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गंभीर तेवर में विनय रूहेला, अधिकारियों को लापरवाही छोड़ जनहित में तत्परता दिखाने की सख्त चेतावनी

काशीपुर। शुक्रवार को काशीपुर में उत्तराखंड आपदा प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष विनय रूहेला ने विभागीय अधिकारियों के साथ आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की।इस बैठक में नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग जल संस्थान और राजस्व विभाग समेत अनेक विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विनय रूहेला ने साफ कहा कि आपदा के समय जनता को तत्काल राहत पहुंचाना प्राथमिक कर्तव्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की सुविधा में कोताही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी को कठोर कार्रवाई झेलनी पड़ेगी।

बैठक से पूर्व उत्तराखंड आपदा प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष विनय रूहेला नगर निगम परिसर स्थित कारगिल शहीद वाटिका पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर “मां के नाम” समर्पित एक पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वृक्ष जीवन का आधार हैं और इनकी रक्षा एवं संवर्धन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपदा प्रबंधन केवल तात्कालिक राहत तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और दीर्घकालिक उपायों से जुड़ा होना चाहिए। रूहेला ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे भी इस अभियान से जुड़कर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखरेख का संकल्प लें। उनका मानना है कि इस तरह की पहलें न केवल पर्यावरण को संतुलित रखेंगी बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करेंगी। उन्होंने आगे कहा कि नगर निगम और समिति मिलकर जनता की सुविधा और सुरक्षा के लिए हर परिस्थिति में समन्वय के साथ कार्य करती रहेगी और जनहित हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगा।

बैठक के दौरान नगर निगम पार्षदों ने उपाध्यक्ष विनय रूहेला को एक ज्ञापन सौंपा और उसमें शहर की पेयजल समस्या, जलभराव, बिजली आपूर्ति में रुकावट, आपदा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोरियों और सड़कों पर पड़े मलबे जैसी गंभीर समस्याओं को सामने रखा। इन मुद्दों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए विनय रूहेला ने जल संस्थान को नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। विद्युत विभाग को बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने और स्वास्थ्य विभाग को आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के आदेश दिए गए। वहीं, च्ॅक् और नगर निगम को नालों और सड़कों से मलबा हटाने के लिए तत्काल कार्यवाही करने को कहा गया। बैठक के दौरान सबसे ज्यादा शिकायतें विद्युत विभाग के संबंध में आईं, जिस पर विनय रूहेला ने अधिशासी अभियंता को स्पष्ट आदेश दिया कि वह महापौर के साथ बैठक कर पार्षदों की समस्याओं का निवारण सुनिश्चित करें।

बैठक में यह भी सामने आया कि सिंचाई विभाग और स्वास्थ्य विभाग से कोई अधिकारी समय पर नहीं पहुंचा, जिस पर उपाध्यक्ष विनय रूहेला ने कड़ी नाराजगी जताई। बाद में सिंचाई विभाग का एक अधिकारी बैठक में पहुंचा, लेकिन उनकी अनुपस्थिति ने गंभीर सवाल खड़े किए। इसी बीच महापौर दीपक बाली ने भी पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कहा कि नगर निगम की ओर से बार-बार पत्र लिखे जाने के बावजूद टूटी सड़कों पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर उनके द्वारा लिखे गए पत्र पर्याप्त नहीं माने जा रहे तो नियमों में बदलाव किया जाए। महापौर ने शहर की सीवरेज व्यवस्था सुधारने, बारिश के दौरान टूटी सड़कों को दुरुस्त करने, नालों की सफाई और वहल्ला व ढेला नदी की पिचिंग का मुद्दा भी उठाया।

बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर अपने-अपने विचार रखे। विनय रूहेला ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं बरसात के मौसम में विभिन्न स्थानों का दौरा कर हालात का जायजा ले रहे हैं, इसलिए अधिकारियों को भी सक्रिय और जिम्मेदार रवैया अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि कागजों पर योजनाएं बनाने से जनता को कोई राहत नहीं मिलेगी, बल्कि त्वरित और धरातल पर दिखने वाली कार्यवाही ही जनता के जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी तरह की लापरवाही पाई जाती है तो जिम्मेदार व्यक्ति को सीधे तौर पर उत्तरदायी ठहराया जाएगा।

