रामनगर। एम० पी० हिन्दू इंटर कॉलेज के लिए यह समय गर्व और उत्साह से भरा हुआ है, जब विद्यालय की तीन होनहार बालिकाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अंतर्गत आयोजित होने वाली 69वीं राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता के लिए इन छात्राओं का चयन हुआ है। यह उपलब्धि न केवल इन बालिकाओं की कड़ी मेहनत और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाती है, बल्कि विद्यालय में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने वाले वातावरण का भी प्रमाण है। इस सफलता से पूरे विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल है और छात्र-छात्राओं में खेल के प्रति नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
विद्यालय के मीडिया प्रभारी हेम चन्द्र पाण्डे ने इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इन तीनों बालिकाओं ने राज्य स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया था। हल्द्वानी में हुए राज्य स्तरीय मुकाबलों में इन खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक, टीम भावना और अनुशासन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। कठिन प्रतिस्पर्धा और कई जिलों से आई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच अपनी जगह बनाना आसान नहीं था, लेकिन इन छात्राओं ने मैदान पर आत्मविश्वास और निरंतरता के साथ खेलते हुए यह मुकाम हासिल किया। मीडिया प्रभारी के अनुसार, यह चयन विद्यालय के लिए ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि इससे पहले भी विद्यालय के खिलाड़ी विभिन्न स्तरों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहे हैं।
चयनित खिलाड़ियों में कविता बिष्ट ने अंडर-14 बालिका वर्ग में अपनी जगह सुनिश्चित की है, जबकि वर्षिता बिष्ट और मीनाक्षी चौहान का चयन अंडर-17 बालिका वर्ग के लिए हुआ है। इन तीनों खिलाड़ियों ने राज्य स्तर की प्रतियोगिता में अपने-अपने वर्ग में उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया। तेज गति, सटीक पासिंग और रणनीतिक खेल के जरिए उन्होंने यह साबित किया कि वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी दमखम दिखाने में सक्षम हैं। विद्यालय के खेल अध्यापक और प्रशिक्षकों का कहना है कि इन बालिकाओं में सीखने की ललक और अनुशासन की भावना शुरू से ही दिखाई देती रही है, जिसका परिणाम आज सभी के सामने है।
राष्ट्रीय स्तर की यह प्रतिष्ठित फुटबॉल प्रतियोगिता 18 से 22 दिसंबर 2025 तक रांची (झारखंड) में आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता में देशभर से चुनी गई सर्वश्रेष्ठ टीमें और खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जहां कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। चयनित बालिकाओं के लिए यह मंच न केवल अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर होगा, बल्कि उन्हें देश के विभिन्न राज्यों की खिलाड़ियों से सीखने का भी मौका मिलेगा। विद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और भविष्य में वे उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होते हैं।
इस उल्लेखनीय सफलता पर विद्यालय परिवार ने हर्ष व्यक्त किया है। खेल अध्यापक प्रकाश रावत ने कहा कि इन छात्राओं ने निरंतर अभ्यास और अनुशासन के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है और उन्हें पूरा विश्वास है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर भी विद्यालय और राज्य का नाम रोशन करेंगी। विद्यालय के प्रबंधक विनय जिन्दल ने इसे पूरे संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने चयनित खिलाड़ियों को आगे के मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दीं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव शर्मा ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय हमेशा से छात्रों को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता रहा है और भविष्य में भी इस दिशा में संसाधनों और सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। प्रधानाचार्य ने चयनित बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
शिक्षक साथियों में मेवालाल, चेतन स्वरूप, प्रभाकर पाण्डे, चंद्रशेखर मिश्रा, गौरव शर्मा और चारु तिवारी सहित अन्य शिक्षकों ने भी चयनित खिलाड़ियों को बधाई दी। सभी ने एक स्वर में कहा कि इन बालिकाओं की मेहनत और लगन रंग लाई है। शिक्षकों का मानना है कि खेल के मैदान में मिली यह सफलता विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम वर्क और नेतृत्व जैसे गुणों को और मजबूत करती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में विद्यालय से और भी खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।
राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन पर कविता बिष्ट ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उसके लिए सपने के सच होने जैसी है। उसने बताया कि जब पहली बार उसने फुटबॉल खेलना शुरू किया था, तब कभी नहीं सोचा था कि एक दिन राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलने का अवसर मिलेगा। कविता के अनुसार, इस मुकाम तक पहुंचने में उसके माता-पिता, शिक्षकों और खेल अध्यापक का बड़ा योगदान रहा है, जिन्होंने हर कदम पर उसका हौसला बढ़ाया। उसने कहा कि राज्य स्तर की प्रतियोगिता में मुकाबले बेहद कठिन थे, लेकिन टीम भावना और नियमित अभ्यास ने उसे आत्मविश्वास दिया। कविता ने यह भी कहा कि वह रांची में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पूरे मनोयोग से खेलेगी और अपने विद्यालय, जिले व राज्य का नाम रोशन करने का पूरा प्रयास करेगी। उसने अन्य छात्राओं से भी खेलों में आगे आने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत करने की अपील की।
वर्षिता बिष्ट ने राष्ट्रीय स्तर पर चयन को अपने जीवन का यादगार क्षण बताते हुए कहा कि यह सफलता लंबे समय से किए गए अभ्यास और अनुशासन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि फुटबॉल उनके लिए केवल एक खेल नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन चुका है। वर्षिता के अनुसार, हल्द्वानी में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के दौरान कड़ा संघर्ष देखने को मिला, लेकिन कठिन परिस्थितियों में भी टीम ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने कोच, विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों का आभार जताते हुए कहा कि इनके मार्गदर्शन के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी। वर्षिता ने कहा कि रांची में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता उनके लिए सीखने और खुद को परखने का बड़ा अवसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि वह पूरी मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ मैदान में उतरेंगी और अपने विद्यालय व राज्य का गौरव बढ़ाने का प्रयास करेंगी।
इस उपलब्धि ने न केवल एम० पी० हिन्दू इंटर कॉलेज रामनगर को गौरवान्वित किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए भी यह गर्व का विषय है। चयनित बालिकाएं अब राष्ट्रीय मंच पर अपने प्रदर्शन से राज्य और विद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगी। विद्यालय परिवार और अभिभावकों को भरोसा है कि यह सफर यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि इन खिलाड़ियों के लिए आगे और भी बड़ी उपलब्धियों के द्वार खोलेगा। खेल के प्रति यह समर्पण आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा और रामनगर का नाम खेल जगत में और ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।



