंचा और घबराए हुए स्वर में बताया कि लायबा कहीं दिखाई नहीं दे रही है। यह सुनते ही अशफाक के होश उड़ गए और उन्होंने तुरंत घर व आसपास तलाश शुरू कर दी, लेकिन नन्ही लायबा का कहीं कोई पता नहीं चला।

घबराए परिजनों ने शाम होते-होते पूरे गांव में तलाश शुरू कर दी। मस्जिद में अनाउंसमेंट करवाया गया और आसपास के श्यामनगर, लालपुर समेत कई इलाकों में भी बच्ची की गुमशुदगी की जानकारी दी गई। देर रात तक खुद गांववाले टॉर्च लेकर गलियों और खेतों में खोजबीन करते रहे। रात करीब दस बजे अशफाक ने सूर्य पुलिस चौकी पहुंचकर बेटी की गुमशुदगी की तहरीर सौंपी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खोजबीन शुरू की, लेकिन पूरी रात और अगले दिन भी मासूम का कोई सुराग नहीं मिला। इस घटना ने गांव के हर शख्स को बेचैन कर दिया है। लोग दुआ कर रहे हैं कि लायबा सकुशल घर लौट आए।

वहीं, पुलिस ने भी बच्ची की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी है। काशीपुर सीओ दीपक सिंह के नेतृत्व में काठगोदाम से डॉग स्क्वायड और जिले से फॉरेंसिक टीम मौके पर बुलवाई गई। पुलिस ने पूरे इलाके में सघन जांच अभियान चलाया। खेतों, घरों, नालों और आसपास के झाड़ियों तक को खंगाला गया। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि लायबा के आखिरी बार देखे जाने के समय और दिशा का पता लगाया जा सके। गांव में पुलिस का पहरा बढ़ा दिया गया है, और हर संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि लापता बच्ची को खोजने के लिए हर संभव तकनीकी और मानवीय संसाधन जुटाए जा रहे हैं।

सीओ दीपक सिंह ने बताया कि मासूम के पिता अशफाक द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम ने सर्च ऑपरेशन को तेज कर दिया है और ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि “हम हर संभावित दिशा में जांच कर रहे हैं। किसी भी छोटी से छोटी जानकारी को भी गंभीरता से लिया जा रहा है।” वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा स्वयं इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बच्ची की तलाश में कोई लापरवाही न बरती जाए।

इस बीच एसपी काशीपुर स्वप्न किशोर लगातार मामले की अपडेट ले रहे हैं और खुद जमीनी हालात की जानकारी जुटा रहे हैं। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जब तक लायबा का पता नहीं चलता, खोजबीन जारी रहे। फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से सैंपल जुटा रही है, जबकि डॉग स्क्वायड की मदद से संभावित रास्तों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस के मुताबिक बच्ची के परिवार की किसी से रंजिश या विवाद जैसी बात सामने नहीं आई है, जिससे मामला और भी उलझ गया है। फिलहाल पुलिस अपहरण, दुर्घटना और भटकने की सभी संभावनाओं पर एक साथ जांच कर रही है।

बाबरखेड़ा गांव में सुबह से लेकर रात तक सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के हर चेहरे पर चिंता और सहम का साया है। महिलाएं रो-रोकर बच्ची की सलामती की दुआ कर रही हैं। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि पहली बार किसी मासूम के इस तरह अचानक लापता होने की घटना ने सबको हिला दिया है। पुलिस की गाड़ियां लगातार गांव में घूम रही हैं और बच्चे की खोज के लिए हर घर में पूछताछ चल रही है।

अब सभी की निगाहें पुलिस और प्रशासन पर टिकी हुई हैं। परिजन लगातार उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनकी लायबा जल्द से जल्द सकुशल वापस लौट आए। पिता अशफाक की आंखों में नींद गायब है, और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। गांववाले कह रहे हैं कि इंसानियत के नाते सभी को आगे आना चाहिए ताकि किसी मासूम की मुस्कान फिर से लौट सके। फिलहाल पूरा प्रशासन इस मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए हर दिशा में जांच कर रहा है। उम्मीद है कि पुलिस की लगातार कोशिशें जल्द इस रहस्य पर से पर्दा उठाएंगी और नन्ही लायबा सुरक्षित अपनी मां की गोद में लौटेगी।

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