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छोटे नीम के नीचे कांग्रेस ने मनाया पंडित नेहरू जयंती और बाल दिवस का भव्य उत्सव

बाल दिवस और नेहरू जयंती पर छोटे नीम के नीचे उमड़ी अभूतपूर्व भीड़ ने कांग्रेस की नई दिशा, अलका पाल के नेतृत्व और संगठन की मजबूत एकजुटता का शक्तिशाली संदेश दिया

काशीपुर। जैसे ही बाल दिवस की सुबह खुली, शहर का राजनीतिक माहौल अचानक से बदल गया। छोटे नीम के ऐतिहासिक स्थल पर उस समय का दृश्य ऐसा था मानो एक बड़ा राजनीतिक उत्सव चल रहा हो। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता दूर-दूर से यहां उमड़ पड़े और जगह-जगह तिरंगे के रंग जैसे माहौल को छू रहे थे। आज का दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर बाल दिवस के रूप में पूरे देश में मनाया जा रहा था, लेकिन काशीपुर में यह महज़ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा। यहां माहौल उस ऊर्जा से भरा हुआ था जिसे केवल राजनीतिक एकजुटता, ऐतिहासिक स्मृति और संगठन की नई दिशा ही पैदा कर सकती है। महानगर कांग्रेस कमेटी की नव-नियुक्त अध्यक्ष ’’अलका पाल’’ के नेतृत्व में जिस तरह कार्यकर्ताओं का सैलाब छोटे नीम के नीचे इकठ्ठा हुआ, वह कांग्रेस की स्थानीय राजनीति में एक नया संकेत देता दिखा। पंडित नेहरू के चित्र के सामने पुष्प अर्पित करते समय जिस श्रद्धा और उत्साह का मिलाजुला रूप दिख रहा था, उसने इस आयोजन को और भी प्रभावशाली बना दिया। हालांकि कार्यक्रम का स्वरूप आधिकारिक था, लेकिन भीड़ का आकार और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति कहीं न कहीं यह बता रही थी कि काशीपुर में कांग्रेस की राजनीति एक नए मोड़ से गुजर रही है और इस भीड़ के पीछे भविष्य की बड़ी रणनीति भी छिपी है।

इसी मौके पर बोलते हुए ’’अलका पाल’’ ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के योगदान को याद करते हुए कहा कि नेहरू जी ने जिस आधुनिक भारत की नींव रखी, वह आज भी देश के विकास की आधारशिला बनी हुई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी को संगठन की मजबूती का प्रतीक बताया। उनके शब्दों में उत्साह के साथ वह आत्मविश्वास भी साफ झलक रहा था, जो किसी नए नेतृत्व के आने पर दिखाई देता है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे नीम का यह स्थान काशीपुर में ऐतिहासिक महत्व रखता है क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम के समय यहां अनेक सभाएं हुईं और पंडित नेहरू ने भी इसी जगह कदम रखकर स्वतंत्रता संग्राम की धारा को मजबूत किया था। कार्यक्रम में मौजूद कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने भी इस स्थान की ऐतिहासिकता को याद करते हुए कहा कि यह सिर्फ पेड़ नहीं, बल्कि एक स्मृति है जो स्वतंत्रता आंदोलन की गूंज को आज भी जीवित रखे हुए है। भीड़ के बीच मौजूद कई कार्यकर्ता अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त कर रहे थे कि संगठन में नई ऊर्जा दिखाई दे रही है और आने वाले वर्षों में कांग्रेस काशीपुर में फिर से एक बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरेगी।

इसी दौरान ’’अनुपम शर्मा’’ ने बाल दिवस के अवसर पर बच्चों और युवाओं के लिए कांग्रेस संगठन द्वारा एक वर्ष का पूरा रोडमैप तैयार करने की घोषणा की। उनका कहना था कि बाल दिवस सिर्फ फूल चढ़ाने या भाषण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बच्चों के लिए कुछ ठोस करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि महानगर कांग्रेस कमेटी अब शिक्षा, खेल, कला और सामाजिक मंचों पर बच्चों के लिए अवसर तैयार करेगी, ताकि उनके विकास में पार्टी प्रत्यक्ष योगदान दे सके। उनके मुताबिक, शाम को होने वाली विशेष बैठक में इस योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा और अगले एक वर्ष तक बच्चों से जुड़े कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी। उनके भाषण में जिस परिपक्वता और दूरदृष्टि का आभास हुआ, उसने यह संकेत जरूर दिया कि कांग्रेस की स्थानीय राजनीति में रणनीतिक सोच अब पहले से अधिक व्यवस्थित रूप में उभर रही है। भीड़ में मौजूद युवाओं ने भी इस पहल का स्वागत किया और कहा कि यह कदम कांग्रेस को आम जनता से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है। अनुपम शर्मा के वक्तव्य ने आज के आयोजन को केवल भावनात्मक ही नहीं, बल्कि उद्देश्यपूर्ण भी बना दिया, जिससे कार्यकर्ताओं का उत्साह और बढ़ गया।

