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अटल बिहारी वाजपेई की 101वीं जयंती पर काशीपुर नगर निगम में भव्य प्रदर्शनी, श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति का संगम

महापौर दीपक बाली के नेतृत्व में भाजपा नेताओं और नागरिकों ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के विचार, सुशासन, राष्ट्रनिर्माण और प्रेरक व्यक्तित्व को प्रदर्शनी के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाया।

काशीपुर। नगर निगम प्रांगण उस समय भावनाओं, स्मृतियों और राष्ट्रभक्ति से सराबोर दिखाई दिया, जब भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेई जी की 101वीं जयंती स्मृति सप्ताह के अंतर्गत उनके जीवन पर आधारित भव्य प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। इस प्रदर्शनी का शुभारंभ महापौर दीपक बाली सहित अनेक भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फीता काटकर किया तथा देश के इस महान सपूत को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। आयोजन के दौरान पूरा परिसर “अटल बिहारी वाजपेई अमर रहें” जैसे जयकारों से गूंज उठा। प्रदर्शनी का उद्देश्य अटल जी के राजनीतिक, वैचारिक और राष्ट्रीय योगदान को जनमानस तक पहुंचाना रहा, ताकि आने वाली पीढ़ी उनके विचारों से प्रेरणा ले सके। कार्यक्रम में मौजूद नागरिकों के चेहरों पर गर्व और सम्मान की भावना साफ झलक रही थी, जिसने इस आयोजन को एक ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

इस अवसर पर नगर निगम परिसर में बड़ी संख्या में भाजपा नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्र हुए और उन्होंने प्रदर्शनी का सामूहिक रूप से अवलोकन किया। प्रदर्शनी में अटल बिहारी वाजपेई जी के जीवन से जुड़े दुर्लभ चित्र, उनके ऐतिहासिक भाषणों के अंश और महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णयों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। उद्घाटन के उपरांत निगम सभागार में श्री अटल बिहारी वाजपेई जी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी गई। उपस्थित नेताओं ने उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अटल जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि विचार, संवेदना और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक थे। जयकारों और तालियों के बीच पूरे वातावरण में देशभक्ति की गूंज सुनाई देती रही, जिसने कार्यक्रम को अत्यंत प्रभावशाली बना दिया।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पीसीयू चेयरमैन राम मल्होत्रा, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता गुरविंदर सिंह चंडोक, महापौर दीपक बाली, जिला महामंत्री अमित सिंह, जिला उपाध्यक्ष मोहन बिष्ट, मंडल अध्यक्ष अर्जुन सिंह, बृजेश पाल, पार्षद एवं सांसद प्रतिनिधि विजय बॉबी, अनूप प्रताप सिंह, दीपा, अशोक सैनी, अनिल कुमार, सीमा सागर, दीपा पाठक, पुष्कर बिस्ट, अनीता कांबोज, वैशाली गुप्ता, प्रिंस बाली, मुकेश पाहवा, चौधरी समरपाल सिंह, राजेंद्र सैनी, राजीव अरोरा, बच्चू, शेष कुमार, सितारा, प्रकाश नेगी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूह की गायत्री देवी, ममता पोखरियाल, मधु, सरिता, फैमिदा, संजय भाटिया, शंकर सिंह, राजीव खरबंदा, धीरज वर्मा, राजकुमार यादव सहित बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भी सहभागिता की। सभी ने एक स्वर में अटल जी के योगदान को नमन किया।

नगर निगम प्रांगण में आयोजित इस प्रदर्शनी ने एक भावपूर्ण और ऐतिहासिक दृश्य प्रस्तुत किया। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी की 101वीं जयंती पर उनके जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को समर्पित यह आयोजन महापौर दीपक बाली के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नगर के जनप्रतिनिधि, अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न वर्गों के नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। प्रदर्शनी को इस प्रकार सजाया गया था कि अटल जी के व्यक्तित्व की गहराई, उनकी दूरदृष्टि और उनके सिद्धांतों को सरल भाषा में समझा जा सके। यह प्रयास केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवाओं और आम जनता के लिए प्रेरणा का सशक्त माध्यम बनकर उभरा।

महापौर दीपक बाली ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी भारतीय राजनीति के ऐसे स्तंभ रहे हैं, जिनकी सोच सत्ता से कहीं आगे राष्ट्र के भविष्य को लेकर थी। उन्होंने सुशासन, संवाद और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को अपने कार्यकाल में सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। महापौर ने कहा कि अटल जी की जयंती मनाना मात्र औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके विचारों को आत्मसात करने का अवसर है। उन्होंने यह भी कहा कि आज जब देश विभिन्न सामाजिक और वैश्विक चुनौतियों से गुजर रहा है, तब अटल जी की दूरदर्शिता, संतुलन और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो जाती है। प्रदर्शनी में उनके जीवन से जुड़े दुर्लभ क्षणों को देखकर लोग भावुक भी नजर आए।

