काशीपुर। प्रकाश सिटी निवासी पटवारी दौलत सिंह की संदिग्ध मृत्यु के बाद अब मामला एक नए मोड़ पर आ गया है, जहां मृतक की पत्नी ललिता ने अपने देवर पाकेश कुमार पर गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। आईटीआई थाना पुलिस को सौंपी गई तहरीर में ललिता ने दावा किया है कि 27 अगस्त 2025 को उनके पति की रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत के बाद से ही उन्हें न्याय के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। पुलिस ने उनके आवेदन को गंभीरता से लेते हुए बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि मामला केवल संपत्ति या पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं, बल्कि उत्पीड़न, धमकी और कथित धोखाधड़ी जैसे आरोपों से भी जुड़ गया है। जांच की जिम्मेदारी एसआई शंकर सिंह बिष्ट को सौंपी गई है, जो हर पहलू की पड़ताल में जुटे हैं।
तहरीर में सामने आया कि मृत्यु के समय दौलत सिंह के पास मौजूद कीमती वस्तुओं और सरकारी सामग्री को लेकर भी विवाद गहराता जा रहा है। ललिता का कहना है कि उनके पति ने सोने की गले की चेन और सोना-डायमंड की अंगूठी पहनी हुई थी, जिन्हें पुलिस ने बाद में उनके देवर पाकेश कुमार को सौंप दिया था। आरोप है कि बार-बार मांग करने के बावजूद यह आभूषण उन्हें वापस नहीं किए गए। इसके अलावा, पति की वेगनार कार संख्या यूके18एन1353, उसमें रखा सरकारी लैपटॉप, बहुद्देशीय वित्त निगम की रसीद बुक और करीब सात हजार रुपये भी कथित तौर पर उसी के पास चले गए। ललिता का दावा है कि इन सभी वस्तुओं का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
परिवारिक रिश्तों में आई दरार यहीं नहीं थमी। मृतक के अंतिम संस्कार के तुरंत बाद ललिता और उनकी तीन वर्षीय पुत्री को कथित रूप से ससुराल से बाहर कर दिया गया। उनका कहना है कि ग्राम तालबपुर स्थित मकान में उनका दहेज का पूरा सामान आज भी रखा है, लेकिन उन्हें वहां रहने तक नहीं दिया गया। मजबूरी में मां-बेटी किराए के मकान में जीवन यापन कर रही हैं। ललिता ने यह भी आरोप लगाया कि देवर और उसके परिवार द्वारा लगातार उनकी निगरानी की जाती है। विकास खंड जसपुर में ड्यूटी के दौरान रास्ते में उनका पीछा किया जाता है, गाली-गलौच की जाती है और जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं। इस कथित उत्पीड़न ने उनके लिए सामान्य जीवन को असुरक्षित बना दिया है।

गंभीर आरोपों की कड़ी में संपत्ति से जुड़ा एक और पहलू सामने आया है। ललिता का कहना है कि पति की मृत्यु के महज छह दिन बाद उनके ससुर हरस्वरूप सिंह से कथित धोखाधड़ी कर कृषि भूमि अपने नाम दानपत्र के जरिए करवा ली गई। उनका तर्क है कि इस संपत्ति पर कानूनी अधिकार उनका और उनकी नाबालिग पुत्री का भी बनता है, जिसे नजरअंदाज किया गया। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पाकेश कुमार ने उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें बाद में न्यायालय से उन्हें राहत मिली। ललिता ने पुलिस से मांग की है कि इस पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई हो और उन्हें व उनकी बेटी को सुरक्षा प्रदान की जाए।
ललिता ने ‘‘हिन्दी दैनीक सहर प्रजातंत्र’’ को बताया कि पति की मौत के बाद से उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है और हर दिन डर के साए में गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि जिस घर को उन्होंने अपने सपनों से सजाया था, उसी घर से उन्हें और उनकी मासूम बेटी को बेदखल कर दिया गया। ललिता के अनुसार, आभूषणों और जरूरी दस्तावेजों को वापस मांगने पर उन्हें टालमटोल और धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी सेवा में रहते हुए भी उन्हें सुरक्षा का एहसास नहीं हो रहा, क्योंकि रास्ते में पीछा किया जाता है और अपमानजनक बातें कही जाती हैं। ललिता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह केवल अपने पति की यादों और बेटी के भविष्य की रक्षा चाहती हैं, किसी से दुश्मनी नहीं। उनका आग्रह है कि कानून उन्हें इंसाफ दिलाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो, ताकि उन्हें सम्मान के साथ जीने का अधिकार मिल सके।
इस प्रकरण की पृष्ठभूमि में यह भी उल्लेखनीय है कि 27 अगस्त 2025 को दौलत सिंह की प्रकाश सिटी, काशीपुर स्थित आवास में संदिग्ध हालात में मृत्यु हुई थी। उस समय मृतक के परिजनों ने उनकी पत्नी ललिता और सास राजबाला पर हत्या का आरोप लगाया था। आईटीआई थाना पुलिस ने करीब 24 दिन बाद बीएनएस की धारा 108 के तहत दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अब, समय के साथ आरोप-प्रत्यारोप की दिशा बदलती नजर आ रही है। पुलिस का कहना है कि वर्तमान शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 316(2), 351(2), 352 और 79 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है और हर तथ्य की बारीकी से जांच की जा रही है। इस संवेदनशील मामले पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि जांच के नतीजे कई सवालों के जवाब दे सकते हैं।