अलग ही अंदाज़ में ’’महेंद्र बेदी’’ ने भी पंडित नेहरू के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनके द्वारा बच्चों के प्रति दिखाए गए प्रेम ने देश के भविष्य की दिशा तय की थी। उन्होंने बाल दिवस को सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि पीढ़ियों के बीच एक प्रेरणादायी पुल बताया। हालांकि आज का दिन बाल दिवस को समर्पित था, लेकिन बेदी ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट को लेकर उठे सवालों पर भी हल्के अंदाज़ में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विचारों का मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन आज का दिन विवादों पर नहीं, विचारों पर चर्चा का है। उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था कि वह आज का माहौल सकारात्मक रखना चाहते हैं। कार्यकर्ताओं के बीच उनका प्रभाव भी साफ दिख रहा था क्योंकि कई कार्यकर्ता उनसे बातचीत करने और फोटो खिंचवाने के लिए लगातार उनके आसपास इकट्ठा होते रहे। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को और मजबूत बनाया और भीड़ में उत्साह बरकरार रखा।

महेंद्र बेदी ने नवनियुक्त कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अलका पाल की नियुक्ति को पूरे समाज के लिए सम्मानजनक बताया। उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज की महिला को कांग्रेस संगठन ने महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर यह बड़ी पहल की है, जिससे समाज के भीतर नई ऊर्जा और सम्मान की भावना उत्पन्न हुई है। उन्होंने कुछ नेताओं द्वारा व्यक्त की जा रही नाराज़गी को महत्वहीन बताते हुए कहा कि जिन लोगों को कोई असहमति है, उन्हें समय के साथ यह समझ आएगा कि संगठन में परिवर्तन हमेशा सकारात्मक दिशा की ओर ले जाता है। उनका कहना था कि समाज के साथ-साथ पूरा उत्तराखंड अलका पाल के साथ खड़ा है और काशीपुर में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भारी समर्थन मिलेगा। उन्होंने सौफीसदी जीत का दावा करते हुए कहा कि जनता बदलाव चाहती है और इसी कारण अलका पाल के नेतृत्व को जनता सकारात्मक संकेत दे रही है। उनके भाषण के दौरान मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच जयकारों की आवाजें गूंजती रहीं, जिससे वातावरण और भी जोशीला हो गया।

वहीं, कांग्रेस के पूर्व सचिव जितेंद्र सरस्वती ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी में छोटे-मोटे मतभेद नई बात नहीं हैं, लेकिन संगठन की मजबूती हमेशा प्राथमिकता में रहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का कार्यकर्ता किसी नेता का नहीं, बल्कि विचारधारा का होता है, और जब हाईकमान कोई निर्णय लेता है, तो कार्यकर्त्ता उसका सम्मान करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पंडित नेहरू के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने स्वतंत्रता के दौर में थे और यह कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि उन विचारों को गांव-गांव, घर-घर तक पहुंचाया जाए। उनकी बातों से लग रहा था कि वह किसी भी प्रकार के अफवाहों या अंतर्विरोधों को समाप्त करने की दिशा में संदेश देना चाहते हैं। सरस्वती ने कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी को कांग्रेस की एकता का प्रमाण बताया और कहा कि आने वाले वर्षों में संगठन पहले से अधिक मजबूत होकर उभरेगा। उन्होंने नेहरू जी की ऐतिहासिक भूमिका को याद करते हुए कहा कि छोटे नीम के नीचे आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि कांग्रेस की विचारगत विरासत का संरक्षण है।

