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दीपक बाली के नेतृत्व में काशीपुर में रोशनी और संस्कृति का संगम सजा

महापौर दीपक बाली की पहल से स्वदेशी उत्पादों, स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यापारियों को मिलेगा मंच, चमकेगी काशीपुर की दीवाली और बढ़ेगा आर्थिक उत्साह

काशीपुर। दीपावली के पावन अवसर पर नगर निगम प्रांगण में इस बार काशीपुर के लिए विशेष रूप से भव्य दीवाली मेला आयोजित किया गया है, जिसमें शहर के नागरिकों को त्योहारी खरीदारी और मनोरंजन का अनूठा अनुभव मिलेगा। महापौर दीपक बाली के मार्गदर्शन में नगर निगम द्वारा यह मेला नगर निगम प्रांगण में सजाया गया है, जो पिछले वर्षों में जेल रोड पर लगने वाले बाजार का उत्कृष्ट विकल्प साबित होगा। स्थानीय जनता और दुकानदार दोनों के लिए यह आयोजन सुविधाजनक होने के साथ-साथ त्योहार की रौनक को और बढ़ा देगा। मेले में सजावट, दीपक, मोमबत्ती, हाथ से बने उत्पाद और अन्य त्योहारी वस्तुएँ उपलब्ध हैं, जो प्रत्येक परिवार को अपने घर की सजावट और त्योहारी तैयारियों के लिए आवश्यक सामग्री प्रदान करेंगी।

नगर निगम के इस पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें स्थानीय और छोटे दुकानदारों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। कई विकलांग और आर्थिक रूप से कमजोर दुकानदारों को निःशुल्क स्टॉल प्रदान किए गए हैं, ताकि वे भी इस पर्व का हिस्सा बन सकें और अपनी आजीविका के साथ-साथ त्योहार का आनंद भी ले सकें। हुनर सहायता समूह की रशीद अंसारी ने बताया कि वे हाथ से बनी चीज़ों का प्रदर्शन कर रही हैं और इस प्रकार स्थानीय महिला उद्यमियों को भी इस मेले में अपने उत्पाद दिखाने का अवसर मिला है। उन्होंने नगर निगम और दीपक बाली का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से छोटे उद्यमियों को भी बड़े स्तर पर प्रोत्साहन मिलता है।

दीवाली मेले में आने वाले नागरिकों के लिए आकर्षण का एक बड़ा केंद्र बनाया गया है—एक विशेष सेल्फी प्वाइंट, जहां परिवार और बच्चे अपने खरीदे हुए सजावटी सामान के साथ यादगार तस्वीरें क्लिक कर सकते हैं। यह पहल न केवल मेला को और अधिक मनोरंजक बनाएगी, बल्कि सोशल मीडिया के माध्यम से त्योहारी रौनक को साझा करने का भी अवसर प्रदान करेगी। नगर निगम के अधिकारी इस बात का विशेष ध्यान रख रहे हैं कि सभी स्टॉल व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से लगें, ताकि मेले का आनंद लेने आने वाले परिवारों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

महापौर दीपक बाली ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस बार का दीवाली मेला न केवल शॉपिंग का केंद्र है, बल्कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी और हर घर स्वदेशी अभियान को भी आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस मेले में आने वाले लोग न केवल अपने त्योहारी सामान की खरीदारी कर सकते हैं, बल्कि स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यापारियों को भी सहयोग कर अपने सामाजिक दायित्व का पालन कर सकते हैं। दीपक बाली ने यह भी कहा कि यह मेला 21 अक्टूबर तक आयोजित रहेगा और इसमें भाग लेने के लिए नगर के सभी नागरिकों को आमंत्रित किया गया है।

नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इस बार मेला व्यवस्थित रूप से नगर निगम प्रांगण में लगाया गया है, जिससे पिछले वर्षों में जेल रोड पर लगने वाले बाजार में होने वाले जाम और अराजकता से छुटकारा मिल गया है। अब लोग शांति और सुविधा के साथ अपने त्योहारी सामान की खरीदारी कर सकते हैं। रशीद अंसारी ने बताया कि छोटे हाथ से बने उत्पाद और सजावटी वस्तुएँ मेले में उपलब्ध हैं, जो बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए आदर्श हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस मेले में अधिक से अधिक आएँ और स्थानीय कारीगरों का सहयोग करें, ताकि यह परंपरा और भी मजबूत हो सके।

