spot_img
दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, वह खुद बनिए. - महात्मा गांधी
Homeउत्तराखंडपरिवहन निगम में आर्थिक संकट गहराया कर्मचारी यूनियन ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का...

परिवहन निगम में आर्थिक संकट गहराया कर्मचारी यूनियन ने प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया

काशीपुर। परिवहन निगम के हालात इन दिनों गहराते आर्थिक संकट के कारण सुर्खियों में हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि निगम के भीतर फैली आर्थिक अनियमितताएं, प्रबंधन की मनमानी और लगातार गलत फैसले इस संकट की मुख्य वजह माने जा रहे हैं। निगम के कर्मचारियों का कहना है कि लगातार उपेक्षित समस्याओं और लापरवाह रवैये ने निगम को खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है। इसी वजह से कर्मचारी यूनियन ने आंदोलन का रास्ता चुना है और यह निर्णय लिया गया है कि समस्याओं के समाधान के लिए अब सामूहिक दबाव बनाया जाएगा। यूनियन की कार्यकारिणी ने कुमाऊं मंडल में दिनांक 8 सितंबर को सभी नैनीताल मंडल के डिपो में धरना-प्रदर्शन आयोजित करने का ऐलान किया है। इस कदम को कर्मचारी संगठन अपनी मजबूरी का परिणाम बता रहे हैं, क्योंकि उनके अनुसार बार-बार चेतावनी देने और अपनी समस्याएं उठाने के बावजूद निगम प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

इधर आंदोलन की रणनीति को और धार देते हुए यूनियन ने घोषणा की है कि दिनांक 9 सितंबर को कार्य बहिष्कार के साथ-साथ धरना-प्रदर्शन भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम को केवल कुमाऊं मंडल तक सीमित नहीं रखा गया है बल्कि देहरादून मंडल और टनकपुर मंडल की कार्यकारिणी ने भी इसका समर्थन कर दिया है। यही नहीं, पूरे प्रदेश में दिनांक 9 सितंबर को व्यापक स्तर पर कर बहिष्कार आंदोलन की तैयारी की जा चुकी है। कर्मचारियों का मानना है कि अब समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि जब तक सामूहिक आंदोलन नहीं किया जाएगा तब तक निगम के प्रबंधन और सरकार की ओर से समाधान की कोई पहल नहीं होगी। उनका यह भी कहना है कि यह लड़ाई केवल वेतन या अन्य भत्तों की मांग को लेकर नहीं है बल्कि निगम को आर्थिक संकट से उबारने और भविष्य सुरक्षित करने के लिए है। इस आंदोलन के दौरान कर्मचारियों का उद्देश्य निगम की बदहाली को उजागर करना और मजबूरी में अपनी आवाज बुलंद करना है।

संयुक्त प्रयासों को देखते हुए स्पष्ट है कि यह आंदोलन केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि प्रदेशव्यापी रूप लेगा। प्रांतीय कार्य समिति ने भी इस संघर्ष को अपना समर्थन देते हुए साफ कर दिया है कि कर्मचारियों के साथ पूरा सहयोग किया जाएगा। समिति का कहना है कि जब तक निगम का प्रबंधन अपने रवैये में बदलाव नहीं लाता और ईमानदारी से समस्याओं का समाधान खोजने की कोशिश नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। दिलचस्प बात यह है कि कुमाऊं मंडल की एम्प्लाइज यूनियन और एससी-एसटी श्रमिक संघ मजदूर संघ ने भी इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का ऐलान किया है। इन संगठनों का कहना है कि निगम की आर्थिक दुर्दशा से हर कर्मचारी प्रभावित है और जब तक इसका समाधान नहीं निकलेगा, तब तक उनकी रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित होती रहेगी। यूनियनों का यह साझा प्रयास निगम प्रबंधन के खिलाफ कर्मचारियों की नाराजगी और एकजुटता को स्पष्ट रूप से दिखाता है।

कर्मचारियों की पीड़ा इस बात से भी झलकती है कि मुख्यालय की ओर से अब तक इस संकट को हल करने के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि मुख्यालय केवल मंडलीय प्रबंधकों और संचालकों पर जिम्मेदारी डालकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना है कि यह रवैया निगम को और गहरे संकट में धकेल देगा और भविष्य में इसके विनाशकारी परिणाम सामने आ सकते हैं। ऐसे में कर्मचारियों का यह आक्रोश स्वाभाविक है कि वे आंदोलन की राह पर उतर आए हैं। निगम का प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी अब यह संकल्प ले चुका है कि जब तक वेतन और आर्थिक संकट का हल नहीं निकलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस पूरे घटनाक्रम में महामंत्री अशोक चौधरी ने साफ कहा है कि सभी कर्मचारी और अधिकारी निगम को संकट से बाहर निकालने के लिए एकजुट हैं और वे तन-मन से इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए तैयार हैं। उनके मुताबिक, अब यह लड़ाई केवल हक और हकूक की नहीं बल्कि निगम के अस्तित्व की भी है।

संबंधित ख़बरें
शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

लेटेस्ट

ख़ास ख़बरें

error: Content is protected !!