रामनगर। चौदह वर्ष के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार श्री अग्रवाल सभा के चुनाव संपन्न हुए और नतीजों ने पूरे क्षेत्र में नई हलचल पैदा कर दी। पूरे चौदह वर्षों के बाद आयोजित इस चुनाव ने न केवल समाज के भीतर लोकतांत्रिक परंपराओं को फिर से जीवित किया बल्कि यह भी दर्शा दिया कि जब नेतृत्व में पारदर्शिता और निष्पक्षता हो तो समाज की एकजुटता और मजबूती किस तरह बढ़ जाती है। बतौर पर्यवेक्षक दीपक बाली के नेतृत्व में हुए इस चुनाव की पारदर्शिता और अनुशासन की चर्चा अब पूरे क्षेत्र में हो रही है। कुल 30 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी जिनमें से 15 अग्र वीर उम्मीदवारों ने सर्वाधिक मत हासिल कर विजयी होने का गौरव प्राप्त किया। इस चुनावी प्रक्रिया ने पूरे रामनगर ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों के अग्रवाल समाज के लोगों को भी गहरी दिलचस्पी और उत्साह से जोड़े रखा और मतदान के हर दौर को एक उत्सव का रूप दे दिया।
नतीजे घोषित होने के बाद चुनाव परिसर का माहौल बेहद जोशीला और उल्लासपूर्ण दिखा। समर्थकों और समाज के लोगों ने तालियों, नारों और मिठाइयों के साथ विजयी प्रत्याशियों का स्वागत किया। इस दौरान दीपक बाली ने सभी विजेताओं को जीत की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह चुनाव अग्रवाल समाज की एकता और संगठन की मिसाल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव में खड़े हर प्रत्याशी ने समाज के लिए सेवा भाव से भाग लिया और उनकी यह भावना समाज को और अधिक सशक्त बनाएगी। पर्यवेक्षक के रूप में उनकी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि मतदान और मतगणना पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो और वह गर्व से कह सकते हैं कि पूरा चुनाव समाज के प्रत्येक सदस्य की भागीदारी और समर्पण से शांति और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ।
प्रबंध कार्यकारिणी निर्वाचन में प्रभारी अंशुल जिंदल, सह-चुनाव प्रभारी प्रेम कुमार जैन, चुनाव अधिकारी जसवीर सैनी, समरपाल चौधरी, आकाश गर्ग, मुकेश चावला, अमिताभ सक्सेना, विनय कुमार जिंदल, सुधांशु जिंदल, आशुतोष अग्रवाल, अशोक अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इन सभी ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तत्परता और गंभीरता के साथ निभाया। चुनाव की प्रक्रिया को बेहतर और पारदर्शी बनाने में इनकी भूमिका अहम रही और सभी ने यह सुनिश्चित किया कि समाज के हर सदस्य की आवाज सुनी जाए और मतदान पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न हो। इनकी मौजूदगी ने न केवल चुनाव को गरिमा प्रदान की बल्कि समाज के भीतर पारदर्शी नेतृत्व की उम्मीदों को भी मजबूत किया।

चुनाव परिणामों के बाद क्षेत्र के लोग यह उम्मीद जता रहे हैं कि नई टीम समाज के कल्याण और उत्थान की दिशा में कार्य करेगी। विजयी हुए सभी 15 अग्र वीर प्रत्याशियों ने भी अपनी जीत को समाज को समर्पित बताया और आश्वस्त किया कि वे समाज की एकजुटता, विकास और सहयोग की भावना को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर काम करेंगे। दीपक बाली ने इस अवसर पर कहा कि यह चुनाव केवल परिणामों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज की उस शक्ति का प्रतीक है जिसने वर्षों बाद एकजुट होकर अपने भविष्य का मार्ग तय किया है। उन्होंने आगे कहा कि समाज को और मजबूत बनाने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा और यह जीत केवल प्रत्याशियों की नहीं बल्कि पूरे अग्रवाल समाज की है। उनके इन शब्दों ने न केवल विजयी प्रत्याशियों को उत्साहित किया बल्कि उपस्थित जनसमूह में भी नए जोश और उमंग का संचार किया।