इसी क्रम में युवाओं की आवाज़ बने ’’शिवम शर्मा’’ ने नेहरू जी के बाल प्रेम को याद करते हुए कहा कि आज के इस आयोजन ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को यह याद दिलाया है कि बच्चा सिर्फ परिवार का नहीं, बल्कि देश की आशा भी होता है। उन्होंने अलका पाल की नियुक्ति को संगठन के लिए नई शुरुआत बताया और कहा कि युवा पीढ़ी अब अधिक उत्साह के साथ कांग्रेस की ओर लौट रही है। उनका कहना था कि आने वाले चुनाव में काशीपुर कांग्रेस का मजबूत गढ़ बनकर उभरेगा और संगठन की एकजुटता ही जीत की कुंजी होगी। शिवम शर्मा का उत्साह कार्यक्रम में मौजूद युवाओं के बीच साफ दिखाई दे रहा था क्योंकि कई युवा उनसे विचार-विमर्श करते नजर आए। उन्होंने पार्टी की नीति और जनसंपर्क अभियानों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात कही, जिससे कांग्रेस का जनाधार और मजबूत हो सके। उनके जोशीले वक्तव्य ने कार्यक्रम के माहौल को और अधिक ऊर्जावान बना दिया।

मिडिया से बात करते हुये अब्दुल कादिर ने नेहरू जी की विरासत, बच्चों के प्रति उनका समर्पण और देश के विकास में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि 14 नवंबर का यह दिन पूरे देश के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि काशीपुर में आज जिस तरह कार्यकर्ता इकट्ठा हुए हैं, वह यह दर्शाता है कि कांग्रेस बदलते राजनीतिक माहौल में फिर से एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड में आगामी चुनावों में कांग्रेस की सरकार बनेगी और काशीपुर सीट इस बार कांग्रेस के खाते में जाएगी। उनके अनुसार, स्थानीय जनता पिछले वर्षों से परिवर्तन चाहती है और इस बार जनता यह बदलाव जरूर करेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अलका पाल की नियुक्ति के बाद जो राजनीतिक हलचल दिखाई दे रही है, वह सामान्य परिस्थिति है और शीघ्र ही सभी मतभेद समाप्त हो जाएंगे। उनके आत्मविश्वास ने भीड़ का उत्साह और बढ़ा दिया, और कार्यकर्ता ‘कांग्रेस जिंदाबाद’ के नारों से वातावरण गूंजाते रहे।

दूसरी ओर, कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व महानगर अध्यक्ष ’’मुशर्रफ हुसैन’’ ने मिडिया से बात करते हुये कहा कि पार्टी हाईकमान का फैसला सभी को स्वीकार है और संगठन में किसी प्रकार का वास्तविक विवाद नहीं है। उन्होंने स्वयं अलका पाल का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिलाओं को आगे बढ़ाने में विश्वास रखती है और इस बार काशीपुर में एक नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। उन्होंने राहुल गांधी की विचारधारा और गणेश गोदियाल के नेतृत्व को जनता द्वारा सराहा जा रहा है, ऐसा भी कहा। उनका कहना था कि कांग्रेस एक है और एक होकर ही 2027 के चुनाव की दिशा तय करेगी। मुशर्रफ हुसैन का वक्तव्य संतुलित और परिपक्वता से भरा हुआ था, जो संगठन के वरिष्ठ नेता की पहचान भी है। उन्होंने कार्यक्रम में आए युवा और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को याद करते हुए कहा कि जन-समर्थन ही कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत है और आने वाले समय में यही समर्थन काशीपुर की सियासत बदल देगा। उनके संबोधन ने कार्यक्रम को एक संयमित और स्थिर दिशा प्रदान की।

अंत में, छोटे नीम के नीचे जमा हुई यह भीड़ केवल एक स्मारक कार्यक्रम भर नहीं थी, बल्कि काशीपुर की कांग्रेस राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत थी। हालांकि कुछ परिचित चेहरे आज नज़र नहीं आए, लेकिन मौजूद कार्यकर्ताओं की संख्या और उनका उत्साह यह बता रहा था कि अलका पाल के नेतृत्व में कांग्रेस संगठन में नई धार, नई ऊर्जा और नया विश्वास पैदा हो रहा है। बाल दिवस के अवसर पर पंडित जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि देने के इस कार्यक्रम ने न केवल भावनाओं को जोड़ा, बल्कि राजनीतिक संदेश भी दिया कि कांग्रेस एकजुट है और आने वाले चुनावों में नए जोश के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है। छोटे नीम के नीचे उमड़ती भीड़, गूंजते नारे, नेताओं के भावपूर्ण वक्तव्य और कार्यकर्ताओं का जोशकृइन सबने मिलकर आज के दिन को ऐसा ऐतिहासिक बना दिया, जो काशीपुर की राजनीति में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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