रामनगर। कानिया में लंबे समय से प्रतीक्षित मिनी स्टेडियम की परियोजना ने एक बार फिर सुर्खियाँ बटोर ली हैं। यह मामला अब सीधे राज्य की खेल मंत्री रेखा आर्य के समक्ष पहुंच गया है। भाजपा नेता इंदर रावत ने राजधानी देहरादून में मंत्री से मुलाकात कर इस मुद्दे पर गहन चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह मिनी स्टेडियम 2003 में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय एन डी तिवारी द्वारा रामनगर में बनाने की घोषणा की गई थी। यह स्टेडियम 2.09 हेक्टेयर क्षेत्र में बनना था, लेकिन आज तक यह केवल कागजों तक ही सीमित रह गया। इंदर रावत ने कहा कि हाल ही में इस स्टेडियम की जानकारी कुमाऊँ क्रांति समाचार में प्रकाशित हुई थी, जिससे स्थानीय खेल समुदाय में उम्मीद और उत्साह जगी। वर्तमान में यह स्टेडियम युवा कल्याण विभाग के अधीन है, लेकिन उनके पास निर्माण के लिए बजट नहीं है, जिससे यह कार्य अधर में लटका हुआ है। उन्होंने खेल मंत्रालय के हस्तांतरण का सुझाव देते हुए वैकल्पिक रूप से ओपन जिम बनाने का प्रस्ताव भी रखा।
इंदर रावत ने मंत्री रेखा आर्य को बताया कि युवा कल्याण विभाग केवल देखभाल तक सीमित है और निर्माण कार्य की प्रक्रिया में आने वाली सभी बाधाओं के लिए उनके पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इस स्टेडियम का जिम्मा खेल मंत्रालय को सौंपा जाता है, तो निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सकती है और स्थानीय युवा खेल प्रतिभाओं को आधुनिक सुविधाएँ मिल सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ओपन जिम का प्रस्ताव युवा खिलाड़ियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा, जिससे उन्हें प्रशिक्षित होने और खेल के प्रति रुचि बढ़ाने के अवसर मिलेंगे।
भाजपा नेता इंदर रावत ने अपने बयान में कहा कि रामनगर के युवा खेल प्रेमियों के लिए यह मिनी स्टेडियम वर्षों से प्रतीक्षा का विषय रहा है। 2003 में पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय एन डी तिवारी ने इसे घोषित किया था, लेकिन अब तक यह केवल फाइलों में ही अटका रहा। स्थानीय खिलाड़ियों के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे, जिससे उनकी प्रतिभा और उत्साह पर असर पड़ा। मैं मंत्री रेखा आर्य से मिला और उन्हें स्थिति की वास्तविकता समझाई। मैंने सुझाव दिया कि युवा कल्याण विभाग से स्टेडियम का नियंत्रण खेल मंत्रालय को दिया जाए, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आए और बजट की समस्या भी हल हो सके। इसके अलावा, मैंने ओपन जिम बनाने का प्रस्ताव रखा, जिससे स्थानीय युवा खेलों के प्रति और अधिक प्रेरित होंगे। मैं उम्मीद करता हूँ कि खेल मंत्रालय के हस्तांतरण और उचित बजट आवंटन से इस परियोजना को तेजी से मूर्त रूप दिया जाएगा। रामनगर की युवा प्रतिभाएँ लंबे समय से अपने खेल के साधनों के लिए इंतजार कर रही हैं, और अब यह सपना जल्द ही साकार होगा। मैं यह भी चाहता हूँ कि स्थानीय विधायक और प्रशासन इस परियोजना को पूर्णता तक पहुँचाने में सहयोग दें, ताकि क्षेत्र के युवा अपनी खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक प्रदर्शित कर सकें। स्टेडियम निर्माण केवल खेल का साधन नहीं, बल्कि यह रामनगर के युवाओं के भविष्य और स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है।

इंदर रावत ने बताया कि मंत्री रेखा आर्य ने इस मामले पर ध्यान देते हुए कहा कि खेल मंत्रालय को स्टेडियम हस्तांतरित करने के लिए मुख्यमंत्री की सहमति आवश्यक है और वह इस दिशा में शीघ्र पहल करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि खेल प्रतिभाओं के लिए ओपन जिम निर्माण के प्रस्ताव को नए बजट सत्र में या उससे पहले जिला योजना के तहत मंजूरी दी जाएगी। मंत्री के इस आश्वासन से स्थानीय युवा और खेल समुदाय में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से रुकी परियोजना अब गति पकड़ेगी।
