spot_img
दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, वह खुद बनिए. - महात्मा गांधी
Homeउत्तराखंडआत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान संग भाजपा नेताओं ने विकास का नया विजन...

आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान संग भाजपा नेताओं ने विकास का नया विजन दिखाया

भाजपा नेताओं ने आत्मनिर्भर भारत अभियान को जनआंदोलन बनाने का लिया संकल्प, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे नवनिर्मित जिला कार्यालय का भव्य उद्घाटन

काशीपुर। भारतीय जनता पार्टी द्वारा आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत आयोजित पत्रकार वार्ता में जिले के नेताओं ने देश के विकास, आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादों के महत्व पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक काशीपुर जिला अध्यक्ष मनोज पाल कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है, और आज पूरा देश आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक राजनीतिक पहल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक जन आंदोलन है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।

भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज पाल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर से होकर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस 25 दिसंबर तक जारी रहेगी। इस अवधि में जिले की सभी पंद्रह नगर इकाइयों में स्वदेशी मेले, कार्यशालाएं और सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले की चारों विधानसभाओं में कार्यशालाओं का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और अब यह कार्यक्रम गांवों और ब्लॉक स्तर तक पहुंचाया जा रहा है। भाजपा महामंत्री अमित सिंह, वरिष्ठ नेता आशीष गुप्ता, राम मल्होत्रा, गुरविंदर सिंह चड्ढा, रवि सरोरा, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शांति देवी, आकाश सहित अन्य नेताओं ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सशक्तिकरण नहीं, बल्कि स्वदेशी उत्पादों के प्रति जनजागरूकता और आत्मविश्वास का निर्माण करना है, जिससे देश के प्रत्येक नागरिक में ‘मेड इन इंडिया’ की भावना प्रबल हो सके।

भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज पाल ने पत्रकार वार्ता में बताया कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों से भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और 2030 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत अब तक देश में 667 अरब डॉलर से अधिक का विदेशी निवेश आ चुका है। मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में भारत ने जबरदस्त उछाल दर्ज किया है, जहां पहले केवल दो यूनिट थीं, वहीं अब तीन सौ से अधिक फैक्ट्रियां संचालित हैं और देश में बिकने वाले 99 प्रतिशत मोबाइल अब ‘मेड इन इंडिया’ हैं। निर्यात के क्षेत्र में भी खिलौने, ऑटोमोबाइल और वस्त्र उद्योग ने वैश्विक स्तर पर भारतीय पहचान को मजबूत किया है। नेताओं ने कहा कि यह सब आत्मनिर्भर भारत के मूल भाव का ही परिणाम है, जिसने देश को उत्पादन केंद्र से विश्व आपूर्ति केंद्र तक पहुंचा दिया है।

मनोज पाल ने बताया कि आत्मनिर्भरता का अर्थ केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण, डिजिटल विकास और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भी झलकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दस करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है, नौ लाख करोड़ रुपये से अधिक का सहयोग मिला है, और मुद्रा ऋण योजना में 68 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं। डिजिटल इंडिया के अंतर्गत इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या 25 करोड़ से बढ़कर 98 करोड़ हो चुकी है और यूपीआई के माध्यम से जून 2025 में 24 लाख करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन हुए हैं। भारत आज नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में चौथे स्थान पर है, जबकि सौर और पवन ऊर्जा उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। ग्रीन हाइड्रोजन मिशन से भारत को भविष्य में विश्व ऊर्जा केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

जिलाध्यक्ष मनोज पाल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का वास्तविक अर्थ गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं की भागीदारी से ही पूरा हो सकता है। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश स्पष्ट है कि जब तक समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी नहीं होगी, तब तक आत्मनिर्भर भारत का सपना अधूरा रहेगा। इस अभियान के अंतर्गत निबंध प्रतियोगिताएं, महिला एवं युवा सम्मेलन, व्यापारी वर्ग के साथ संवाद और स्वदेशी मेले जैसे आयोजन किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 16 अक्टूबर को नगर निगम काशीपुर परिसर में एक दिवसीय दिव्य स्वदेशी मेले का आयोजन होगा, जिसमें स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उत्पादकों को मंच प्रदान किया जाएगा। मिट्टी के दीपक, खिलौने, कपड़े, हस्तशिल्प और घरेलू वस्तुओं को प्रोत्साहन देकर ही प्रधानमंत्री मोदी के ‘लोकल फॉर वोकल’ के आह्वान को साकार किया जा सकता है।

भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान को जनता के बीच पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से भी व्यापक प्रचार किया जा रहा है। फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर ‘हर घर स्वदेशी, हर मन स्वदेशी’ का संदेश प्रसारित किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि 20 दिसंबर के आसपास आत्मनिर्भर भारत संकल्प रथ यात्रा और पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छोटे दुकानदारों, स्ट्रीट वेंडर्स और कारीगरों से संवाद स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब इन स्थानीय लोगों को व्यवस्थित मंच और सम्मान मिलेगा, तभी आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।

प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष मनोज पाल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 16 अक्टूबर को काशीपुर पहुंचेंगे और भाजपा के नवनिर्मित जिला कार्यालय का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, प्रदेश संगठन महामंत्री शिल्पी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि गौतमी हाइट के समीप निर्मित कार्यालय का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और अब जिले की सभी गतिविधियां इसी से संचालित होंगी। भाजपा नेताओं ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी से नगर निगम प्रांगण में आयोजित स्वदेशी मेले के उद्घाटन के लिए भी आग्रह किया गया है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आरंभ किया गया आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान देश को 2047 तक विकसित भारत के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

भाजपा नेतृत्व ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे 16 अक्टूबर को आयोजित जिला कार्यालय के उद्घाटन समारोह और स्वदेशी मेले में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। उन्होंने कहा कि यह अवसर न केवल संगठन की मजबूती का प्रतीक होगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

संबंधित ख़बरें
शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

लेटेस्ट

ख़ास ख़बरें

error: Content is protected !!