काशीपुर। नगर निगम काशीपुर के महापौर दीपक बाली ने नगर निगम सभागार में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए बताया कि काशीपुर ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि देश के 40 प्रमुख शहरों की सूची में काशीपुर को 18वाँ स्थान प्राप्त हुआ है, जो केवल नगर निगम की मेहनत का नहीं बल्कि नगरवासियों की जागरूकता और सहयोग का प्रतिफल है। महापौर दीपक बाली ने साफ शब्दों में कहा कि यह सम्मान शहर के हर नागरिक की भागीदारी से संभव हुआ है और सभी अधिकारी, कर्मचारी तथा स्थानीय जनता साधुवाद की पात्र है। उनके मुताबिक, यह सफलता किसी अंतिम पड़ाव की तरह नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है, क्योंकि वास्तविक लक्ष्य आने वाले वर्षों में काशीपुर को देश के शीर्ष स्वच्छ वायु वाले शहरों में शामिल करना है। उन्होंने यह भी कहा कि नगर की प्रगति केवल निगम की योजनाओं से नहीं बल्कि जनता की सक्रिय भागीदारी से सुनिश्चित होगी।
शहर की मौजूदा स्थिति पर प्रकाश डालते हुए महापौर दीपक बाली ने यह स्वीकार किया कि 20 शीर्ष शहरों में स्थान मिलना निश्चित रूप से बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसके बावजूद नगर कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। उन्होंने साफ किया कि शहर में जगह-जगह पड़े पुराने कचरे के ढेर अब भी प्रदूषण के बड़े कारण बने हुए हैं और खुले स्थलों से उठती बदबू व मीथेन गैस की समस्या जनता को परेशान कर रही है। सड़कों पर उड़ती धूल, खुले में कचरा जलाने की आदत और हरियाली के सीमित क्षेत्र भी स्थिति को और कठिन बना रहे हैं। महापौर के अनुसार, अभी भी जागरूकता की कमी के चलते कई लोग सार्वजनिक स्थानों पर कचरा डालने और जलाने से परहेज नहीं करते, जिससे हवा की गुणवत्ता पर नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन चुनौतियों से पार पाना ही आने वाले साल की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।

भविष्य की योजनाओं का खाका प्रस्तुत करते हुए महापौर दीपक बाली ने बताया कि 2025-26 के लिए नगर निगम ने करोड़ों रुपये के निवेश वाली ठोस कार्ययोजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि लगभग 14 करोड़ रुपये पुराने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण पर खर्च किए जाएंगे ताकि कचरे से निकलने वाली गैस और बदबू की समस्या दूर हो सके। इसके साथ ही 18 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ठोस कचरा प्रबंधन केन्द्र स्थापित होगा, जहाँ कचरे को अलग-अलग कर उसका पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा 5.2 करोड़ रुपये से सड़कों का पक्काकरण होगा ताकि धूल और गड्ढों की समस्या कम हो। उन्होंने यह भी घोषणा की कि प्रमुख मार्गों पर धूल हटाने के लिए ईवी रोड सफाई मशीनें लगाई जाएँगी और कच्ची सड़कों को पक्का करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा। महापौर ने यह भी कहा कि हरियाली को बढ़ावा देने के लिए 1.4 करोड़ रुपये का निवेश कर पौधारोपण, पार्क विकास और वर्टिकल गार्डन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
नगर निगम की ओर से तैयार की जा रही इन योजनाओं में केवल स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण ही नहीं बल्कि मृत पशुओं के सम्मानजनक और वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था भी शामिल है। महापौर दीपक बाली ने कहा कि नगर निगम शीघ्र ही पशु शवस्थान का निर्माण कराएगा ताकि खुले में जलाने जैसी समस्याओं से निजात मिल सके। उन्होंने बताया कि विद्यालयों, कॉलोनियों और बाजारों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और इसमें हर वर्ग को शामिल किया जाएगा। उनके अनुसार, नगर निगम का मानना है कि जब तक नागरिक स्वयं इसमें भाग नहीं लेंगे, तब तक योजनाओं का पूर्ण लाभ नहीं मिल सकता। उन्होंने कहा कि यह समय केवल निगम पर निर्भर रहने का नहीं बल्कि सामूहिक संकल्प लेने का है, ताकि काशीपुर को स्वच्छ, हरित और स्वस्थ बनाने का सपना पूरा हो।

पत्रकारों के समक्ष महापौर दीपक बाली ने नागरिकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि काशीपुर की इस उपलब्धि को और आगे ले जाने के लिए जरूरी है कि हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे। उन्होंने कहा कि यदि नगरवासी यह तय कर लें कि खुले में शौच नहीं करेंगे, सड़कों पर कचरा नहीं फैलाएँगे और वृक्षारोपण में सक्रिय भागीदारी करेंगे, तो निश्चित रूप से काशीपुर देश के शीर्ष स्वच्छ वायु शहरों में अपना नाम दर्ज कराएगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि हम सभी मिलकर संकल्प लें कि अपने बच्चों को एक बेहतर वातावरण और साफ हवा देंगे। उनका कहना था कि नागरिकों का सहयोग ही सबसे बड़ी ताकत है और इसी सामूहिक प्रयास से आने वाले समय में काशीपुर की पहचान पूरे देश में एक आदर्श स्वच्छ शहर के रूप में होगी। अंत में उन्होंने जोर देते हुए कहा – “स्वच्छ काशीपुर, स्वस्थ काशीपुर” केवल एक नारा नहीं बल्कि हर निवासी की साझा जिम्मेदारी है।



