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डॉ० दीपिका गुड़िया आत्रेय के प्राचार्य बनने पर संगीत संध्या में गूंजी सुरों की मधुर तान

काशीपुर। सुरों, तालों और आत्मीयता के अनूठे संगम से सजी एक बेहद यादगार शाम ने शहर के सांस्कृतिक परिदृश्य में एक नया इतिहास रच दिया, जिसने कला प्रेमियों के दिलों को गहराई तक झंकृत कर दिया। स्थानीय रिसोर्ट के भव्य और सुसज्जित परिसर में म्यूजिक लवर्स क्लब के तत्वावधान में आयोजित की गई एक भव्य संगीत संध्या और सम्मान समारोह ने न केवल सुरों का जादू बिखेरा, बल्कि शहर की एक अग्रणी शिक्षाविद् को उनकी नई और बड़ी उपलब्धि के लिए सम्मानित भी किया। कल रात आयोजित हुए इस भव्य कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण क्लब की सम्मानित संरक्षिका डॉ० दीपिका गुड़िया आत्रेय रहीं, जिन्हें हाल ही में प्रतिष्ठित चंद्रावती तिवारी महिला महाविद्यालय का नया प्राचार्य मनोनीत किए जाने का गौरव प्राप्त हुआ है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके इस नए और ऊंचे मुकाम पर पहुंचने की खुशी में क्लब के तमाम महिला और पुरुष सदस्यों ने मिलकर एक शानदार अभिनंदन समारोह का ताना-बाना बुना था, जिसमें शिरकत करने पहुंचे शहर के गणमान्य लोग इस सुखद पल के साक्षी बने। इस दौरान रिसोर्ट का पूरा माहौल रंग-बिरंगी रोशनियों और मधुर संगीत की धुनों से सराबोर दिखाई दे रहा था, जिसने हर आगंतुक को अपनी ओर आकर्षित किया।

समारोह के पहले चरण में जैसे ही मुख्य मंच पर डॉ० दीपिका गुड़िया आत्रेय का आगमन हुआ, पूरा सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट और बधाई संदेशों से गूंजता रहा, जिससे वहां मौजूद हर व्यक्ति के चेहरे पर एक अलग ही उत्साह साफ देखा जा सकता था। म्यूजिक लवर्स क्लब के तमाम महिला और पुरुष पदाधिकारियों ने पूरी आत्मीयता और सम्मान के साथ आगे बढ़कर अपनी इस चहेती संरक्षिका का फूलों के बड़े गुलदस्तों, शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर बेहद भव्य तरीके से नागरिक अभिनंदन किया। शिक्षा के क्षेत्र में उनके अद्वितीय योगदान और अब चंद्रावती तिवारी महिला महाविद्यालय जैसी बड़ी संस्था की कमान संभालने पर क्लब के सदस्यों ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह नया दायित्व पूरे क्षेत्र की बेटियों के लिए शिक्षा के नए द्वार खोलेगा। इस बेहद खास और भावुक कर देने वाले सम्मान समारोह के दौरान डॉ० दीपिका गुड़िया आत्रेय ने भी सभी सदस्यों के इस अपार स्नेह और सम्मान के लिए मंच से अपनी गहरी कृतज्ञता और आभार व्यक्त किया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और अधिक बढ़ गई।

सम्मान के इस खुशनुमा सिलसिले के समापन के तुरंत बाद इस सांस्कृतिक महा-आयोजन का दूसरा और सबसे भावुक कर देने वाला अध्याय शुरू हुआ, जिसने पूरे माहौल को एक अलग ही रूहानी और संजीदा रंग में रंग दिया। संगीत संध्या के इस दूसरे पड़ाव को विगत दिनों इस नश्वर संसार को अलविदा कह कर संगीत के आसमान में विलीन हो चुकीं भारतीय संगीत जगत की महान और कालजयी पार्श्वगायिका स्वर्गीय सुमन कल्यानपुर की पावन स्मृति को पूरी तरह से समर्पित किया गया था। इस महान और सुरीली शख्सियत के अचानक चले जाने से संगीत जगत को जो अपूरणीय क्षति हुई है, उसे याद करते हुए क्लब के कलाकारों और संगीत साधकों ने अपने-अपने सुरों के माध्यम से उन्हें एक बेहद अनूठी और भावभीनी काव्यात्मक श्रद्धांजलि अर्पित करने का संकल्प लिया था। इस शोक और सुरों के अद्भुत मिश्रण ने रिसोर्ट में बैठे हर एक श्रोता को मंत्रमुग्ध कर दिया और लोग सुर साम्राज्ञी की यादों में पूरी तरह खो गए।

संगीत की इस विशेष और बेहद जादुई शाम में मंच पर उतरे स्थानीय फनकारों ने एक के बाद एक स्वर्गीय सुमन कल्यानपुर द्वारा गाए गए अमर और सदाबहार गीतों को अपनी बेहतरीन आवाजों में पिरोकर हवाओं में बिखेरना शुरू किया, जिससे ऐसा प्रतीत होने लगा मानो खुद सुरों की देवी वहां मौजूद हों। उनके द्वारा फिल्मी और गैर-फिल्मी दुनिया में गाए गए उन तमाम कठिन और मधुर तरानों को जब क्लब के महिला और पुरुष गायकों ने वाद्य यंत्रों की सुरीली जुगलबंदी के साथ दोबारा जीवंत किया, तो वहां मौजूद कई वरिष्ठ नागरिकों की आंखें पुरानी यादों में खोकर नम हो गईं। सुरों के इस महा-सफर में हर एक प्रस्तुत गीत के खत्म होने पर श्रोताओं ने खड़े होकर कलाकारों की हौसलाअफजाई की और स्वर्गीय सुमन कल्यानपुर की अनमोल संगीत विरासत को नमन किया, जिन्होंने दशकों तक अपनी मखमली आवाज से करोड़ों दिलों पर राज किया था। इस सुरमयी श्रद्धांजलि ने यह साबित कर दिया कि भले ही कोई कलाकार भौतिक रूप से चला जाए, लेकिन उसकी आवाज हमेशा अमर रहती है।

इस शानदार और बेहद सलीके से सजे समारोह की भव्यता और इसकी सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें क्लब के समर्पित सदस्यों के अलावा नगर के कई जाने-माने और प्रतिष्ठित गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति सादर प्रार्थनीय रही, जिन्होंने कार्यक्रम के अंत तक रुककर इसकी शोभा बढ़ाई। शहर की विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े प्रमुख चेहरों ने इस दोहरे आयोजन की जमकर सराहना की और इसे कला तथा शिक्षा का एक बेहतरीन कोलाज करार दिया। देर रात तक चले इस संगीत के महाकुंभ ने न केवल डॉ० दीपिका गुड़िया आत्रेय की नई प्रशासनिक और शैक्षणिक पारी का जश्न मनाया, बल्कि स्वर्गीय सुमन कल्यानपुर की सुरमयी आत्मा को सुरों का सबसे खूबसूरत अर्घ्य भी दिया। कार्यक्रम के समापन पर म्यूजिक लवर्स क्लब के प्रबंधन ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी अतिथियों, कलाकारों और रिसोर्ट प्रबंधन का दिल से धन्यवाद किया, जिसके बाद यह यादगार शाम काशीपुर के सांस्कृतिक इतिहास के पन्नों में हमेशा-हमेशा के लिए दर्ज हो गई।

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