आपदा प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष विनय रूहेला ने मिडिया से बात करते हुये कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशन और मार्गदर्शन में जनता की सरकार पूरी तत्परता के साथ जनता के द्वार पर खड़ी है। नगर निगम सभागार में आयोजित बैठक में जिला प्रशासन, नगर निगम और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा की गई। बैठक का उद्देश्य आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों की प्रगति, रुकावटों के समाधान और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करना था। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी के आदेशानुसार लगभग 1900 करोड़ रुपये की योजनाएं शासन द्वारा अनुमोदित की गई हैं, जिनमें 537 करोड़ का वेस्ट प्लांट, 700 करोड़ की पेयजल परियोजना और सरकारी अस्पतालों का उन्नयन जैसे कार्य तेजी से प्रगति पर हैं। शहर में नालों और नदियों पर हुए अतिक्रमण, बिजली विभाग के टेढ़े खंभों, और अन्य समस्याओं को चिन्हित कर संबंधित विभागों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए गए हैं।

विनय रूहेला ने मिडिया को बताया कि जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए खाद्य आपूर्ति, राशन वितरण और अन्य बुनियादी सेवाओं की भी समीक्षा की गई। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्य शीघ्रतम गति से पूरे हों। उन्होंने कहा कि थराली की आपदा में सरकार ने तुरंत तीन हेलीकॉप्टर लगाकर 1200 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला, लापता व्यक्तियों की सूची बनाकर उनके परिजनों से संपर्क कराया और प्रभावित परिवारों को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता और मकान क्षति पर त्वरित राहत उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की कमेटी गठित कराई गई है, जो अपनी रिपोर्ट के आधार पर दीर्घकालिक समाधान और पुनर्वास योजना तैयार करेगी। आपदा प्रबंधन समिति पूरी गंभीरता के साथ यह सुनिश्चित कर रही है कि किसी भी प्रभावित परिवार को राहत और पुनर्वास में देरी न हो। विनय रूहेला ने स्पष्ट किया कि हमारे यहां कार्य सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहा है और जनता को सुरक्षित एवं संतुष्ट रखने के लिए सरकार और प्रशासन दिन-रात समर्पण के साथ जुटा हुआ है।

काशीपुर के महापौर दीपक बाली ने बैठक के बाद मिडिया से बातचित में बताया कि उत्तराखंड आपदा प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष विनय रूहेला के साथ इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हाल ही में आई आपदा से हुए नुकसान की विस्तृत समीक्षा करना था। बैठक में खास ध्यान इस बात पर दिया गया कि प्रभावित क्षेत्रों में कहीं जनहानि तो नहीं हुई है और किस जगह पर सबसे अधिक क्षति हुई है। कई स्थानों पर अवसंरचना को नुकसान पहुंचा है, कुछ मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और इस पर तुरंत कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।

उन्होने कहा कि मैंने उत्तराखंड आपदा प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष विनय रूहेला को भी अवगत कराया कि अब समय की सबसे बड़ी आवश्यकता निर्माण कार्यों की मजबूती और स्थायित्व है, ताकि भविष्य में आपदा के प्रभाव को कम किया जा सके। यह बैठक केवल समीक्षा भर नहीं थी, बल्कि जनता की समस्याओं को सुनने और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करने का एक सशक्त प्रयास था। उन्होने कहा कि मेरा मानना है कि इस प्रकार की बैठकें जनता और प्रशासन के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी का काम करती हैं और यही लोकतांत्रिक व्यवस्था की असली शक्ति है। महापौर बाली ने कहा कि में अधिकारियों का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने हमारी बातों को गंभीरता से सुना और कई मुद्दों पर मौके पर ही तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि आज प्रदेश में मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में सरकार जिस संवेदनशीलता और तत्परता के साथ काम कर रही है, वह सराहनीय है। काशीपुर भी इस संवेदनशील और विकासमुखी नेतृत्व का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त कर रहा है।