दीपक बाली ने कहा कि मेले में लगे स्टॉल विशेष रूप से सभी वर्गों के लिए सुलभ और आर्थिक रूप से किफायती हैं। जबकि सामान्य दुकानदारों से मेला शुल्क लिया गया है, आर्थिक रूप से कमजोर और विकलांग दुकानदारों को निशुल्क स्टॉल प्रदान किए गए हैं, ताकि वे भी अपने उत्पादों को प्रदर्शित कर सकें। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल त्योहार की रौनक बढ़ाती है, बल्कि समाज में समान अवसर और उद्यमिता को भी प्रोत्साहित करती है।

नगर निगम प्रांगण में सजाई गई स्टॉल्स और दुकानों में दीपक, मोमबत्ती, सजावटी मूर्तियाँ, हस्तशिल्प और अन्य त्योहारी सामग्री शामिल हैं। खाने-पीने के स्टॉल भी मेले का हिस्सा हैं, जहां पिज्जा, बर्गर, चाट और अन्य व्यंजन उपलब्ध हैं। दीपक बाली ने बताया कि इस बार मेले का आयोजन इस तरह से किया गया है कि पूरा परिवार शांति और सुविधा के साथ अपने त्योहारी खरीदारी और मनोरंजन का आनंद ले सके। नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि इस मेला का उद्देश्य केवल व्यावसायिक नहीं है, बल्कि यह स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करने का एक माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि लोग इस मेले में आकर न केवल त्योहारी सामान खरीद सकते हैं, बल्कि अपने बच्चों के लिए शैक्षिक और सांस्कृतिक सामग्री भी उपलब्ध करवा सकते हैं। इस प्रकार यह मेला समाज के सभी वर्गों को जोड़ने और त्योहारी उत्सव को सजीव बनाने का एक प्रयास है।

महापौर दीपक बाली ने कहा कि नगर निगम इस तरह के आयोजनों को आगे भी निरंतर आयोजित करेगा, ताकि शहर में पारंपरिक त्योहारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे इस मेले में आकर न केवल खरीदारी करें बल्कि स्थानीय उद्यमियों और कारीगरों का उत्साहवर्धन भी करें। इस पहल से न केवल त्योहारी रौनक बढ़ेगी, बल्कि समाज में स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।

दीवाली मेला में आने वाले सभी नागरिकों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। पार्किंग, सुरक्षा और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा गया है, ताकि परिवार और बच्चे सुरक्षित और आनंददायक वातावरण में मेला का अनुभव ले सकें। दीपक बाली ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से नगर निगम और नागरिकों के बीच बेहतर संवाद और सहयोग स्थापित होता है। नगर निगम प्रांगण में आयोजित इस भव्य दीवाली मेले के उद्घाटन के अवसर पर महापौर दीपक बाली सहित अन्य अधिकारी और नेता मौजूद रहेंगे। मेले के माध्यम से नगर निगम ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि स्थानीय कारीगरों और छोटे दुकानदारों को अवसर देने से न केवल त्योहार की रौनक बढ़ती है बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी शहर सशक्त होता है।

दीपक बाली ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस मेला में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित, सुविधाजनक और आनंददायक वातावरण प्रदान करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि लोग न केवल अपने त्योहारी सामान की खरीदारी कर सकेंगे, बल्कि इस मेले में परिवार और बच्चों के साथ आनंद और उत्साह का अनुभव भी साझा कर सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि काशीपुर के नागरिक इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएंगे और मेले को सफल बनाएंगे। इस भव्य दीवाली मेले के आयोजन से काशीपुर नगर निगम ने यह संदेश भी दिया है कि त्योहार केवल खरीदारी का अवसर नहीं बल्कि स्थानीय उद्यमियों, कारीगरों और समाज के कमजोर वर्गों को प्रोत्साहित करने का भी माध्यम हो सकता है। महापौर दीपक बाली और नगर निगम की टीम ने इस मेले को ऐसा रूप दिया है कि यह न केवल व्यावसायिक दृष्टि से सफल हो, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी यादगार साबित हो।

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शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

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