spot_img
दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, वह खुद बनिए. - महात्मा गांधी
Homeउत्तराखंडउधम सिंह नगरइंदौर भोपाल से भी बेहतर स्वच्छता की ओर बढ़ेगा शहर महापौर दीपक...

इंदौर भोपाल से भी बेहतर स्वच्छता की ओर बढ़ेगा शहर महापौर दीपक बाली का बड़ा ऐलान

यूजर चार्ज समय पर जमा कराने से हर गली तक पहुंचेगी आधुनिक सफाई व्यवस्था, महिला स्वयं सहायता समूहों को सुरक्षा, प्रोत्साहन और अतिरिक्त आय के अवसर देने की तैयारी तेज हुई।

काशीपुर। नगर निगम सभागार में आयोजित एक अहम समीक्षा बैठक के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था और यूजर चार्ज कलेक्शन को लेकर व्यापक मंथन किया गया, जिसमें महापौर दीपक बाली और मुख्य नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आने वाले दो महीनों में काशीपुर को स्वच्छता और सुंदरता के ऐसे नए मानक पर पहुंचाया जाएगा, जिसकी मिसाल इंदौर और भोपाल जैसे स्वच्छ शहरों में भी नहीं मिलेगी। बैठक में यह संदेश साफ तौर पर दिया गया कि शहर को साफ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जनता की भागीदारी सबसे जरूरी है और इसके लिए यूजर चार्ज का समय पर भुगतान बेहद अहम भूमिका निभाएगा। महापौर ने कहा कि नगर निगम केवल योजनाएं नहीं बना रहा, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है, ताकि हर गली, हर वार्ड और हर मोहल्ला स्वच्छता की नई पहचान बन सके।

बैठक के दौरान कार्यालय अधीक्षक विकास शर्मा ने यूजर चार्ज वसूली को प्रभावी बनाने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव सामने रखे। उन्होंने कहा कि यूजर चार्ज एकत्र करने वाले कर्मचारियों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए जाने चाहिए और उनसे नियमित रूप से साप्ताहिक रिपोर्ट ली जानी चाहिए। जिन वार्डों में वसूली कम है, वहां अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वयं भ्रमण कर जनता से संवाद करना चाहिए, ताकि लोगों को यूजर चार्ज के महत्व के बारे में समझाया जा सके। वहीं, जिन क्षेत्रों में वसूली बेहतर हो रही है, वहां यूजर चार्ज कलेक्शन करने वाले कर्मचारियों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार दिए जाने की बात भी कही गई। साथ ही यह सुझाव भी रखा गया कि जो लोग लगातार यूजर चार्ज देने से बच रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो और सफाई निरीक्षक समय-समय पर ऐसे लोगों से संपर्क बनाए रखें।

महापौर दीपक बाली ने इन सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और स्पष्ट किया कि नगर निगम का उद्देश्य किसी से टकराव नहीं, बल्कि सहयोग और समझ के जरिए शहर को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि यूजर चार्ज न देने वालों से झगड़ा करने की आवश्यकता नहीं है, केवल उनकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। महापौर ने स्वयं सहायता समूह की महिला कर्मचारियों से भी संवाद किया और उन्हें जनता के साथ हमेशा विनम्र और सकारात्मक व्यवहार बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यूजर चार्ज वसूली में लगी महिलाओं की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी वे स्वयं लेते हैं और इस दिशा में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इन महिला कर्मचारियों के कमीशन में बढ़ोतरी पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा, ताकि उनका मनोबल और आर्थिक स्थिति दोनों मजबूत हो सकें।

बैठक में यह घोषणा भी की गई कि जिन वार्डों में 100 प्रतिशत यूजर चार्ज वसूली सुनिश्चित की जाएगी, वहां कार्यरत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बिना किराए के दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य केवल सफाई व्यवस्था को मजबूत करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं की आय बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। महापौर दीपक बाली ने आगे कहा कि जिन वार्डों में एक भी कूड़ा पॉइंट नहीं बचेगा और पूरी तरह स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी, उन वार्डों में एक करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त विकास कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता को अब केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विकास से जोड़कर देखा जा रहा है, ताकि शहर के हर हिस्से में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का माहौल बने।

शहर की सफाई व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत करने की दिशा में भी बैठक में अहम निर्णय सामने आए। महापौर ने बताया कि काशीपुर के लिए एक नए प्रकार की सफाई गाड़ी का चयन किया गया है, जो तीन फुट तक की संकरी गलियों में भी आसानी से पहुंच सकेगी। इससे उन क्षेत्रों में भी नियमित सफाई संभव हो सकेगी, जहां अब तक बड़े वाहनों के न पहुंच पाने के कारण समस्याएं बनी रहती थीं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शहर के लिए तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान से यह स्पष्ट होगा कि बेहतर सफाई व्यवस्था के लिए किन-किन संसाधनों की कितनी आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग करने को लेकर एक स्पष्ट और सरल स्क्रिप्ट तैयार की जाए, ताकि जनता को भी यह जानकारी आसानी से समझाई जा सके।

यूजर चार्ज के आंकड़ों की विस्तार से समीक्षा करते हुए यह भी देखा गया कि किस माह में कितना कलेक्शन हुआ और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। अधिकारियों ने बताया कि यदि जनता सहयोग करे, तो सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है। महापौर और नगर आयुक्त दोनों ने नगरवासियों से अपील की कि वे शहर को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाने के लिए यूजर चार्ज समय पर जमा करें, ताकि नगर निगम विकास के क्षेत्र में और तेजी से कदम बढ़ा सके। उन्होंने कहा कि यह शुल्क केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि शहर के भविष्य में किया गया निवेश है, जिसका लाभ सीधे नागरिकों को मिलेगा।

इस समीक्षा बैठक में सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल शाह, सफाई निरीक्षक मनोज बिष्ट, जितेंद्र देवांतक, मोहम्मद फरीद, तनवीर, प्रधानमंत्री विकास योजना से जुड़े कर्मचारी भाव्य पांडे, लेखाकार शिवेंद्र खानायत, स्वयं सहायता समूह की महिला कर्मचारी, नगर निगम के अन्य कर्मचारी और पार्षद पुष्कर बिष्ट, राशिद फारुकी, सलीम, बीना नेगी, सीमा सागर, संदीप, मोनू, तबस्सुम, गुंजन प्रजापति, कुलदीप शर्मा, अनूप प्रताप, मोनिष, रवि प्रजापति, शरीफ अहमद, दीपा पाठक, अरशद सहित अनेक जनप्रतिनिधि और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।

बैठक के समापन पर मुख्य नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट ने उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महापौर दीपक बाली जिस दृष्टि और संकल्प के साथ शहर को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं, वह लक्ष्य अवश्य हासिल किया जाएगा। नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि नगर निगम की पूरी टीम पूरे मनोयोग और समर्पण के साथ काम कर रही है और आने वाले समय में काशीपुर की पहचान एक स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित शहर के रूप में स्थापित होगी। वहीं महापौर ने भी नगर आयुक्त सहित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि टीमवर्क और जनता के सहयोग से काशीपुर को स्वच्छता और विकास के क्षेत्र में नई मिसाल बनाया जाएगा।

संबंधित ख़बरें
शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

लेटेस्ट

ख़ास ख़बरें

error: Content is protected !!