काशीपुर। नगर निगम सभागार में आयोजित एक अहम समीक्षा बैठक के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था और यूजर चार्ज कलेक्शन को लेकर व्यापक मंथन किया गया, जिसमें महापौर दीपक बाली और मुख्य नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आने वाले दो महीनों में काशीपुर को स्वच्छता और सुंदरता के ऐसे नए मानक पर पहुंचाया जाएगा, जिसकी मिसाल इंदौर और भोपाल जैसे स्वच्छ शहरों में भी नहीं मिलेगी। बैठक में यह संदेश साफ तौर पर दिया गया कि शहर को साफ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जनता की भागीदारी सबसे जरूरी है और इसके लिए यूजर चार्ज का समय पर भुगतान बेहद अहम भूमिका निभाएगा। महापौर ने कहा कि नगर निगम केवल योजनाएं नहीं बना रहा, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है, ताकि हर गली, हर वार्ड और हर मोहल्ला स्वच्छता की नई पहचान बन सके।
बैठक के दौरान कार्यालय अधीक्षक विकास शर्मा ने यूजर चार्ज वसूली को प्रभावी बनाने के लिए कई व्यावहारिक सुझाव सामने रखे। उन्होंने कहा कि यूजर चार्ज एकत्र करने वाले कर्मचारियों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए जाने चाहिए और उनसे नियमित रूप से साप्ताहिक रिपोर्ट ली जानी चाहिए। जिन वार्डों में वसूली कम है, वहां अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वयं भ्रमण कर जनता से संवाद करना चाहिए, ताकि लोगों को यूजर चार्ज के महत्व के बारे में समझाया जा सके। वहीं, जिन क्षेत्रों में वसूली बेहतर हो रही है, वहां यूजर चार्ज कलेक्शन करने वाले कर्मचारियों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार दिए जाने की बात भी कही गई। साथ ही यह सुझाव भी रखा गया कि जो लोग लगातार यूजर चार्ज देने से बच रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो और सफाई निरीक्षक समय-समय पर ऐसे लोगों से संपर्क बनाए रखें।
महापौर दीपक बाली ने इन सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और स्पष्ट किया कि नगर निगम का उद्देश्य किसी से टकराव नहीं, बल्कि सहयोग और समझ के जरिए शहर को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि यूजर चार्ज न देने वालों से झगड़ा करने की आवश्यकता नहीं है, केवल उनकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाए, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके। महापौर ने स्वयं सहायता समूह की महिला कर्मचारियों से भी संवाद किया और उन्हें जनता के साथ हमेशा विनम्र और सकारात्मक व्यवहार बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यूजर चार्ज वसूली में लगी महिलाओं की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी वे स्वयं लेते हैं और इस दिशा में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इन महिला कर्मचारियों के कमीशन में बढ़ोतरी पर भी गंभीरता से विचार किया जाएगा, ताकि उनका मनोबल और आर्थिक स्थिति दोनों मजबूत हो सकें।

बैठक में यह घोषणा भी की गई कि जिन वार्डों में 100 प्रतिशत यूजर चार्ज वसूली सुनिश्चित की जाएगी, वहां कार्यरत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बिना किराए के दुकानें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य केवल सफाई व्यवस्था को मजबूत करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं की आय बढ़ाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी है। महापौर दीपक बाली ने आगे कहा कि जिन वार्डों में एक भी कूड़ा पॉइंट नहीं बचेगा और पूरी तरह स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी, उन वार्डों में एक करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त विकास कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता को अब केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि विकास से जोड़कर देखा जा रहा है, ताकि शहर के हर हिस्से में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का माहौल बने।
शहर की सफाई व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत करने की दिशा में भी बैठक में अहम निर्णय सामने आए। महापौर ने बताया कि काशीपुर के लिए एक नए प्रकार की सफाई गाड़ी का चयन किया गया है, जो तीन फुट तक की संकरी गलियों में भी आसानी से पहुंच सकेगी। इससे उन क्षेत्रों में भी नियमित सफाई संभव हो सकेगी, जहां अब तक बड़े वाहनों के न पहुंच पाने के कारण समस्याएं बनी रहती थीं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शहर के लिए तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान से यह स्पष्ट होगा कि बेहतर सफाई व्यवस्था के लिए किन-किन संसाधनों की कितनी आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग करने को लेकर एक स्पष्ट और सरल स्क्रिप्ट तैयार की जाए, ताकि जनता को भी यह जानकारी आसानी से समझाई जा सके।
यूजर चार्ज के आंकड़ों की विस्तार से समीक्षा करते हुए यह भी देखा गया कि किस माह में कितना कलेक्शन हुआ और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। अधिकारियों ने बताया कि यदि जनता सहयोग करे, तो सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है। महापौर और नगर आयुक्त दोनों ने नगरवासियों से अपील की कि वे शहर को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाने के लिए यूजर चार्ज समय पर जमा करें, ताकि नगर निगम विकास के क्षेत्र में और तेजी से कदम बढ़ा सके। उन्होंने कहा कि यह शुल्क केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि शहर के भविष्य में किया गया निवेश है, जिसका लाभ सीधे नागरिकों को मिलेगा।

इस समीक्षा बैठक में सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल शाह, सफाई निरीक्षक मनोज बिष्ट, जितेंद्र देवांतक, मोहम्मद फरीद, तनवीर, प्रधानमंत्री विकास योजना से जुड़े कर्मचारी भाव्य पांडे, लेखाकार शिवेंद्र खानायत, स्वयं सहायता समूह की महिला कर्मचारी, नगर निगम के अन्य कर्मचारी और पार्षद पुष्कर बिष्ट, राशिद फारुकी, सलीम, बीना नेगी, सीमा सागर, संदीप, मोनू, तबस्सुम, गुंजन प्रजापति, कुलदीप शर्मा, अनूप प्रताप, मोनिष, रवि प्रजापति, शरीफ अहमद, दीपा पाठक, अरशद सहित अनेक जनप्रतिनिधि और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक के समापन पर मुख्य नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट ने उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि महापौर दीपक बाली जिस दृष्टि और संकल्प के साथ शहर को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं, वह लक्ष्य अवश्य हासिल किया जाएगा। नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि नगर निगम की पूरी टीम पूरे मनोयोग और समर्पण के साथ काम कर रही है और आने वाले समय में काशीपुर की पहचान एक स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित शहर के रूप में स्थापित होगी। वहीं महापौर ने भी नगर आयुक्त सहित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि टीमवर्क और जनता के सहयोग से काशीपुर को स्वच्छता और विकास के क्षेत्र में नई मिसाल बनाया जाएगा।



