काशीपुर। देश में अलका पाल ने कहा कि देश और प्रदेश का भविष्य युवाओं के हाथों में है, लेकिन आज का युवा रोजगार की कमी और अनिश्चित भविष्य जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि नववर्ष 2026 युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोले, इसके लिए ठोस नीतियों और ईमानदार प्रयासों की जरूरत है। कांग्रेस का संकल्प है कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और देश की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा देना केवल नारा नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी है। नववर्ष में महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और भागीदारी को और मजबूत करने का संकल्प लिया गया है, ताकि वे बिना डर के अपने सपनों को पूरा कर सकें और समाज में बराबरी का स्थान प्राप्त कर सकें।
किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए अलका पाल ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले किसान आज भी अनेक समस्याओं से घिरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि फसलों के उचित दाम, सिंचाई की सुविधा, बीमा और कर्ज जैसी समस्याएं किसानों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। नववर्ष 2026 में किसानों को न्यायपूर्ण मूल्य, सम्मान और स्थायित्व देने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतियां हमेशा किसान हितैषी रही हैं और आगे भी रहेंगी। किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की आत्मा हैं और उनकी उपेक्षा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के बिना समग्र विकास संभव नहीं है, इसलिए गांव, किसान और खेत को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाना आवश्यक है।
अपने बयान में अलका पाल ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस का संघर्ष सत्ता प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि नववर्ष 2026 में कांग्रेस कार्यकर्ता हर गली, हर मोहल्ले और हर मंच पर आमजन की आवाज बनकर खड़े रहेंगे। लोकतंत्र को मजबूत करना, संविधान की रक्षा करना और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखना पार्टी का संकल्प है। उन्होंने कहा कि नफरत और विभाजन की राजनीति समाज को कमजोर करती है, जबकि प्रेम, एकता और विश्वास समाज को आगे बढ़ाते हैं। डर के माहौल के बजाय साहस और सच की राजनीति को आगे बढ़ाना समय की मांग है। कांग्रेस इसी सोच के साथ जनता के बीच रहकर उनके मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी।

सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए अलका पाल ने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है और इस विविधता को सम्मान देना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि नववर्ष 2026 हमें यह याद दिलाता है कि धर्म, जाति, भाषा या क्षेत्र के आधार पर बंटकर नहीं, बल्कि एकजुट होकर ही देश आगे बढ़ सकता है। काशीपुर जैसे शहरों में भाईचारे और सांस्कृतिक एकता की परंपरा रही है, जिसे और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समाज में शांति, सद्भाव और विश्वास का वातावरण बनाना ही सच्चा विकास है। नववर्ष का संदेश यही है कि हम एक-दूसरे के प्रति संवेदनशील बनें और हर नागरिक को समान सम्मान दें।
स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर अपने विचार रखते हुए अलका पाल ने कहा कि एक स्वस्थ और शिक्षित समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव रख सकता है। उन्होंने कहा कि नववर्ष 2026 में यह संकल्प लिया जाना चाहिए कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और किसी भी परिवार को इलाज के अभाव में परेशानी न झेलनी पड़े। सरकारी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ-साथ समाज की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से सार्वजनिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के पक्ष में रही है और इन क्षेत्रों में सुधार के लिए लगातार आवाज उठाती रही है। काशीपुर में इन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के साथ मिलकर काम किया जाएगा।
अपने संदेश के अंतिम हिस्से में अलका पाल ने कामना की कि नववर्ष 2026 सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और बेहतर भविष्य लेकर आए। उन्होंने कहा कि बच्चों के सपने पूरे हों, युवाओं को सही दिशा और अवसर मिले, महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा का भरोसा हो तथा हर परिवार के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दे। उन्होंने यह भी कहा कि आइए, इस नए साल में हम सब मिलकर काशीपुर, उत्तराखंड और पूरे देश को प्रगति, न्याय और एकता के मार्ग पर आगे बढ़ाने का संकल्प लें। नववर्ष 2026 एक नई शुरुआत बने, जिसमें हर नागरिक खुद को सुरक्षित, सम्मानित और आशावान महसूस करे—यही उनके संदेश का मूल भाव है।



