काशीपुर।उत्तराखंड की शांत वादियों में आज तकनीकी कौशल और आधुनिकता की एक ऐसी गूंज सुनाई दी, जिसने आने वाले कल की तस्वीर को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। काशीपुर स्थित उत्तराखण्ड राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थान के परिसर में 25 अप्रैल 2026 की सुबह एक नई ऊर्जा और असीम संभावनाओं के साथ उदित हुई, जब कुमाऊं मंडल के 33 राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों के हजारों नौजवानों के सपनों को पंख लगाने के लिए एक विशाल और भव्य रोजगार मेले का शंखनाद किया गया। राज्य सरकार की दूरदर्शी सोच और युवाओं को स्वावलंबी बनाने के अटूट संकल्प का परिणाम था कि आज का यह आयोजन केवल एक औपचारिक मेला बनकर नहीं रहा, बल्कि यह प्रदेश की युवा शक्ति और औद्योगिक क्रांति के बीच एक सेतु बन गया। चिलचिलाती धूप में भी छात्रों का उत्साह देखते ही बन रहा था, मानो वे अपनी तकदीर का नया पन्ना लिखने के लिए पूरी तरह तैयार हों। चारों ओर बिखरी सकारात्मकता और रोजगार पाने की ललक ने यह साबित कर दिया कि जब सरकार और संस्थान मिलकर प्रयास करते हैं, तो विकास की धारा को धरातल पर उतरने से कोई नहीं रोक सकता।
इस महाकुंभ का विधिवत उद्घाटन करते हुए प्रदेश के यशस्वी कैबिनेट मंत्री डॉ0 धन सिंह रावत जी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। विद्यालयी शिक्षा, संस्कृत शिक्षा, उच्च शिक्षा तकनीकी शिक्षा एवं सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाल रहे डॉ0 धन सिंह रावत जी के ओजस्वी व्यक्तित्व ने वहां मौजूद जनसमूह में एक नया आत्मविश्वास भर दिया। उनके साथ मंच पर क्षेत्रीय विधायक श्री त्रिलोक सिंह चीमा जी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जिनकी उपस्थिति ने स्थानीय युवाओं के मनोबल को दोगुना कर दिया। विशिष्ट अतिथियों की सूची में माननीय राज्य मंत्री सुश्री सीमा चौहान जी और भारतीय जनता पार्टी काशीपुर के जिलाध्यक्ष श्री मनोज पाल जी की गरिमामयी मौजूदगी ने इस बात को पुष्ट किया कि यह आयोजन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्थान के वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया गया, जहां पुष्पगुच्छों और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच भविष्य के इंजीनियरों और फार्मासिस्टों का स्वागत किया गया।
मंच से जब डॉ0 धन सिंह रावत जी का संबोधन शुरू हुआ, तो समूचा पंडाल सन्नाटे में डूब गया और छात्र उनके एक-एक शब्द को आत्मसात करने लगे। उन्होंने अत्यंत प्रभावी ढंग से अपनी बात रखते हुए कहा कि हमारी सरकार का विजन युवाओं को केवल नौकरी की कतार में खड़ा करना नहीं है, बल्कि उन्हें उस कतार का नेतृत्व करने वाला बनाना है। डॉ0 धन सिंह रावत जी ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए उत्तराखंड के युवाओं को ‘रोजगार सृजक’ यानी जॉब क्रिएटर बनना होगा। उन्होंने स्टार्टअप पॉलिसी और इन्क्यूबेशन सेंटरों की स्थापना जैसे क्रांतिकारी कदमों का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे सरकार अब केवल डिग्री बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीकी और वित्तीय सहायता देकर युवाओं के नए विचारों को धरातल पर उतारने का मार्ग प्रशस्त कर रही है। उनका यह कथन कि “हमारे ये युवा ही उत्तराखंड की आर्थिक वृद्धि के असली कर्णधार हैं”, वहां मौजूद प्रत्येक छात्र के लिए किसी मंत्र से कम नहीं था, जिसने उन्हें यह अहसास कराया कि प्रदेश की प्रगति की चाबी उन्हीं के हाथों में है।
रोजगार मेले की तकनीकी बारीकियों और आंकड़ों का ब्यौरा पेश करते हुए तकनीकी शिक्षा निदेशक श्री देश राज जी ने बताया कि आज का दिन उत्तराखंड के शैक्षिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि कुमाऊं मंडल के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 1525 छात्र-छात्राओं ने इस मेले में अपना पंजीकरण कराया है, जो उनकी आकांक्षाओं की विशालता को दर्शाता है। श्री देश राज जी ने इस बात पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि न केवल प्रदेश, बल्कि देशभर की 74 दिग्गज कंपनियों ने इस मेले में शिरकत करने की सहमति दी, जिनमें से 60 प्रमुख औद्योगिक घरानों ने मौके पर पहुंचकर चयन प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के धैर्य की भी मुक्तकंठ से सराहना की, जिन्होंने विषम परिस्थितियों में भी अपने बच्चों को तकनीकी शिक्षा के इस मुकाम तक पहुंचाया। निदेशक महोदय का संबोधन इस विश्वास से भरा था कि आज काशीपुर की इस धरती से शुरू हुआ यह सिलसिला पूरे प्रदेश के कोने-कोने तक फैलेगा और कोई भी मेधावी युवा अवसर के अभाव में पीछे नहीं छूटेगा।
