उत्तराखण्ड। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने एक ऐसा विस्फोटक बयान दिया जिसने सत्ताधारी खेमे की नींद उड़ा दी है। देवभूमि की राजनीति के गलियारों में इस वक्त केवल एक ही चर्चा है कि आखिर वो कौन से कद्दावर चेहरे हैं जो पाला बदलने की तैयारी में हैं। गणेश गोदियाल ने बेहद आत्मविश्वास के साथ यह दावा किया है कि राज्य के 18 दिग्गज राजनेता बहुत जल्द कांग्रेस का हाथ थामने वाले हैं। इस खबर ने न केवल सियासी पंडितों को हैरान कर दिया है, बल्कि भाजपा के भीतर भी खलबली मचा दी है। प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि इन सभी बड़े नामों की एक विस्तृत सूची तैयार कर ली गई है और उसे अंतिम स्वीकृति के लिए कांग्रेस आलाकमान को भेज दिया गया है। जैसे ही दिल्ली से हरी झंडी मिलेगी, उत्तराखंड की राजनीति में एक ऐसा बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी।
सियासी बिसात पर अपनी चालें चलते हुए गणेश गोदियाल ने इस रहस्य से भी पर्दा उठाया कि संपर्क केवल पूर्व नेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्ता पक्ष के कुछ वर्तमान विधायक भी कांग्रेस के दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं। उन्होंने संकेतों ही संकेतों में यह साफ कर दिया कि भाजपा के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और असंतोष की यह आग अब सार्वजनिक होने वाली है। प्रदेश अध्यक्ष के इस दावे के बाद से ही देहरादून से लेकर दिल्ली तक चर्चाओं का बाजार बेहद गर्म है और हर कोई उन 18 नामों को जानने के लिए बेताब है जो कांग्रेस के कुनबे को मजबूत करने जा रहे हैं। गणेश गोदियाल का मानना है कि पार्टी आलाकमान की मंजूरी मिलते ही इन नेताओं की विधिवत जॉइनिंग कराई जाएगी, जिससे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश का राजनैतिक नक्शा पूरी तरह बदल सकता है।
कांग्रेस की इस आक्रामक रणनीति के बीच गणेश गोदियाल ने भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के हालिया बयान पर जमकर चुटकी ली और उसे भाजपा की डूबती नैया का प्रमाण बताया। दरअसल, एक आंतरिक बैठक के दौरान बंशीधर भगत ने अपनी ही पार्टी को आइना दिखाते हुए यह कह दिया था कि केवल प्रधानमंत्री मोदी के नाम के सहारे आगामी चुनाव जीतना संभव नहीं होगा। बंशीधर भगत के इस बयान को आधार बनाकर कांग्रेस ने हमला तेज कर दिया है। गणेश गोदियाल ने तंज कसते हुए कहा कि जब भाजपा के इतने वरिष्ठ विधायक खुद यह स्वीकार कर रहे हैं कि 2027 की राह उनके लिए बेहद कठिन है, तो यह स्पष्ट हो जाता है कि जनता का मोहभंग हो चुका है। सत्ताधारी दल के भीतर से उठ रही ये आवाजें कांग्रेस के लिए संजीवनी का काम कर रही हैं और पार्टी इसे एक बड़े अवसर के रूप में देख रही है।
उत्तराखंड में समय से पहले शुरू हुई इस चुनावी सरगर्मी ने यह तय कर दिया है कि आने वाले दिन बेहद नाटकीय होने वाले हैं। गणेश गोदियाल के इस बयान ने विपक्षी खेमे में नई ऊर्जा का संचार किया है, वहीं भाजपा के लिए यह आत्ममंथन का समय है। यदि वाकई 18 बड़े चेहरे कांग्रेस में शामिल होते हैं, जिनमें वर्तमान विधायक भी शामिल हैं, तो यह प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा दलबदल साबित होगा। बंशीधर भगत की उस चेतावनी को कांग्रेस अब घर-घर तक पहुँचाने की योजना बना रही है ताकि जनता को यह संदेश दिया जा सके कि भाजपा के भीतर ही हार का डर बैठ गया है। फिलहाल, सबकी निगाहें कांग्रेस आलाकमान की उस हरी झंडी पर टिकी हैं, जिसके बाद उत्तराखंड के इन ‘गुप्त’ 18 नेताओं के नामों का औपचारिक खुलासा होगा और राज्य की सियासत में एक नया अध्याय लिखा जाएगा।





