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काशीपुर में गूंजा आत्मनिर्भर भारत का संकल्प बलराज पासी ने भरी राष्ट्रगौरव की हुंकार

काशीपुर। बाजपुर रोड स्थित भाजपा जिला कार्यालय में आज “आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान – GST भाजपा विधानसभा सम्मेलन” का आयोजन अद्भुत ऊर्जा और जोश के साथ हुआ, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व सांसद बलराज पासी ने उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और नागरिकों का जोश इस बात का प्रतीक था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “आत्मनिर्भर भारत” की परिकल्पना अब केवल विचार नहीं, बल्कि जनांदोलन बन चुकी है। बलराज पासी ने कहा कि केंद्र सरकार देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार जनकल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है, जिससे स्थानीय उद्योगों, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भरता का अर्थ केवल उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि यह भारत की पुरातन गौरवगाथा को पुनर्जीवित करने का संकल्प है, जब यह देश ‘सोने की चिड़िया’ कहलाता था।

अपने संबोधन में बलराज पासी ने इतिहास का संदर्भ लेते हुए कहा कि भारत की शक्ति को कमजोर करने के पीछे केवल आक्रमण या शासन परिवर्तन नहीं, बल्कि आर्थिक शोषण की गहरी साजिशें रहीं। उन्होंने बताया कि मुगलों के समय धर्म परिवर्तन और भारी कर वसूली से जनता को तोड़ा गया, ताकि समाज की आर्थिक रीढ़ कमजोर हो। उस दौर में लोगों को धर्म परिवर्तन से बचने के लिए भारी टैक्स देना पड़ता था, जिसे उन्होंने इतिहास का “पहला जीएसटी” बताया। बलराज पासी ने कहा कि तब आम आदमी की कमाई का साठ से सत्तर प्रतिशत हिस्सा कर के रूप में लिया जाता था, जिससे व्यापार और खेती दोनों कमजोर हुए। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी और सरल बनाकर जनहित का हथियार बनाया है, जहां अधिकतम जीएसटी 28 प्रतिशत और न्यूनतम 5 प्रतिशत तक सीमित किया गया है।

पूर्व सांसद ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में कर व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित थी। व्यापारी दो नंबर की कमाई में उलझे रहते थे और अधिकारी रिश्वतखोरी का जाल बुनते थे। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले किसी व्यापारी का ईमानदारी से काम करना लगभग असंभव था क्योंकि अधिकारी तंत्र ही उसे दो नंबर में व्यापार करने को मजबूर करता था। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार ने उस भ्रष्ट प्रणाली को ध्वस्त कर दिया है, जिससे व्यापारी निश्चिंत होकर एक नंबर में व्यापार कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी के समय से ही जीएसटी पर विचार प्रारंभ हुआ था और आज वह राष्ट्र की आर्थिक क्रांति का आधार बन चुका है।

वक्तव्य के दौरान बलराज पासी ने विज्ञान, तकनीक और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में भारत की यात्रा को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि जब परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिका और अन्य देशों ने भारत पर प्रतिबंध लगाए थे, तब हमारे वैज्ञानिकों ने स्वदेशी “क्रायोजेनिक इंजन” बनाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया था। उन्होंने कहा कि जब फ्यूल के लिए जापान से सप्लाई रोकी गई, तब भारतीय वैज्ञानिकों ने गोवा की मिट्टी से वही सामग्री तैयार की और अपना फ्यूल स्वयं बनाया। यह घटना आत्मनिर्भर भारत की सच्ची नींव थी, जब देश ने “हम कर सकते हैं” का संकल्प धरातल पर उतारा।

बलराज पासी ने उदाहरण देते हुए कहा कि आज भारत के इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की बदौलत तेजस जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान न केवल बने, बल्कि आसमान में देश की ताकत बनकर उड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले हम विदेशी इंजनों पर निर्भर थे, लेकिन अब रेलवे से लेकर रक्षा उद्योग तक स्वदेशी उत्पादन पर देश गर्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का अर्थ यही है—जो चीज हमारे देश में बन सकती है, उसके लिए विदेशों की ओर नहीं देखना। उन्होंने गांधीजी की सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वदेशी का भाव वहीं है जहाँ हमारे मजदूर का पसीना बहा हो, वही वस्तु देश की असली शान है।

