काशीपुर। गैरसैंण में हाल ही में संपन्न हुए उत्तराखंड विधानसभा मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस पार्टी के अनुचित और असंवैधानिक व्यवहार के विरोध में शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने एमपी चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की जनविरोधी नीतियों और अव्यवस्थित आचरण के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस का पुतला दहन कर उसकी कार्रवाई के प्रति गहरा आक्रोश प्रकट किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्ति और अवसरवादिता है, जबकि जनता की समस्याओं और प्रदेश के विकास में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की उम्मीदों और प्रदेश की प्रगति के प्रति कांग्रेस का रवैया नकारात्मक और हानिकारक है।
विधायक त्रिलोक सिंह चीमा ने मानसून सत्र में कांग्रेस के अव्यवस्थित विरोध और अनुचित व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि विपक्ष का काम सदन में सरकार के कामकाज पर नियंत्रित और व्यवस्थित तरीके से प्रश्न उठाना होता है। उन्होंने बताया कि हर विधायक अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सदन में गया था, लेकिन कांग्रेस के व्यवधान के कारण डेढ़ दिन का समय व्यर्थ चला गया। उन्होंने कहा कि भाजपा अनुशासित और व्यवस्थित पार्टी है, जिसका प्रत्येक सदस्य पार्टी लाइन का पालन करता है, जबकि कांग्रेस में अनुशासन का अभाव है।
त्रिलोक सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस सदन में धक्का-मुक्की, टेबल पलटना और किताबें फेंकने जैसी हरकतों में लिप्त रही, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सदन में व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से काम करती है ताकि जनता के हित में ठोस निर्णय लिए जा सकें और प्रदेश का विकास सुचारू रूप से हो। उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि भविष्य में इस तरह का अनुचित व्यवहार न दोहराएं। त्रिलोक सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा सदन में लोकतंत्र का सम्मान करती है और प्रदेश की प्रगति में कोई बाधा नहीं बनने देगी।
इस मौके पर पीसीयू चेयरमैन राम महरोत्रा ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार प्रदेश के विकास और जनता के हित के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का विरोध केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने और जनता को गुमराह करने तक सीमित हो गया है। राम महरोत्रा ने जोर देकर कहा कि विपक्ष का काम नियंत्रित और व्यवस्थित तरीके से सरकार के कामकाज की समीक्षा करना होता है, लेकिन कांग्रेस ने इसे पूरी तरह से अव्यवस्थित और असंवैधानिक रूप में किया। विधायक त्रिलोक सिंह चीमा ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता हर स्तर पर जनता की सेवा और प्रदेश के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और ऐसे अनुचित व्यवहार का विरोध करेंगे।
भाजपा के पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष अभिषेक गोयल ने विधानसभा सत्र में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा किए गए अनुचित और असंवैधानिक कार्यों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सदन में मीडिया द्वारा प्रसारित वीडियो स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि विपक्षी सदस्य माननीय विधानसभा अध्यक्ष के बार-बार निर्देशों के बावजूद संपत्ति का दुरुपयोग कर रहे थे और कागजातों को फाड़कर फेंक रहे थे। अभिषेक गोयल ने कहा कि इस तरह का व्यवहार न केवल असम्मानजनक था, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए भी हानिकारक था। उन्होंने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने काशीपुर में कांग्रेस का पुतला दहन कर अपना असंतोष व्यक्त किया।
जिला उपाध्यक्ष लवीश अरोड़ा ने विधानसभा सत्र में कांग्रेस के अनुचित और अव्यवस्थित व्यवहार को गंभीरता से खारिज करते हुए कहा कि मानसून सत्र केवल चार दिन का निर्धारित था, लेकिन विपक्ष के हंगामे और अव्यवस्थित आचरण के कारण इसे जल्दी समाप्त करना पड़ा। उन्होंने बताया कि विपक्ष का कार्य नियंत्रित विरोध करना होना चाहिए, लेकिन कांग्रेस ने सदन में धक्का-मुक्की की, सूचना डेस्क पलट दी, माइक छोड़ दिए और आवश्यक दस्तावेज फाड़कर फेंक दिए। लवी अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि भाजपा कार्यकर्ता और सदस्य लोकतंत्र और संवैधानिक प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्ध हैं और सदन में किसी भी तरह के अनुचित व्यवधान को सहन नहीं करेंगे।
उन्होंने बताया कि धामी सरकार ने इस दौरान भी प्रदेश के विकास और जनहित के कार्य जारी रखे। बिल और प्रस्तावों में मदरसा बोर्ड से जुड़े नियम पारित किए गए, जो प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण और आवश्यक थे। लवीश अरोड़ा ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य हमेशा प्रदेश के विकास और जनता की भलाई है, जबकि कांग्रेस का एकमात्र उद्देश्य केवल विरोध करना और विकास में बाधा डालना रह गया है। उन्होंने मीडिया द्वारा प्रसारित घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा जूटे तोड़े गए, माइक और टेबल पलट दी गई और यह सब लाइव मीडिया में दिखाई गया, जो पूरी तरह अनुचित और अवांछनीय था।