इस दौरान पीसीयू चेयरमैन राम मल्होत्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदर्शनी और स्मृति सप्ताह के उद्देश्य को बेहद सधे, प्रभावशाली और प्रेरणादायक शब्दों में रखा। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मतिथि को भारतीय जनता पार्टी पूरे सम्मान और उत्साह के साथ मना रही है। दिसंबर माह से लगातार देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और यह पूरा सप्ताह पार्टी के लिए विचार, स्मृति और संकल्प का प्रतीक बना हुआ है। उन्होंने बताया कि आज नगर निगम परिसर में महापौर दीपक बाली के साथ मिलकर इस प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं और आम जनता को यह समझाना है कि अटल जी ने देश के लिए क्या-क्या किया और उन्होंने किस तरह अपना पूरा जीवन राष्ट्र सेवा को समर्पित किया।

राम मल्होत्रा ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी केवल प्रधानमंत्री ही नहीं थे, बल्कि वे हर परिस्थिति में देश के लिए संघर्ष करने वाले सच्चे राष्ट्रनायक थे। चाहे वे प्रधानमंत्री पद पर रहे हों या भारतीय जनता पार्टी के एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर रहे हों, उन्होंने हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अटल जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि सत्ता से बड़ा सिद्धांत होता है और पद से बड़ा राष्ट्र। ऐसे महान आत्मा को हम सभी नमन करते हैं और कामना करते हैं कि भारतीय जनता पार्टी का हर कार्यकर्ता उनके पदचिन्हों पर चलकर पार्टी और देश को आगे बढ़ाने का कार्य करे।

उन्होंने आगे कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी जिस तेजी से आगे बढ़ रही है, उससे न केवल देश बल्कि पूरे विश्व में भारत की पहचान मजबूत हुई है। राम मल्होत्रा ने विश्वास जताया कि पार्टी का यह वैचारिक सफर एक दिन भारत को विश्व गुरु की भूमिका में स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि अटल जी के विचारों और आदर्शों पर चलते हुए ही यह संभव हो पाया है कि आज देश आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और वैश्विक मंच पर अपनी बात मजबूती से रख रहा है।

युवाओं को संदेश देते हुए राम मल्होत्रा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी के जीवन से सीखने योग्य बातें अनगिनत हैं, लेकिन दो मूल सिद्धांत सबसे अहम हैं। पहला, सत्य और सही बात के लिए कभी किसी के सामने झुकना नहीं चाहिए और दूसरा, भय या दबाव में आकर कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहिए। उन्होंने अटल जी के प्रसिद्ध कथन “मैं झुकूंगा नहीं” का उल्लेख करते हुए कहा कि यही साहस, यही आत्मबल और यही नैतिक मजबूती युवाओं को अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अटल जी के चरित्र से अगर कोई कार्यकर्ता या युवा दो-चार गुण भी अपने जीवन में उतार ले, तो वह निश्चय ही एक सफल, सशक्त और राष्ट्र के लिए समर्पित व्यक्ति बन सकता है।

प्रदर्शनी के माध्यम से यह स्पष्ट रूप से दर्शाया गया कि किस प्रकार अटल बिहारी वाजपेई जी ने एक कुशल प्रशासक के रूप में देश को स्थिरता, विकास और वैश्विक पहचान की दिशा में आगे बढ़ाया। उनकी नेतृत्व शैली में अनुशासन के साथ मानवीय संवेदना का संतुलित समावेश देखने को मिलता था। उपस्थित लोगों ने चर्चा के दौरान कहा कि अटल जी के निर्णयों में हमेशा देश की एकता, अखंडता और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की चिंता झलकती थी। उनके कार्यकाल में लिए गए साहसिक फैसलों और दूरगामी नीतियों ने भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद संवाद और सहमति की परंपरा को मजबूत करना उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान रही, जिसे प्रदर्शनी में प्रभावी ढंग से दर्शाया गया।

कार्यक्रम में शामिल वरिष्ठ नागरिकों ने अटल बिहारी वाजपेई जी को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी वाणी में ओज और व्यवहार में सरलता का अद्भुत संगम था। उनके भाषण केवल राजनीतिक बयान नहीं होते थे, बल्कि उनमें साहित्यिक सौंदर्य, मानवीय करुणा और राष्ट्र के प्रति गहरी प्रतिबद्धता झलकती थी। प्रदर्शनी में अटल जी के कवि हृदय को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे राजनीति के साथ-साथ साहित्य और विचार के भी महान साधक थे। युवाओं ने भी प्रदर्शनी को देखकर कहा कि ऐसे आयोजन उन्हें इतिहास से जोड़ते हैं और राष्ट्र के लिए कुछ सकारात्मक करने की प्रेरणा देते हैं।

इस पूरे आयोजन के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि अटल बिहारी वाजपेई जी के मूल्य, सिद्धांत और विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने राजनीति को सेवा का माध्यम मानकर अपने जीवन का हर क्षण राष्ट्र को समर्पित किया। प्रदर्शनी में उनके जीवन के विभिन्न चरणों को क्रमबद्ध ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे दर्शकों को उनके संघर्ष, उपलब्धियों और योगदान की समग्र झलक मिली। दिनभर नगर निगम प्रांगण में लोगों का आना-जाना लगा रहा और हर आगंतुक ने इस पहल की सराहना की। महापौर दीपक बाली ने अंत में कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन किए जाएंगे, ताकि देश के महान नेताओं की विचारधारा को जीवंत रखा जा सके। यह आयोजन न केवल श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी की स्मृति को सम्मान देने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि समाज को सकारात्मक सोच और राष्ट्रहित के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला भी बना।

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