महापौर दीपक बाली ने कहा कि में उत्तराखंड आपदा प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष का ‘‘मैं विशेष रूप से विनय रूहेला जी का धन्यवाद करना चाहूंगा, जो आपदा प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष के रूप में लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं और समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित कर रहे हैं। यही कारण है कि काशीपुर में इस समय लगभग एक हज़ार नौ सौ करोड़ रुपये की योजनाओं पर काम प्रगति पर है और ये योजनाएं एक-एक कर धरातल पर उतर रही हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में ये योजनाएं काशीपुर के विकास की नई दिशा तय करेंगी और शहर को एक नए मुकाम पर पहुंचाएंगी।’’

बैठक में जसपुर के उप जिलाधिकारी चतर सिंह चौहान, नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट, एआरटीओ पूजा नयाल, लघु सिंचाई सहायक अभियंता मदन मोहन शर्मा, गढ़ी नेगी के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार, सहायक कृषि अधिकारी नरेश कुमार, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी डॉक्टर कल्याण सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र कुमार साहू, खंड विकास अधिकारी कमल पांडे, लेखपाल शिशु कुमार, फूल सिंह, अपर आयुक्त चंद्र सिंह इमलाल, श्रम परिवर्तन विभाग के अधिकारी बलराम सिंह, निलेश कुमार, विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता विवेक कांडपाल, एसडीओ महक मिश्रा, पीडब्ल्यूडी के विवेक सक्सेना और पूरन सिंह भंडारी, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉक्टर संगीता कुमारी, महुआ खेड़ा गंज की चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर श्वेता अग्रवाल, राजस्व निरीक्षक अनूप सिंह, सुनील कुमार, बंगाल सिंह और मोहम्मद अकरम, पंचायत राज विभाग के सुनील सागर, गुंजन चौहान और तरन्नुम, सुखलाल राणा, डॉ. भरत सिंह व डॉ. मुकेश पांडे, पशु चिकित्सा अधिकारी विजयपाल नेगी, युवा कल्याण अधिकारी कंचन रावत और सतीश शर्मा, भाजपा के जिला अध्यक्ष मनोज पाल, रवि पाल, ब्लॉक प्रमुख चंद्रप्रभा चौधरी, समरपाल सिंह, जसबीर सिंह सैनी, नगर निगम के अधीक्षक विकास शर्मा, सहायक नगर अधिकारी कमल मेहता, पार्षद दीपक पाठक, वैशाली गुप्ता, गुंजन आर्य, प्रिंस बाली, अब्दुल कादिर और सीमा सागर मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नगर निगम के कर अधीक्षक अनिरुद्ध गौड ने किया।

अंत में बैठक को संबोधित करते हुए उपाध्यक्ष विनय रूहेला ने स्पष्ट कहा कि आपदा जैसी परिस्थितियों में सभी विभागों को आपसी तालमेल और त्वरित समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए, क्योंकि जनता की सुविधा और उनकी सुरक्षा ही सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि विभागीय स्तर पर त्वरित और सामूहिक प्रयास होंगे तो किसी भी संकट का सामना करना अधिक सरल हो जाएगा। इसी क्रम में महापौर दीपक बाली ने उपाध्यक्ष का गर्मजोशी से स्वागत किया और भरोसा दिलाया कि नगर निगम हर परिस्थिति में जनता के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि आपदा जैसी स्थितियों में नगर निगम पूरी तत्परता और जिम्मेदारी के साथ काम करता रहा है और आगे भी करता रहेगा। दीपक बाली ने यह भी आश्वासन दिया कि समिति को हर स्तर पर नगर निगम का पूर्ण सहयोग मिलेगा ताकि समस्याओं का समाधान समय पर सुनिश्चित किया जा सके।

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