रामनगर। उत्तराखंड के शिक्षा जगत में एक बार फिर गर्व का अवसर आया है, जब राज्य के 14 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन इंस्पायर अवार्ड के लिए राष्ट्रीय स्तर पर किया गया, जिसमें रामनगर स्थित एम0 पी0 हिन्दू इंटर कॉलेज के कक्षा 11 के मेधावी छात्र दक्ष तिवारी का नाम भी शामिल है। इस खबर ने न केवल विद्यालय परिसर को उत्साह से भर दिया, बल्कि पूरे नगर में गर्व और उमंग का माहौल बना दिया। दक्ष की यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि विद्यालय की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शिक्षकों के समर्पण का प्रमाण भी है। इंस्पायर अवार्ड-मानक, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) की प्रमुख योजना के अंतर्गत विज्ञान एवं तकनीक में नवाचार की दिशा में प्रेरित करने का लक्ष्य रखा गया है, और दक्ष ने अपनी रचनात्मक सोच व तकनीकी कौशल से यह सिद्ध कर दिया है कि युवा पीढ़ी में अद्भुत संभावनाएं छिपी हुई हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों की रचनात्मकता को बढ़ावा देने वाली इस योजना में चयनित होना आसान नहीं होता, लेकिन दक्ष तिवारी ने अपनी लगन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इस उपलब्धि को हासिल कर एक मिसाल कायम की है। विद्यालय के मीडिया प्रभारी हेम चन्द्र पाण्डे के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य छात्रों को अपने आसपास की वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने के लिए प्रेरित करना है, ताकि वे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकें। दक्ष ने जिस मॉडल का निर्माण किया है, वह ‘एलपीजी रिफिल रिमाइंडर स्टैंड’ है, जो घरेलू गैस की मात्रा मात्र 10ः रह जाने पर स्वचालित रूप से मोबाइल के माध्यम से उपभोक्ता को सूचना देता है और साथ ही गैस की ऑटोमेटिक बुकिंग भी कर देता है। यह आविष्कार न केवल घरेलू जीवन को सरल बनाएगा, बल्कि समय और ऊर्जा दोनों की बचत करेगा, जिससे लोगों की दैनिक दिनचर्या और भी सहज हो जाएगी।
विज्ञान की इस अनूठी पहल के पीछे विद्यालय की विज्ञान अध्यापिका नीलम सुन्द्रियाल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने दक्ष को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया और मॉडल निर्माण के हर चरण में सहयोग दिया। उनके दिशा-निर्देशन में तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि जब विद्यार्थी को सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलता है, तो वह अपनी क्षमता का पूर्ण उपयोग कर सकता है। दक्ष ने अपने इस प्रोजेक्ट में आधुनिक तकनीक का ऐसा मेल किया है, जो आम लोगों की आवश्यकता को सीधा संबोधित करता है, और यही वजह है कि यह मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ने में सक्षम है। विज्ञान के प्रति दक्ष का जुनून और नीलम सुन्द्रियाल का मार्गदर्शन, दोनों ने मिलकर इस सफलता को संभव बनाया है।

प्रबंधक विनय जिंदल ने इस अवसर पर कहा कि एम0 पी0 हिन्दू इंटर कॉलेज, रामनगर के मेघावी छात्र दक्ष तिवारी की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर इंस्पायर अवार्ड हेतु चयन होना किसी भी विद्यार्थी के लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का क्षण होता है। यह चयन दक्ष तिवारी की मेहनत, लगन और वैज्ञानिक सोच का परिणाम है, जिसमें विज्ञान अध्यापिका नीलम सुन्द्रियाल का मार्गदर्शन भी अहम रहा। विनय जिंदल ने कहा कि एलपीजी रिफिल रिमाइंडर स्टैंड जैसा उपयोगी और अभिनव मॉडल तैयार कर दक्ष ने यह साबित कर दिया है कि युवा सोच समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान निकाल सकती है। उन्होंने आशा जताई कि राष्ट्रीय स्तर पर भी दक्ष तिवारी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उत्तराखंड और रामनगर का गौरव बढ़ाएंगे। साथ ही उन्होंने सभी विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे भी ऐसे नवाचारों के लिए निरंतर प्रयासरत रहें और विज्ञान को जीवन से जोड़ें।
प्रधानाचार्य संजीव कुमार शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि एम0 पी0 हिन्दू इंटर कॉलेज, रामनगर के छात्र दक्ष तिवारी का राष्ट्रीय स्तर पर इंस्पायर अवार्ड हेतु चयन होना विद्यालय के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सफलता दक्ष तिवारी की कठिन परिश्रम, दृढ़ संकल्प और विज्ञान के प्रति गहरी रुचि का परिणाम है। प्रधानाचार्य ने विज्ञान अध्यापिका नीलम सुन्द्रियाल के मार्गदर्शन की भी प्रशंसा की, जिन्होंने दक्ष को हर चरण पर सहयोग और प्रोत्साहन दिया। उन्होंने कहा कि दक्ष द्वारा तैयार किया गया एलपीजी रिफिल रिमाइंडर स्टैंड एक ऐसा आविष्कार है जो आम जनजीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है। संजीव कुमार शर्मा ने विश्वास जताया कि दक्ष राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर विद्यालय, शहर और पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन करेगा तथा अन्य विद्यार्थियों को भी नवाचार और सृजनात्मकता की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।
दक्ष की इस बड़ी उपलब्धि पर विद्यालय के विज्ञान वर्ग के शिक्षक राजीव शर्मा, शिवेन्द्र चंद, श्याम सुंदर मेहरा, गौरव शर्मा, चारु तिवारी, प्रेमा नेगी, अंकना शाह और हरीश बिष्ट ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। शिक्षकों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की दक्ष में पूरी क्षमता है और यह सफलता भविष्य में उनके लिए अनेक नए अवसरों के द्वार खोलेगी। विद्यालय समुदाय को विश्वास है कि दक्ष न केवल उत्तराखंड बल्कि देश का नाम रोशन करेंगे। यह सम्मान और उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी, जिससे वे भी विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने के लिए प्रयासरत रहेंगे।
रामनगर से लेकर पूरे प्रदेश में इस उपलब्धि की चर्चा हो रही है, और यह सभी के लिए गर्व का विषय है कि एक छोटे शहर का विद्यार्थी अपनी मेहनत, लगन और नवाचार के बल पर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा है। दक्ष तिवारी की कहानी यह साबित करती है कि संसाधनों की कमी भी यदि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन हो तो बाधा नहीं बन सकती। उनके इस अभिनव प्रोजेक्ट ने न केवल प्रतियोगिता में स्थान बनाया है, बल्कि यह भविष्य में घर-घर में उपयोग होने वाला एक व्यावहारिक उपकरण भी साबित हो सकता है। विज्ञान और तकनीक की इस दिशा में बढ़ाया गया कदम देश के विकास में भी अहम योगदान दे सकता है, और इस बात की पूरी संभावना है कि आने वाले समय में दक्ष तिवारी जैसे युवा आविष्कारक भारत को विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएंगे।



