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आधार अपडेट के लिए रामनगर में उमड़ी भीड़ व्यवस्था ध्वस्त सुबह से लंबी कतारें

तहसील का आधार केंद्र बंद होने से गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों से आए लोग घंटों लाइन में खड़े, सर्वर समस्या से जनता परेशान।

रामनगर। आधार कार्ड अपडेट कराने वालों की बढ़ती भीड़ ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। नगर के ब्लॉक परिसर में स्थित आधार केंद्र पर हालात इतने खराब हो चुके हैं कि सुबह पांच बजे से ही लोगों को लाइन लगानी पड़ रही है। दूर-दराज़ के गांवों और सुदूरवर्ती इलाकों से आए लोग घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। आधार अपडेट जैसे जरूरी कार्य के लिए लोग बच्चों की स्कूल छुट्टी करवा रहे हैं, मजदूरी छोड़ रहे हैं और दिनभर लाइन में खड़े रहने के बाद भी काम नहीं हो पा रहा। लगातार उमड़ रही भीड़ के कारण आधार केंद्र की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आ रही है और आम जनता में गहरा रोष देखा जा रहा है।

ब्लॉक परिसर में मौजूद आधार केंद्र पर हालात इतने गंभीर हैं कि लंबी-लंबी कतारें परिसर से बाहर तक फैल गई हैं। मौके पर मौजूद लोग बता रहे हैं कि वे कई दिनों से आ रहे हैं, लेकिन हर बार या तो सर्वर की समस्या बताकर वापस भेज दिया जाता है या फिर टोकन आने से पहले ही काउंटर बंद कर दिया जाता है। भीड़ इतनी अधिक है कि धूप, ठंड और अव्यवस्था के बीच बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे बच्चे सबसे ज्यादा परेशान दिख रहे हैं। कई लोगों ने बताया कि उनके नंबर कई दिन पहले के लगे हुए हैं, फिर भी आज तक उनका काम नहीं हो सका। आधार केंद्र के बाहर लगी भीड़ व्यवस्था के अभाव का साफ उदाहरण पेश कर रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि रामनगर तहसील का आधार केंद्र बंद होना भी इस अव्यवस्था का बड़ा कारण है। पहले तहसील में आधार से जुड़े काम होने से भीड़ का दबाव बंट जाता था, लेकिन अब वहां केंद्र बंद होने के बाद सारा बोझ ब्लॉक परिसर के आधार केंद्र पर आ गया है। इसके चलते प्रतिदिन सैकड़ों लोग यहां पहुंच रहे हैं। गांवों से आए लोगों को उम्मीद रहती है कि आज उनका काम हो जाएगा, लेकिन घंटों लाइन में लगने के बाद जब सर्वर डाउन या नंबर खत्म होने की बात कही जाती है तो उन्हें मायूसी के साथ लौटना पड़ता है। इससे लोगों का समय, पैसा और ऊर्जा तीनों बर्बाद हो रही है।

आधार अपडेट कराने पहुंचे लोगों ने बताया कि वे सुबह अंधेरे में ही घर से निकल जाते हैं। कई लोगों का कहना है कि वे सुबह पांच बजे से लाइन में खड़े हैं, लेकिन दोपहर तक भी नंबर नहीं आया। एक व्यक्ति ने बताया कि उसका नंबर 22 नवंबर का लगा हुआ है, लेकिन कई बार आने के बावजूद आज तक उसका आधार अपडेट नहीं हुआ। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और रोज-रोज आने-जाने में अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब आधार कार्ड आज हर सरकारी योजना और सुविधा के लिए जरूरी है, तो फिर इसकी व्यवस्था इतनी बदहाल क्यों है।

आधार केंद्र पर मौजूद अव्यवस्था का आलम यह है कि बाहर एक बोर्ड लगा हुआ है, जिस पर अपडेट की जानकारी लिखी गई है, लेकिन जमीनी हकीकत उससे बिल्कुल अलग नजर आती है। लोग बोर्ड देखकर लाइन में लगते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि सर्वर काम नहीं कर रहा या आज सीमित संख्या में ही अपडेट होंगे। इससे लोगों में भ्रम और नाराजगी दोनों बढ़ रही हैं। कई बार कर्मचारियों और आम लोगों के बीच कहासुनी की स्थिति भी बन जाती है। लगातार बढ़ती भीड़ के बीच किसी तरह की समुचित व्यवस्था या अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती न होना प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।

इस पूरे मामले पर जब उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार से सवाल किया गया तो उन्होंने स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया कि वर्तमान में रामनगर क्षेत्र में जितने आधार केंद्र स्वीकृत हैं, वे संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि तहसील में भी एक आधार केंद्र खोला गया था, लेकिन वहां कार्यरत कर्मचारी के लाइसेंस से जुड़ी समस्या के कारण वह केंद्र फिलहाल बंद हो गया। अब नए कर्मचारियों को लाइसेंस मिल चुका है और नई सामग्री के लिए संबंधित सचिव को भेजा गया है। जैसे ही उपकरण उपलब्ध होंगे, तहसील में अतिरिक्त आधार केंद्र शुरू कर दिया जाएगा, जिससे भीड़ का दबाव कम होगा।

उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने यह भी बताया कि वर्तमान में पोस्ट ऑफिस में आधार केंद्र संचालित है, इसके अलावा तहसील परिसर, ब्लॉक के पास स्थित जीआईसी और बेलवाड़ा में भी आधार केंद्र कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ केंद्रों की संख्या कम होने से अस्थायी रूप से समस्या बढ़ी है, लेकिन जैसे-जैसे नए केंद्र सक्रिय होंगे, लोगों को राहत मिलेगी। प्रशासन का दावा है कि केंद्रों की संख्या बढ़ने के साथ ही आधार कार्ड बनाने और अपडेट कराने की प्रक्रिया सुचारु हो जाएगी और आम जनता को घंटों लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।

फिलहाल, रामनगर के आधार केंद्र पर हालात आम लोगों के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं। रोजाना उमड़ती भीड़, सर्वर की समस्या और सीमित संसाधनों के चलते लोग परेशान हैं और प्रशासन से जल्द ठोस समाधान की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि आधार जैसे जरूरी दस्तावेज के लिए इस तरह की अव्यवस्था स्वीकार्य नहीं है। यदि जल्द अतिरिक्त आधार केंद्र नहीं खोले गए और व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं, तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर ठोस कार्रवाई चाहती है।

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