इंदर रावत ने कहा कि रामनगर में खेल परिसर की कमी ने वर्षों से स्थानीय युवाओं को कठिन स्थिति में रखा है। वर्ष 2003 में एन डी तिवारी की घोषणा के बाद कई वर्षों तक यह योजना कागजों तक ही सीमित रही। इसके बाद कांग्रेस और भाजपा के नेताओं अमृता रावत और दीवान सिंह बिष्ट ने भी इस मामले को प्राथमिकता दी, लेकिन वास्तविक निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका। उन्होने कहा कि इस दौरान केवल विधायक निधि से चेंजिंग रूम और चारदीवारी का काम किया गया, जो खिलाड़ियों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ साबित हुआ। इंदर रावत ने कहा कि स्थानीय खेल समुदाय इस लंबे इंतजार से निराश रहा है और अब इस दिशा में ठोस पहल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्थानीय युवाओं और खेल प्रेमियों का कहना है कि स्टेडियम का निर्माण न केवल उनकी खेल प्रतिभाओं को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में खेल गतिविधियों और प्रतियोगिताओं को भी बढ़ावा देगा। मंत्री रेखा आर्य ने स्पष्ट किया कि वह खेल मंत्रालय और मुख्यमंत्री के माध्यम से इस प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के प्रयास में लगी हैं। ओपन जिम समेत अन्य आधुनिक खेल साधनों का निर्माण युवाओं के लिए आवश्यक है, जिससे उन्हें प्रशिक्षण और विकास के बेहतर अवसर मिल सकें।

स्थानीय निवासियों और खेल प्रेमियों ने इस पहल का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि रामनगर के युवा वर्षों से एक उचित खेल मैदान की प्रतीक्षा कर रहे हैं और अब इस परियोजना के तेज़ी से निर्माण की उम्मीद जगी है। इंदर रावत ने कहा कि खेल मंत्रालय को स्टेडियम सौंपने के बाद निर्माण कार्य में गति आएगी और ओपन जिम समेत अन्य सुविधाओं का विकास भी संभव होगा। यह परियोजना क्षेत्र में खेल के प्रति रुचि और उत्साह बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस पूरी पहल के पीछे स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार की संज्ञानात्मक भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मंत्री रेखा आर्य के सक्रिय कदम और भाजपा नेता इंदर रावत के सुझावों से यह उम्मीद बढ़ी है कि रामनगर में वर्षों से रुकी हुई मिनी स्टेडियम परियोजना अब वास्तविक रूप लेगी। खेल प्रतिभाओं को उचित साधन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। स्टेडियम का निर्माण पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा और युवा खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
इस पूरे मामले ने यह स्पष्ट किया है कि रामनगर में खेल गतिविधियों के लिए संसाधनों की अत्यंत आवश्यकता है। पुराने वादों और घोषणाओं के बावजूद लंबे समय तक निर्माण कार्य नहीं होने के कारण युवाओं में निराशा रही। अब खेल मंत्रालय के हस्तांतरण और ओपन जिम के प्रस्ताव के साथ यह परियोजना नई दिशा में आगे बढ़ने की संभावना रखती है। स्थानीय खिलाड़ी, प्रशिक्षक और खेल प्रेमी सभी इस पहल को लेकर उत्साहित हैं और जल्द ही वास्तविक निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद कर रहे हैं।
अंततः यह परियोजना न केवल रामनगर बल्कि पूरे कुमाऊँ क्षेत्र के खेल परिदृश्य को बदलने की क्षमता रखती है। मंत्री रेखा आर्य ने स्पष्ट किया कि बजट आवंटन और मंजूरी प्रक्रिया में जल्द ही गति आएगी, जिससे खेल प्रतिभाओं को आवश्यक संसाधन मिलेंगे। इंदर रावत के सुझावों और स्थानीय समुदाय के समर्थन से यह संभावना है कि मिनी स्टेडियम जल्द ही फाइलों से बाहर निकलकर वास्तविकता में तब्दील होगा। ओपन जिम और आधुनिक खेल उपकरण युवाओं को स्वस्थ और सक्रिय जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। यह पहल खेल क्षेत्र में नई ऊर्जा और विकास की राह खोलेगी।



