काशीपुर। त्यौहारों के इस व्यस्त मौसम में जब शहर की सड़कों पर गाड़ियों का शोर और लोगों की भीड़ अपने चरम पर होती है, तब ऐसे में कुछ लोग अपनी ड्यूटी से बढ़कर जनता की सुविधा के लिए खड़े रहते हैं। काशीपुर में ऐसी ही मिसाल पेश करने वाले यातायात पुलिस कर्मियों को आज सम्मानित किया गया। समाजसेवा की भावना के लिए पहचाने जाने वाले खालसा फाउंडेशन ने शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सधे तरीके से संभालने वाली पुलिस टीम को सराहना और सम्मान से नवाज़ा। इस अवसर पर फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि त्योहारों के बीच जब हर कोई अपने परिवार के साथ जश्न मनाने में व्यस्त होता है, तब ये पुलिस कर्मी सड़कों पर तैनात रहकर जनहित की मिसाल पेश करते हैं। इसी समर्पण और मेहनत के लिए टीएसआई अरुण कुमार, एएसआई जसवंत सिंह और तीन अन्य सिपाहियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
जहां एक ओर हर चौराहे पर बढ़ते वाहनों का दबाव प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है, वहीं काशीपुर के इन कर्मठ जवानों ने अपने सूझबूझ और संयम से ट्रैफिक को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चाहे चीमा चौराहा हो, एमपी चौक या स्टेडियम चौराहा, हर जगह इनकी सतर्कता और तत्परता ने लोगों को जाम से राहत दी। यह सिर्फ ड्यूटी नहीं बल्कि सेवा भाव का उदाहरण है, जो हर राहगीर को सुरक्षा और व्यवस्था का एहसास कराता है। इन जवानों की लगन और जिम्मेदारी को देखकर साफ झलकता है कि शहर के यातायात को व्यवस्थित रखने में उन्होंने कितनी मेहनत और समर्पण से काम किया है। खालसा फाउंडेशन ने कहा कि इस सम्मान का उद्देश्य सिर्फ प्रोत्साहन देना नहीं, बल्कि उन सभी कर्मियों को प्रेरित करना है जो समाज के हित में निस्वार्थ भाव से कार्य करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान सतपाल सिंह, सर्वजीत सिंह, वीरेन्द्र सिंह, नितिन अरोरा और जगमोहन सिंह ने इन पुलिस कर्मियों को सम्मानित करते हुए कहा कि खालसा फाउंडेशन हमेशा से समाज की सेवा में अग्रणी रहा है और ऐसे लोगों को सम्मानित करना संस्था की परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि शहर की यातायात पुलिस ने इस त्योहारी सीजन में जिस तरह दिन-रात लोगों की सुविधा का ध्यान रखा है, वह सराहनीय है। भीड़भाड़ और व्यस्त बाजारों में भी इन पुलिसकर्मियों ने बिना थके अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। संस्था के सदस्यों ने कहा कि समाज तब ही सुरक्षित और संगठित रह सकता है जब सेवा और सम्मान की भावना एक साथ आगे बढ़े।
काशीपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में यातायात नियंत्रण एक कठिन जिम्मेदारी बन गया है, लेकिन टीएसआई अरुण कुमार, एएसआई जसवंत सिंह और उनकी टीम ने इस चुनौती को अवसर में बदला। उन्होंने न केवल वाहन चालकों को अनुशासन का संदेश दिया बल्कि अपनी उपस्थिति से नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा भी जगाया। उनके इसी प्रयास ने शहर की सड़कों को जाम से मुक्त रखने में बड़ी भूमिका निभाई। वहीं खालसा फाउंडेशन लगातार अपने “सेवा निरंतर” भाव से समाज के हर क्षेत्र में योगदान दे रही है — चाहे वह जरूरतमंदों की मदद हो, पर्यावरण संरक्षण हो या प्रशासनिक सहयोग। संस्था ने एक बार फिर यह साबित किया कि सच्ची सेवा सिर्फ शब्दों में नहीं बल्कि कर्मों में दिखाई देती है।

सम्मान समारोह में उपस्थित लोगों ने भी पुलिस टीम की लगन की सराहना करते हुए कहा कि जब समाज ऐसे कर्मठ लोगों को सम्मानित करता है, तो वह सिर्फ व्यक्तियों की नहीं बल्कि सेवा की भावना का आदर करता है। हर साल की तरह इस बार भी फाउंडेशन ने यह साबित किया कि सामाजिक संगठन और पुलिस प्रशासन मिलकर शहर को बेहतर बना सकते हैं। त्योहारों के इस मौसम में जहां उत्सव का माहौल हर गली-मोहल्ले में फैला हुआ है, वहीं इन पुलिस कर्मियों का यह योगदान नागरिकों के दिलों में विश्वास और गर्व की भावना भर देता है। काशीपुर के लोग आज इन जांबाज कर्मियों को धन्यवाद दे रहे हैं, जिन्होंने शहर की रफ्तार को नियंत्रित रखते हुए व्यवस्था की गरिमा को बनाए रखा।
खालसा फाउंडेशन का यह कदम न केवल प्रेरणादायक है बल्कि समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देता है कि सम्मान हमेशा उन तक पहुंचना चाहिए जो निस्वार्थ होकर जनहित में कार्यरत हैं। इस अवसर ने यह साबित कर दिया कि शहर की प्रगति केवल विकास योजनाओं से नहीं बल्कि ऐसे समर्पित कर्मियों के प्रयासों से होती है, जो दिन-रात जनता की सुविधा के लिए डटे रहते हैं। समारोह का माहौल सौहार्द और कृतज्ञता से भरा रहा, जहां सेवा और सम्मान का संगम एक सुंदर उदाहरण बनकर उभरा।