कार्यक्रम में उन्होंने डिजिटल युग की चर्चा करते हुए चेताया कि आज अमेरिका जैसी कंपनियाँ हमारे उपयोग किए जाने वाले ऐप्स के माध्यम से अरबों रुपये कमा रही हैं। उन्होंने कहा कि फेसबुक, व्हाट्सएप, माइक्रोसॉफ्ट और ट्विटर जैसी कंपनियाँ भारतीय उपयोगकर्ताओं से भारी लाभ कमा रही हैं, जबकि उनकी रॉयल्टी विदेशों में जा रही है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का उद्देश्य केवल वस्तुओं में नहीं, बल्कि तकनीकी और डिजिटल क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनना है, ताकि हमारे डेटा और हमारे आर्थिक संसाधन विदेशी हाथों में न जाएँ।

भाषण के दौरान बलराज पासी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता के कारण आज भारत विश्व में डिजिटल पेमेंट में अग्रणी देश बन चुका है। उन्होंने कहा कि यूपीआई जैसी प्रणाली ने न केवल लेनदेन को आसान किया है, बल्कि भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर किया है। उन्होंने कहा कि पहले दुनिया डॉलर के इर्द-गिर्द घूमती थी, पर अब समय आ गया है जब भारत की मुद्रा और भारत की तकनीक विश्व मंच पर अपनी पहचान बना रही है।

उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि आत्मनिर्भर भारत केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। जब तक हम स्वदेशी वस्तुओं, स्वदेशी तकनीक और स्वदेशी विचारों को अपनाएंगे नहीं, तब तक आत्मनिर्भरता अधूरी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को विश्व की सबसे बड़ी शक्ति बनाना है और इसके लिए हर व्यक्ति को इस संकल्प का हिस्सा बनना होगा।

कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और नागरिकों की भारी उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने का प्रण लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति पर अपना विश्वास दोहराया। इस अवसर पर तालियों की गूंज और देशभक्ति से भरे नारों ने सम्मेलन को एक उत्साहपूर्ण वातावरण में बदल दिया, जिसने यह साबित कर दिया कि काशीपुर की धरती पर आत्मनिर्भर भारत का संकल्प अब जनता की चेतना बन चुका है।

भाजपा के “आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान – GST भाजपा विधानसभा सम्मेलन” में मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व सांसद बलराज पासी ने कहा कि जब से नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने हैं, भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश जिन आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, उनके समाधान के लिए प्रधानमंत्री मोदी का स्वदेशी अपनाने का आह्वान ही असली मार्गदर्शन है। जब हम स्थानीय उत्पादों और भारतीय श्रम पर आधारित वस्तुओं को प्राथमिकता देंगे, तभी हमारे देश का धन देश में रहेगा और हमारे युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

बलराज पासी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की यात्रा कोई अचानक शुरू नहीं हुई, इसकी नींव अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में रखी गई थी, लेकिन बीच में कांग्रेस शासन आने से यह गति रुक गई। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभालते ही इस मिशन को नयी दिशा और बल दिया। उन्होंने गरीबों, महिलाओं और वंचित तबकों को सशक्त बनाते हुए आत्मनिर्भरता को जनआंदोलन में परिवर्तित किया — चाहे वह उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन देकर महिलाओं को स्वावलंबी बनाना हो, या प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से हर परिवार को अपने घर का स्वप्न साकार करना।

उन्होंने आगे कहा कि अब समय आ गया है जब भारत को 2047 तक विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में खड़ा होना है। इसके लिए हर नागरिक को आत्मनिर्भर भारत के इस अभियान से जुड़ना होगा और स्वदेशी को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना होगा। तभी भारत की प्रगति का पहिया तेज़ी से आगे बढ़ेगा और देश वास्तविक अर्थों में ‘विकसित भारत’ बन सकेगा।

इस अवसर पर कार्यक्रम की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब पूर्व प्रदेश महामंत्री चौधरी खिलेंद्र सिंह, प्रदेश प्रवक्ता गुरविंदर सिंह चंडोक, तथा भाजपा के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने का आह्वान किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना की। कार्यक्रम में जयदीप ढौंडियाल, सोशल मीडिया संयोजक एवं आवास विकास मंडल भाजपा कार्यकारिणी के सदस्य के रूप में भी विशेष रूप से मौजूद रहे, जिन्होंने डिजिटल माध्यमों से आत्मनिर्भर भारत अभियान को जन-जन तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता दोहराई। पूरा आयोजन राष्ट्रभक्ति और जोश से ओत-प्रोत माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें सभी कार्यकर्ताओं ने देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प दोहराया और भारत की प्रगति को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रण लिया।

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