काशीपुर। नगर के प्रमुख सार्वजनिक परिवहन केंद्र रोडवेज बस स्टेशन से जुड़ी गंभीर अव्यवस्थाओं को लेकर उत्तराखण्ड परिवहन निगम ने नगर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया है। कार्यालय सहायक महाप्रबन्धक, उत्तराखण्ड परिवहन निगम, काशीपुर की ओर से महापौर काशीपुर को भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बस स्टेशन से निगम की बसों के सुचारू संचालन में लगातार बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। विशेष रूप से रेलवे ओवरब्रिज (आर०ओ०बी०) के दोनों ओर सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण बसों के आवागमन में भारी परेशानी आ रही है। इस संकरे मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही के चलते जाम की स्थिति आम बात बन चुकी है, जिससे यात्रियों, चालकों और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रही है, बल्कि शहर की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
वर्तमान हालात का वर्णन करते हुए पत्र में एआरएम द्वारा बताया गया है कि बस स्टेशन से निकलने वाले मार्ग पर आर०ओ०बी० के बाईं ओर सड़क पर बनी स्लेब टूट चुकी है। स्लेब के टूटने से नाले के ऊपर गहरा गड्ढा बन गया है, जो अब दुर्घटनाओं का कारण बनता जा रहा है। कई नागरिक इस गड्ढे में गिरकर चोटिल हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र में दहशत और असुरक्षा का माहौल है। इस खराब स्थिति के कारण उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसें इस मार्ग से गुजरने में असमर्थ हो गई हैं। परिणामस्वरूप, निगम को मजबूरन आर०ओ०बी० के दाहिने ओर के मार्ग का उपयोग करना पड़ रहा है, जो पहले से ही संकरा और अत्यधिक व्यस्त है। इस असंतुलित यातायात व्यवस्था ने पूरे क्षेत्र में अव्यवस्था फैला दी है।
इसके अतिरिक्त एआरएम द्वारा राजेन्द्र आर्य ने पत्र में बताया कि आरओबी के पास सर्विस रोड के एक साइड खड़ा एक छोटा नीम का पेड़ भी आवागमन में बड़ी बाधा बनकर खड़ा है। यह पेड़ सड़क के बीचोंबीच अवरुद्ध स्थिति में है, जिसके कारण भारी वाहनों, विशेषकर रोडवेज बसों, को मोड़ लेने और सुरक्षित रूप से निकलने में कठिनाई हो रही है। पत्र में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि पेड़ के कारण दृश्यता प्रभावित होती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है। निगम के अनुसार, यदि इस पेड़ को समय रहते नहीं हटाया गया, तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। आम नागरिकों और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस अवरोध को शीघ्र हटाना आवश्यक बताया गया है, ताकि मार्ग को पूरी तरह से सुगम बनाया जा सके।
एआरएम द्वारा राजेन्द्र आय ने पत्र में लिखा कि आर०ओ०बी० के निर्माण से जुड़ी एक और गंभीर समस्या बस स्टेशन प्रांगण में फैला मलबा है। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बावजूद भारी मात्रा में मलबा अब भी बस स्टेशन परिसर में पड़ा हुआ है, जिससे गंदगी का अंबार लग गया है। इस मलबे के कारण न केवल परिसर की स्वच्छता प्रभावित हो रही है, बल्कि यात्रियों को चलने-फिरने में भी परेशानी हो रही है। बरसात के दिनों में यह मलबा कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे फिसलने और चोट लगने का खतरा बना रहता है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि बस स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थान पर इस प्रकार की अव्यवस्था यात्रियों के लिए असुविधाजनक होने के साथ-साथ प्रशासनिक लापरवाही को भी दर्शाती है।
रात के समय बस स्टेशन की स्थिति और भी चिंताजनक हो जाती है। एआरएम आर्य ने पत्र में उल्लेख किया गया है कि स्टेशन परिसर में लगी अधिकांश स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे अंधेरा छाया रहता है। प्रकाश व्यवस्था के अभाव में यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों, को असुरक्षा का अनुभव होता है। बसों के आगमन और प्रस्थान के दौरान चालकों को भी पर्याप्त रोशनी न होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होने पत्र में लिखा कि अंधेरे में दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है, जिससे किसी भी समय अप्रिय घटना घट सकती है। एआरएम ने पत्र में इस समस्या को गंभीर बताते हुए तत्काल स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त कराने या नई लाइटें लगाने की आवश्यकता पर बल दिया है।
उत्तराखण्ड परिवहन निगम ने अपने पत्र में समाधान के तौर पर आर०ओ०बी० के नीचे दोनों ओर सर्विस रोड के निर्माण का सुझाव दिया है। एअसारएम राजेन्द्र आर्य का मानना है कि यदि दोनों तरफ से सर्विस रोड बनाई जाती है, तो बसों और अन्य वाहनों का आवागमन सुचारू हो सकेगा और जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी। इसके साथ ही अवैध अतिक्रमण को हटाने की भी मांग की गई है, क्योंकि सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण मार्ग को और संकरा बना रहे हैं। जनहित को ध्यान में रखते हुए इन अतिक्रमणों को हटाना आवश्यक बताया गया है, ताकि यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके और आम लोगों को राहत मिल सके।
पत्र में यह भी आग्रह किया गया है कि टूटी हुई स्लेब को तत्काल ठीक कराया जाए, ताकि नाले पर बने गड्ढे को भरकर मार्ग को सुरक्षित बनाया जा सके। इसके साथ-साथ मार्ग पर खड़े नीम के पेड़ को हटाने की मांग भी दोहराई गई है। उत्तराखण्ड परिवहन निगम, काशीपुर का कहना है कि ये छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़ी समस्या का समाधान कर सकते हैं। यदि इन बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त कर दिया जाए, तो बसों का संचालन न केवल समय पर होगा, बल्कि यात्रियों का भरोसा भी निगम और प्रशासन दोनों पर मजबूत होगा। यह कदम शहर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।
बस स्टेशन प्रांगण में फैले निर्माण मलबे को हटाकर नियमित साफ-सफाई कराने पर भी विशेष जोर दिया गया है। स्वच्छ परिसर यात्रियों के लिए सकारात्मक अनुभव प्रदान करता है और शहर की छवि को भी निखारता है। निगम ने अनुरोध किया है कि संबंधित विभागों को निर्देशित कर मलबा हटवाया जाए और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, रात के समय पर्याप्त रोशनी के लिए नई स्ट्रीट लाइटें लगवाने या खराब लाइटों को ठीक कराने की मांग की गई है। इन सभी उपायों से बस स्टेशन एक सुरक्षित, स्वच्छ और सुव्यवस्थित सार्वजनिक स्थान के रूप में विकसित हो सकता है।
अंत में, सहायक महाप्रबन्धक काशीपुर डिपो, राजेन्द्र कुमार आर्य की ओर से महापौर काशीपुर से यह अपेक्षा जताई गई है कि वे अपने स्तर से संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करेंगे। महाप्रबन्धक का विश्वास है कि नगर प्रशासन के सहयोग से इन समस्याओं का शीघ्र समाधान संभव है। यदि प्रस्तावित कदमों पर अमल किया जाता है, तो उत्तराखण्ड परिवहन निगम की समस्त बसों का आवागमन सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा, यात्रियों को राहत मिलेगी और काशीपुर शहर की यातायात व स्वच्छता व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।