प्रबंध कार्यकारिणी निर्वाचन में सबसे अधिक मत हासिल कर समाज का विश्वास जीतने वालों में सबसे आगे रहे शलभ मित्तल पुत्र उमेश मित्तल (ठेकेदार), जिन्हें 1269 वोट मिले और उन्होंने शीर्ष पर अपना स्थान सुरक्षित किया। उनके ठीक बाद अमित गोयल (सर्राफ) ने 1252 मतों के साथ शानदार प्रदर्शन कर अपनी लोकप्रियता का प्रमाण दिया। तीसरे स्थान पर रहे ईशान अग्रवाल (बिबग्योर हेमन्त प्रेस वाले), जिन्होंने 1242 मत हासिल कर अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। इसी क्रम में आशीष मित्तल पुत्र राजीव मित्तल (लोहे वाले) ने 1109 वोटों के साथ मजबूती से अपनी जीत सुनिश्चित की।
विजेताओं की सूची में ऋषि अग्रवाल (गुप्ता स्टेशनरी वाले) ने 1060 वोट, अतुल कुमार (मोटर पार्ट्स) ने 1025 वोट, और अर्पित अग्रवाल पुत्र कपिल अग्रवाल (कोठीवाल) ने 1014 वोट पाकर जगह बनाई। इसी कड़ी में राजेंद्र कुमार अग्रवाल (राजू मारवाड़ी) को 982 वोट, लव टर्रे पुत्र पंकज टर्रे टिन्नू को 970 वोट, तथा अभिषेक अग्रवाल (होली चौक) को 967 वोट प्राप्त हुए। चुनावी जंग में बेहद नजदीकी मुकाबले के बीच अंकुर अग्रवाल (गणेश जी की दुकान) ने 963 मत, विकास अग्रवाल (घी वाले) ने 918 मत, और उमेश अग्रवाल (महक मसाला) ने 905 मत पाकर जीत दर्ज की। वहीं आकाश अग्रवाल (मावे वाले) को 892 मत और पियूष गोयल (गरीब राम केशो राम) को 867 मत मिले, जिसके साथ ही 15 अग्र वीरों की सूची पूरी हुई।

रामनगर में हुए इस ऐतिहासिक चुनाव ने समाज को एक नई दिशा और पहचान दी है। चौदह साल बाद हुए इस चुनाव ने यह साबित कर दिया कि लोकतांत्रिक परंपराएं जब समाज के भीतर जीवित रहती हैं तो वहां विकास और समृद्धि के द्वार स्वतः खुल जाते हैं। चुनावी प्रक्रिया से लेकर नतीजों तक हर पल ने अग्रवाल समाज को और अधिक एकजुट किया और यह संदेश दिया कि संगठन में शक्ति निहित होती है। अब देखना यह होगा कि विजयी अग्र वीर प्रत्याशी किस प्रकार अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं और समाज के लिए नई राहें खोलते हैं। लेकिन इतना तय है कि पर्यवेक्षक दीपक बाली के नेतृत्व में सम्पन्न यह चुनाव आने वाले समय में अग्रवाल समाज के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।
इस दौरान नवनिर्वाचित प्रबंध कार्यकारिणी ने अपनी ऐतिहासिक जीत को अग्रवाल समाज के हर सदस्य को समर्पित करते हुए कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक ताकत का परिणाम है। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने पर्यवेक्षक दीपक बाली के प्रति विशेष आभार जताया और कहा कि उनकी निष्पक्ष देखरेख, स्पष्ट मार्गदर्शन और अनुशासित नेतृत्व ने पूरे चुनाव को पारदर्शी, शांतिपूर्ण और उत्साहजनक बनाया। साथ ही श्री अग्रवाल सभा के प्रत्येक मतदाता, कार्यकर्ता और सहयोगी का आभार प्रकट किया गया, जिन्होंने मतदान के हर चरण को लोकतंत्र का उत्सव बना दिया। उन्होंने कहा कि इतने लंबे अंतराल के बाद समाज को एक नई दिशा देने का अवसर मिला है और यह दायित्व निभाने के लिए नई कार्यकारिणी पूरे समर्पण के साथ कार्य करेगी। पदाधिकारियों ने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में समाज की एकजुटता, विकास और सहयोग की भावना को और मजबूत किया जाएगा।



