रामनगर। 26 जनवरी के विशेष अवसर पर पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर में धूमधाम के साथ 77वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। इस भव्य आयोजन का शुभारंभ प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) एम.सी. पाण्डे द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराकर किया गया। ध्वजारोहण की गरिमामय प्रक्रिया के बाद समारोहक लेफ्टिनेंट (डॉ.) डी.एन. जोशी ने निदेशक उच्च शिक्षा उत्तराखंड का संदेश प्रस्तुत किया। संदेश में विद्यार्थियों को यह प्रेरणा दी गई कि गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि अनुशासन, एकता और देशभक्ति का प्रतीक है। इसमें स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों और देशभक्तों को याद करते हुए उनके बलिदान और त्याग को सम्मान देने का आह्वान किया गया। संदेश में यह भी कहा गया कि विद्यार्थियों को राष्ट्र की सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए उच्च शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्रों में पूरी निष्ठा के साथ प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर 79 व 24 यूके बटालियन के एनसीसी कैडेट्स ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते हुए समारोह की गरिमा और राष्ट्रीय चेतना को और अधिक प्रबल किया। उनके अनुशासनपूर्ण और गर्वपूर्ण प्रदर्शन ने उपस्थित सभी लोगों के हृदय में देशभक्ति की भावना को और गहरा कर दिया। प्राचार्य प्रो. एम.सी. पाण्डे ने गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए विद्यार्थियों और शिक्षकों से आग्रह किया कि वे आत्मानुशासित होकर अपने दायित्वों का पालन करें और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह न केवल अपने व्यक्तिगत विकास के लिए प्रयास करे, बल्कि समाज और राष्ट्र के कल्याण में भी योगदान दें।
मुख्य वक्ता, इतिहास विभाग के प्रभारी डॉ. शरद भट्ट ने अपने भाषण में गणतंत्र दिवस की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें याद दिलाता है कि लोकतंत्र में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है और देश को समृद्ध, विकसित और विश्व के अग्रणी राष्ट्रों में स्थान दिलाने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। डॉ. भट्ट ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने ज्ञान, कौशल और उत्साह को देश सेवा के लिए समर्पित करें। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास का अध्ययन केवल अतीत को जानने का माध्यम नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की दिशा तय करने का मार्ग भी है।

ध्वजारोहण के दौरान प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) एम.सी. पाण्डे ने सभी उपस्थित विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों को संबोधित करते हुए गणतंत्र दिवस की महत्ता और उसकी ऐतिहासिक गरिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व केवल राष्ट्रीय ध्वज को फहराने का अवसर नहीं है, बल्कि यह हमें देशभक्ति, अनुशासन और अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा का पाठ भी पढ़ाता है। डॉ. पाण्डे ने उपस्थित युवाओं से अपील की कि वे अपने जीवन में शिक्षा, कौशल और नैतिक मूल्यों को अपनाकर राष्ट्र के विकास में योगदान दें। उन्होंने विद्यार्थियों को याद दिलाया कि स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के बलिदान और त्याग की भावना से प्रेरित होकर ही समाज और देश को वास्तविक रूप से उन्नति की दिशा में ले जाया जा सकता है। उनके शब्दों में गर्व, उत्साह और प्रेरणा की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
इस भव्य समारोह में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बेरीनाग के प्राचार्य प्रो. बी.एम. पाण्डेय ने भी उपस्थित होकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे देशभक्ति के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं और शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएं। पुरातन छात्र परिषद के अध्यक्ष गणेश रावत और महामंत्री संजय डौर्बी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमें अपने अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाता है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार बनने और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में छात्र उपाध्यक्ष मनोज पाण्डेय और छात्रा खष्टी आर्या ने देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम पर अपने विचार साझा किए। उनके विचारों में न केवल अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूकता झलकती थी, बल्कि समाज में नैतिक मूल्यों और अनुशासन को बढ़ावा देने की प्रेरणा भी मिलती थी। इसके अलावा छात्रा पूजा मौलेखी ने अपने ओजस्वी और भावपूर्ण राष्ट्रभक्ति गीत एवं कविता के माध्यम से सभी उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके भावपूर्ण प्रस्तुतिकरण ने महाविद्यालय के वातावरण को देशभक्ति की ऊर्जा से भर दिया और सभी ने अपने दिल से स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया।
समारोह में महाविद्यालय के अन्य वरिष्ठ शिक्षक और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। डॉ. सुमन कुमार, डॉ. शरद भट्ट, डॉ. जया भट्ट, डॉ. योगेश चन्द्र, डॉ. दीपक खाती, डॉ. सुभाष चन्द्र और डॉ. प्रमोद पाण्डे ने विद्यार्थियों और अन्य उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं दी। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गोविन्द सिंह जंगपांगी सहित अन्य शिक्षणेत्तर कर्मचारी और एनसीसी कैडेट्स ने समारोह को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपस्थित सभी ने मिलकर राष्ट्रभक्ति और अनुशासन का संकल्प लिया।

गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन न केवल ध्वजारोहण और भाषणों तक सीमित रहा, बल्कि इसमें विद्यार्थियों के सांस्कृतिक प्रस्तुतिकरण और विविध गतिविधियों ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया। महाविद्यालय प्रशासन ने सुनिश्चित किया कि प्रत्येक छात्र और छात्रा इस राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को महसूस कर सके। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति के मूल्यों का प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों ने न केवल भाषणों और विचारों के माध्यम से, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों और कविता पाठ के माध्यम से भी अपने राष्ट्रप्रेम को व्यक्त किया।
इस भव्य आयोजन ने यह साबित किया कि महाविद्यालय में शिक्षा केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विद्यार्थियों को देशभक्ति, अनुशासन और समाज सेवा के मूल्यों से भी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्राचार्य प्रो. एम.सी. पाण्डे और मुख्य वक्ता डॉ. शरद भट्ट के विचारों ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपने व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में नैतिकता, जिम्मेदारी और राष्ट्र सेवा के मूल्य अपनाएं। इस प्रकार, 77वां गणतंत्र दिवस रामनगर के पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विद्यार्थियों और शिक्षक समुदाय के लिए अत्यंत यादगार और प्रेरणादायक साबित हुआ।