औद्योगिक जगत की दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी ने इस मेले को एक ग्लोबल एक्सपो का स्वरूप दे दिया था। सुजुकी मोटर साइकिल, बजाज मोटर्स, अशोका लीलेण्ड और महेन्द्रा एण्ड महेन्द्रा जैसी ऑटोमोबाइल क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के साथ-साथ अपोलो टायर्स, भारत गियर्स, हेनोन क्लाइमेट सिस्टम और महले आनन्द थर्मल सिस्टम जैसी दिग्गज फर्मों ने अपनी स्टॉल लगाई थीं। स्वास्थ्य क्षेत्र से अपोलो फार्मेसी और बुनियादी ढांचा क्षेत्र से गुजरात अंबुजा व आई0जी0एल0 जैसी कंपनियों ने भी युवाओं की प्रतिभा को परखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। साक्षात्कार कक्षों के बाहर लंबी कतारें लगी थीं, जहां सिविल, मैकेनिकल, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, आईटी, सीएसई, फार्मेसी, सीसीएन, एआईएमएल और इंस्ट्रूमेंट एंड कंट्रोल जैसे विविध पाठ्यक्रमों के छात्र अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। खबर लिखे जाने तक, लिखित परीक्षा और गहन साक्षात्कार के बाद लगभग 800 छात्र-छात्राओं को प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा रोजगार के नियुक्ति पत्र या चयन की पुष्टि प्रदान की जा चुकी थी, जो इस मेले की अभूतपूर्व सफलता का जीवंत प्रमाण है।
सामाजिक समरसता और समावेशी विकास का संदेश देते हुए डॉ0 धन सिंह रावत जी ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र पर अडिग है। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और हमारी बेटियों को समान अवसर देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मेले में महिला अभ्यर्थियों की भारी संख्या और उनके चेहरे पर चमकती सफलता की मुस्कान ने यह साबित किया कि उत्तराखंड की बेटियां अब तकनीकी क्षेत्र में भी परचम लहराने को बेताब हैं। मंत्री जी ने कहा कि रोजगार केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि यह एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में स्वयं के विकास और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने की प्रक्रिया है। जब एक युवा आत्मनिर्भर बनता है, तो वह पूरे परिवार और समाज को गरीबी के चक्र से बाहर निकाल लाता है। यही वह परिवर्तन है जिसे उत्तराखंड सरकार हर गांव और हर घर तक पहुंचाना चाहती है, ताकि पलायन जैसी समस्याओं पर लगाम लग सके और राज्य के संसाधन राज्य के ही काम आएं।
कार्यक्रम के समापन सत्र में आभार प्रदर्शन की औपचारिकता निभाते हुए प्राविधिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक श्री आलोक मिश्रा जी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का हृदय से धन्यवाद किया। उन्होंने इस आयोजन की सफलता का श्रेय डॉ0 धन सिंह रावत जी के कुशल मार्गदर्शन और विभाग के अधिकारियों की टीम भावना को दिया। इस भव्य अवसर पर निदेशक प्राविधिक शिक्षा श्री देश राज, वित्त नियंत्रक श्री प्रशान्त कुमार, उत्तराखण्ड प्राविधिक शिक्षा परिषद के सचिव डॉ0 मुकेश पाण्डेय, संयुक्त निदेशक श्री आलोक मिश्रा, उपनिदेशक श्री एस0के0वर्मा, उपनिदेशक श्री एम0के0कन्याल और काशीपुर संस्थान के प्रधानाचार्य श्री बी0पी0 सिंह सहित विभिन्न संस्थानों के प्रधानाचार्य और शिक्षकगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इन सभी प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षाविदों की उपस्थिति ने यह सुनिश्चित किया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और छात्र-हितैषी बनी रहे। अंततः, यह रोजगार मेला केवल नौकरियों का वितरण केंद्र नहीं, बल्कि उत्तराखंड के उज्जवल भविष्य की नींव का पत्थर साबित हुआ, जिसने हजारों युवाओं को एक नई दिशा और एक नया आसमान प्रदान किया है।





